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दालमंडी में 5 जनवरी से ध्वस्तीकरण, रजिस्ट्रीधारी मकान वाले जल्द खाली करें:प्रशासन

दालमंडी में 5 जनवरी से ध्वस्तीकरण, रजिस्ट्रीधारी मकान वाले जल्द खाली करें:प्रशासन
Dec 30, 2025, 10:02 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी- दालमंडी का चौड़ीकरण सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद वाराणसी प्रशासन मिशन मोड में करवा रहा है. पीडब्ल्यूडी विभाग ने चौक थाने में चिह्नित 186 मकानों की रजिस्ट्री से संबंधित कैंप लगा रखा है. अभी तक कुल 40 लोगों ने अपनी रजिस्ट्री करवा ली है.नवंबर में कुछ मकानों के ध्वस्तीकरण के बाद कार्रवाई रुक गई थी.


लेकिन 5 जनवरी के बाद से एक बार फिर दालमंडी गली में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी, इसे लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग ने दालमंडी में मुनादी करवाई है. जिसमें रजिस्ट्री करवा चुके लोगों को एक सप्ताह के अंदर मकान खाली करने को कहा गया है.


5 जनवरी से ध्वस्तीकरण की योजना


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पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया -नवंबर के बाद दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई थी. सभी विभागों की बैठक के बाद 5 जनवरी से दोबारा ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू करने की कार्य योजना बनाई जा रही है.इसे लेकर पुलिस और नगर निगम विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई है. ऐसे में दालमंडी में मुनादी करवाकर वो लोग जिन्होंने अपनी रजिस्ट्री करवा ली है और उन्हें मुआवजा मिल चुका है, उन्हे अपने मकान एक सप्ताह में छोड़ने का आग्रह किया गया है।


कुल 40 मकानों की हुई रजिस्ट्री


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केक सिंह ने बताया दालमंडी गली का चौड़ीकरण सरकार की प्राथमिकता है,ऐसे में पीडब्ल्यूडी विभाग ने अपना कैंप कार्यलय चौक थाना परिसर में खोला है,इस कैंप कार्यालय में अभी तक 40 लोगों ने अपनी रजिस्ट्री कराई है.अभी भी रोजाना 15 से 20 मकान मालिक रोजाना रजिस्ट्री से संबंधित जानकारी लेने आ रहे हैं.उन्हें बताया जा रहा है और उसके बाद वो अपने कागजात लेकर आ रहे हैं और रजिस्ट्री करवा रहे हैं.


6 मकानों का हुआ ध्वस्तीकरण


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दालमंडी चौड़ीकरण में कुल 186 मकान चिह्नित किए गए हैं, जिसमें से 40 ने रजिस्ट्री कराई है और 6 मकानों को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा चुका है, ऐसे में मिशन की तरह सरकार इस काम को अंजाम दे रही है केके सिंह ने बताया - हमने मुनादी करवाकर सभी रजिस्ट्री शुदा मकान मालिकों को मकान खाली करवाने और जिनके मकान चिह्नित हैं,उन्हें मकान की रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा है.


पीएम के शिलान्यास के साथ 215 करोड़ का प्रोजेक्ट


वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है, प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था. इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं.186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे.


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60 फुट चौड़ी होगी सड़क


पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दालमंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है. इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी.इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी. यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा.


मार्केट होगी पहले से बेहतर


विभाग की मानें तो चौड़ीकरण के बाद मार्केट में आवाजाही में आसानी होगी। साथ ही मार्केट में लोग पहले से बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे। सभी भवन चिह्नित और रजिस्टर्ड कर लिए गए हैं। जल्द ही मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

