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वाराणसी जेल में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग, सीएम को शिकायती पत्र

वाराणसी जेल में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग, सीएम को शिकायती पत्र
Dec 02, 2025, 09:39 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने वाराणसी जेल में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में यूपी के मुख्यमंत्री को शिकायत प्रेषित कर जांच की मांग की है. उन्होंने कहा है कि मीडिया में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार जेल परिसर के अंदर पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू सुरती और गांजे की पुड़िया बहुत ही ऊँचे दाम पर बेचे जाने के आरोप है. रिपोर्ट के अनुसार जहां बाहर दो रुपए में पान मसाला मिलता है वहीं जेल में यह ₹10 में मिलता है, ₹10 की सिगरेट 30 से ₹40 में और ₹5 की सुरती की पुड़िया 15 से 20 रुपए में बेची जा रही है. गांजे की पुड़िया रु 100 से लेकर 500 तक बेचे जाने के आरोप हैं.


रिपोर्ट के अनुसार स्वादिष्ट भोजन और रहने के स्थान के नाम पर भारी वसूली हो रही है. महीने के खाने के लिए ₹500, अच्छी बैरक के लिए 10000 से ₹25000 और सोने की जगह पाने के लिए रु 3000 से ₹5000 लेने की बात कही गई है जहाँ नियमों के अनुसार बंदियों को अल्फाबेट के हिसाब से बैरक में रखना चाहिए लेकिन इसका घोर उल्लंघन बताया जा रहा है. इसी प्रकार कैंटीन में ₹10 का टूथपेस्ट 30-35 में, ₹10 का बिस्किट ₹50 में, ₹10 का छोटा साबुन ₹40 में बेचा जा रहा है. यही नहीं बाहर जो रुपए जमा कराए जाते हैं उसमें एक अच्छा खासा रुपया बाहर ही रख लिया जाता है. साथ ही मोबाइल फोन, चार्जर और अन्य प्रतिबंधित सामानों की डिलीवरी में भी हजारों रुपए लिए जा रहे हैं. इसी प्रकार से मुलाकात के नाम पर हर बंदी के परिजनों से 500 से 1000 रुपए लिए जाने और प्रतिदिन 170 से 180 मुलाकातों की बात भी बताई गयी है.


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अमिताभ ठाकुर ने कहा कि वे 7 महीने लखनऊ जेल में रहे, जहां उन्होंने इनमें से हर एक बात को स्वयं अपने आसपास होते देखी, जिसके संबंध में उन्होंने तमाम शिकायतें कीं, किन्तु जेल विभाग के भ्रष्ट अफसरों ने मिलमिला कर उन्हें रफादफा कर दिया, जिसके संबंध में वे अभी तक प्रयासरत हैं. उन्होंने जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव तथा डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव को ट्रान्सफर कर इन आरोपों की एक वरिष्ठ आईएएस अफसर से जाँच की मांग की है.

नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंत
नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंत
वाराणसी : सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ नगर निगम का अभियान जारी है. इस क्रम में सोमवार को बीएलडब्ल्यू रोड ( ककरमत्ता ) में करीब एक बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन को निगम ने पूरी अतिक्रमण मुक्त करा लिया है. बाजार दर इस भूमि की कुल कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. दरअसल ​यह प्रकरण मौजा ककरमत्ता (परगना देहात अमानत) स्थित अराजी नंबर 411 का है, जिसके संबंध में रामनरायन पुत्र स्व. गज्जन द्वारा वर्ष 1988 में धारा 229(ख) के तहत उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य को विपक्षी बनाते हुए भूमिधरी अधिकार का दावा योजित किया गया था.वादी पक्ष का कहना था कि उनके दादा पुनवासी वर्ष 1356 व 1359 फसली से उक्त भूमि पर काबिज चले आ रहे हैं, इसलिए उन्हें स्थायी भूमिधर दर्ज किया जाए. लंबे समय से चल रहे इस कानूनी विवाद में कई बार अपील और निगरानी याचिकाएं भी दाखिल की गईं. महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर निगम की ओर से इस प्रकरण की प्रभावी पैरवी की गई. मामले की विस्तृत सुनवाई करते हुए न्यायालय अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सदर (प्रज्ञा सिंह) की पीठ ने वाद संख्या 1987/2025 में पत्रावली व राजस्व अभिलेखों का गहन अवलोकन किया.अदालत ने पाया कि फसली वर्ष 1356 व 1359 खसरे के कॉलम आठ में सिंघाडा तथा कॉलम 19 में 'पोखरी दर्ज है. उप्र जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा 132 के अनुसार पोखरी व तालाब सार्वजनिक उपयोग की भूमि की श्रेणी में आते हैं. ​अदालत ने धारा 132 में वर्णित सार्वजनिक उपयोग की पोखरी भूमि पर किसी असामी को पांच वर्ष से अधिक अवधि के लिए पट्टे का अधिकार नहीं दिया जा सकता और न ही उसे संक्रमणीय भूमिधर घोषित किया जा सकता है. अदालत ने वादी के दावे को बलहीन मानते हुए खारिज कर दिया तथा अराजी संख्या 411 से समस्त खातों के नाम निरस्त कर राजस्व अभिलेखों में पुनः 'पोखरी' दर्ज करने का आदेश सुनाया.ALSO READ: वाराणसी में हवाई फायरिंग करने वाले को पब्लिक ने पुलिस को सौंपा, पिस्‍टल और कारतूस बरामद...तीन जेसीबी लगाकर खुदाई शुरून्यायिक आदेश का पालन कराते हुए महापौर के निर्देश पर निगम सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. जिस तालाब को भू-माफिया द्वारा कूड़े से पाट दिया गया था, वहां निगम ने मौके पर ही तीन जेसीबी लगाकर तालाब खोदवाना शुरू करा दिया है, ताकि पोखरे को पुनः उसके वास्तविक अस्तित्व में लाया जा सके.कब्जामुक्त कराई गई इस जमीन पर स्थित पोखरे को उसके मूल स्वरूप में सौंदर्यीकरण कर आकर्षक ढंग से विकसित किया जाएगा. पोखरे के पुनरुद्धार से क्षेत्र का भू-गर्भ जलस्रोत का स्तर (ग्राउंड वॉटर लेवल) बेहतर होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
वाराणसी में हवाई फायरिंग करने वाले को पब्लिक ने पुलिस को सौंपा, पिस्‍टल और कारतूस बरामद...
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वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र के गिलट बाजार में रविवार देर रात हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले एक युवक को पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के कब्जे से .32 बोर की अवैध देशी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर प्लस बाइक, दो मोबाइल फोन और एक पीली धातु की चेन बरामद हुई है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.पुलिस के अनुसार देररात करीब 1:22 बजे शिवपुर पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्‍त कर रहे थे. इसी दौरान सूचना मिली कि गिलट बाजार-भोजूबीर मार्ग पर एक युवक पिस्टल से हवाई फायरिंग कर मोटरसाइकिल से फरार हो गया है. सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि फायरिंग करने वाला युवक पंचकोशी रोड की ओर भागा है. पुलिस ने पीछा किया तो पंचकोशी रोड स्थित सरकारी राशन की दुकान के पास लोगों ने आरोपी को घेर रखा था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को गिरफ्त में ले लिया.पूछताछ में उसकी पहचान अंकित सोनी (24) निवासी ग्राम लखपेड़ा भवानीगंज, थाना संग्रामगढ़, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई. तलाशी के दौरान उसके पास से 32 बोर की एक अवैध पिस्टल, जिस पर 'मेड इन यूएसए' अंकित था, तथा चार जिंदा कारतूस बरामद हुए. इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन (वीवो और नोकिया), कपड़े तथा पीली धातु की एक चेन भी मिली. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक चालान एप के माध्यम से बाइक की जांच की तो उसका मूल पंजीकरण नंबर यूपी-72-सीके-9133 मिला. इसके बाद मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया.ALSO READ:शारजाह से तस्‍करी कर वाराणसी एयरपोर्ट लाया गया सोना जब्‍त, हिरासत में भारतीय यात्री...थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने हवाई फायरिंग क्यों की और उसके पास अवैध हथियार कहां से आया. पुलिस उसके आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है.
शारजाह से तस्‍करी कर वाराणसी एयरपोर्ट लाया गया सोना जब्‍त, हिरासत में भारतीय यात्री...
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वाराणसी : राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 491.290 ग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया है. यह कार्रवाई 26 जुलाई 2026 को की गई, जब अधिकारियों को जानकारी मिली कि एक भारतीय यात्री शारजाह से तस्करी कर सोना भारत ला रहा है.डीआरआई के अधिकारियों ने सुनियोजित अभियान के तहत उस भारतीय नागरिक को रोका, जो शारजाह से वाराणसी पहुंचा था. यात्री की तलाशी और विमान की गहन जांच के दौरान, उसकी सीट के नीचे से पेस्ट/कम्पाउंड के रूप में छिपाकर रखा गया सोना बरामद किया गया. इस निकासी के दौरान कुल 491.290 ग्राम (शुद्ध) 24 कैरेट विदेशी मूल का सोना जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹70 लाख है. इसके बाद, उक्त यात्री को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया गया.डीआरआई ने इस मामले में सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी संलिप्तता का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी रखी है. इससे पहले, 23 जुलाई 2026 को, डीआरआई ने कूच बिहार से नई दिल्ली जा रही एक महिला यात्री को गिरफ्तार किया था, जो बांग्लादेश से तस्करी कर विदेशी मूल का सोना ले जा रही थी. इस कार्रवाई में लगभग 4.98 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹7.11 करोड़ थी.ALSO READ:मंडुआडीह में किराए के विवाद को लेकर निकली तलवार, हमले का लगा आरोप...डी.आर.आई द्वारा जनवरी 2026 से अब तक उत्तर प्रदेश में आठ विभिन्न मामलों में लगभग 13.267 किलोग्राम तस्करी का विदेशी मूल का सोना जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 19 करोड़ है. इन मामलों में नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. डीआरआई की यह कार्रवाई तस्करी के खिलाफ उनकी सख्त नीति को दर्शाती है और यह संकेत देती है कि वे इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए गंभीर हैं. अधिकारियों का कहना है कि वे तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.