श्रीकाशी विश्‍वनाथ धाम में लगे एयर प्‍यूरीफायर  श्‍मशान का धुआं बन रही शुद्ध हवा...
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वाराणसी : सावन में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर धाम में प्रदूषण का शुद्धीकरण हो रहा है. इसके तहत अब श्रद्धालुओं को शुद्ध हवा मिलने की कवायद की गई है. इसके लिए स्टेनलेस स्टील से निर्मित 20 से ज्यादा एयर प्यूरीफायर लगाए गए हैं. ये मशीनें मणिकर्णिका घाट की चिताओं से उठने वाले धुएं को भी साफ हवा में बदलती हैं. ये एयर प्यूरीफायर हर घंटे 3 लाख घनमीटर हवा को शुद्ध कर रहे हैं. मणिकर्णिका के पास में ही गंगा द्वार के पास बने रैंप भवन में इस अत्याधुनिक स्वदेशी वायु शुद्धिकरण सिस्टम को लगाया गया है.यह स्वदेशी तकनीक वातावरण में मौजूद कई प्रकार के प्रदूषकों को अपनी ओर खींचकर उन्हें हवा से समाप्त करती है. यह 100 नैनोमीटर से 50 माइक्रोन आकार तक के सूक्ष्म कणों, जैसे नैनो ब्लैक कार्बन, परागकण (पोलन), जैविक कणों को हटाने में सक्षम है. यह बजड़ों से निकलते वाले धुएं के सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों को भी निष्क्रिय करते हैं. साथ ही हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीवों को भी मारता है. मंदिर में कुल 58 एयर प्यूरीफायर स्थापित किए जाने हैं.ALSO READ : वाराणसी में लेनदेन के विवाद ने लिया हिंसक रूप कार से कुचलने का प्रयास...शुद्ध पेयजल, बराबर होती है जांच सावन से पहले मंदिर एसडीएम शंभू शरण ने यूनिट का निरीक्षण कर व्यवस्था की समीक्षा की और कर्मचारियों को निर्देश भी दिए. वहीं, पूरी व्यवस्था को परखकर गुणवत्ता की जांच भी की. भक्तों को हवा के साथ शुद्ध पानी भी मिलेगा. हर सप्ताह मंदिर में लगे वाटर कूलर के पानी की गुणवत्ता जांची जा रही है. रीजनल वाटर एनालिसिस लेबोरेटरी में इसका सैंपल भेजा जा रहा है और इसकी रिपोर्ट वाटर कूलर पर ही चिपका दिया जा रहा है. इसमें भक्तों को पानी के पीएच, टीडीएस, टर्बिडिटी, हार्डनेस, क्लोराइड, फ्लोराइड, नाइट्रेट, आयरन समेत कई मानकों का परीक्षण किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार सभी प्रमुख पैरामीटर निर्धारित मानकों के अनुरूप मिले हैं. मंदिर प्रशासन के अनुसार, बाबा विश्वनाथ के दर्शन के दौरान भक्तों को सुरक्षित पानी ही मिलेगा.
वाराणसी में लेनदेन के विवाद ने लिया हिंसक रूप कार से कुचलने का प्रयास...
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वाराणसी : शहर के पहड़िया मंडी इलाके में 10 हजार रुपये के लेनदेन का विवाद हिंसा में तब्‍दील हो गया. दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के बाद एक युवक ने कार से जानबूझकर तीन लोगों को कुचलने का प्रयास किया, जिससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जबकि सीसीटीवी फुटेज और तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है.मामले की जानकारी देते हुए जैतपुरा थाने की पुलिस ने बताया कि 26 जुलाई की रात करीब 11 बजे पहड़िया मंडी स्थित विशाल मेगा मार्ट के सामने दो पक्ष पैसे की लेनदेन को लेकर आपस में भीड़ गए. पुलिस ने बताया कि चंदौली निवासी विशाल सिंह और गोलू चौधरी के बीच 10 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था. इसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई. आरोप है कि इस दौरान गोलू चौधरी, उसके साथी अनीश गौतम और अन्य लोगों ने विशाल सिंह के छोटे भाई विवेक सिंह के साथ मारपीट की.वहीं, मारपीट से नाराज विशाल सिंह ने अपनी कार को तेज रफ्तार में घटनास्थल की ओर दौड़ा दिया. आरोप है कि उसने कार को जानबूझकर कई बार विशाल पटेल की ओर मोड़ा और टक्कर मार दी. इस दौरान विशाल पटेल के साथ मौजूद दिलीप सोनकर और हरिवंश मिश्रा भी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए. बताया जा रहा है कि आरोपी ने जानबूझकर जान से मारने की नीयत से इस हरकत को अंजाम दिया. हालांकि, इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही. बताया जा रहा है कि घटना के दौरान पुलिस का फैंटम दस्ता मौजूद था उसके बाद भी कार सवार ने एक-दो बार नहीं बल्कि तीन बार कुचलने का प्रयास किया.ALSO READ:वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्ड‍िया का प्रयागराज स्‍थानांतरण, नवीन अरोड़ा को म‍िली तैनाती...वहीं, घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद फैंटम दस्ते की मदद से तीनों घायलों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया गया. चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल विशाल पटेल की हालत नाजुक देखते हुए उसे बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें पूरी घटना कैद मिली. इसके आधार पर घायल दिलीप सोनकर की तहरीर पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को कब्जे में ले लिया और आरोपी चालक विशाल सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया.
वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्ड‍िया का प्रयागराज स्‍थानांतरण, नवीन अरोड़ा को म‍िली तैनाती...
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वाराणसी : शासन ने पुल‍िस महकमे में बड़ा फेरबदल क‍ि‍या है. नवीन अरोड़ा आईपीएस-आरआर-1997 अपर पुलिस महान‍िदेशक, तकनीकी सेवाएं उप्र, लखनऊ को अब अपर पुलिस महान‍िदेशक, वाराणसी जोन नियुक्‍त किया गया है. जबक‍ि पीयूष मोर्ड‍िया, आईपीएस-आरआर-1998 अपर पुलिस महान‍िदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी को पुलिस आयुक्त, पुलिस कम‍िश्ननरेट प्रयागराज के पद पर तैनाती दी गई है.एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है. वाराणसी में 13 फरवरी 20024 को वाराणसी में कार्यभार संभाले थे. दो वर्ष से ज्यादा के कार्यकाल में उन्होंने पूर्वांचल के नौ जिलों में पुलिसिंग को नया आयाम दिया. बलिया में तस्करी और उसमें पुल‍िस की भूम‍िका की घटना उजागर कर उन्होंने पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई थी.मीरजापुर में तैनाती के दौरान उन्होंने कारतूस घाेटाला उजागर किया था. वाराणसी में उन्होंने फरियादियों के लिए नई व्यवस्था शुरू की, जो जनता को खूब रास आई. मसलन, वह फरियादी को सामने कर उससे से जुड़े थाने के इंस्पेक्टर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आमने-सामने कर समस्या को निदान करते थे. इसे बाद में जिलों के कप्तान ने भी लागू किया.ALSO READ:वाराणसी में समलैंगिक ने चाकू मारकर की पति की हत्‍या, सामने आई यह वजह...वहीं वाराणसी में तैनाती पाने वाले आइपीएस नवीन अरोड़ा मध्‍य प्रदेश ब‍िलासपुर के रहने वाले हैं. वह पूर्वांचल में भी पूर्व में तैनात रह चुके हैं. वर्ष 2004 में बल‍िया, 2002 में सोनभद्र और 2007 में आजमगढ़ में भी पूर्व में तैनात रह चुके हैं. इसके साथ ही वह अब तक प्रदेश के 13 ज‍िलों में एसएसपी के तौर पर तैनात रह चुके हैं. 2013 में वह डीआइजी बने, गोरखपुर के साथ ही आइटीबीपी में भी सेवा दे चुके हैं. वह एंथ्रपोलाजी से एमएससी हैं. फ‍िलहाल वह तकनीकी सेवाएं उप्र, लखनऊ में अभी तक तैनात थे. इस बाबत शासन की ओर से मंगलवार की दोपहर जारी पत्र में जानकारी साझा की गई है. इसके साथ ही प्रदेश में कई अन्‍य अधि‍कार‍ियों की तैनाती की गई है.