Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

दालमंडी में तीसरे दिन भी 5 मस्जिदों का ध्वस्तिकरण जारी, 7 अवैध मकानों पर भी चलेगा बुलडोजर...

दालमंडी में तीसरे दिन भी 5 मस्जिदों का ध्वस्तिकरण जारी, 7 अवैध मकानों पर भी चलेगा बुलडोजर...
Jul 03, 2026, 08:50 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी : दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रहा ध्वस्तीकरण अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी है. बतादें कि धार्मिक आयोजन के कारण कुछ दिन तक अभियान पर ब्रेक लगा था. शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे से लोक निर्माण विभाग (पीडब्‍लूडी) और संबंधित विभागों की निगरानी में कार्रवाई दोबारा शुरू हुई. सड़क चौड़ीकरण के लिए चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाने का काम जोरशोर से चल रहा है. मौके पर करीब 250 मजदूर ध्वस्तीकरण अभियान में लगे हुए हैं. बुधवार से शुरू हुई पांच मस्जिदों के अवैध हिस्सों को हटाने की कार्रवाई शुक्रवार को भी जारी रही. जिन मस्जिदों पर कार्रवाई की जा रही है उनमें मस्जिद करीमुल्लाह बेग, मस्जिद संगमरमर, मस्जिद अली रजा, मस्जिद रंगीले शाह और नेसारन की मस्जिद शामिल हैं.


GFGF


गुरुवार शाम तक लगातार चली कार्रवाई के बावजूद इन मस्जिदों का ध्वस्तीकरण पूरी तरह पूरा नहीं हो सका. अधिकारियों के अनुसार अधिकांश संरचनाओं का करीब 60 से 80 प्रतिशत हिस्सा हटाया जा चुका है, जबकि शेष हिस्से को भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है.


ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान भारी मशीनों के बजाय हथौड़ा और छेनी का उपयोग किया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि घनी आबादी और आसपास स्थित पुराने भवनों को देखते हुए सावधानीपूर्वक मैनुअल तरीके से कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसी अन्य भवनों को नुकसान न पहुंचे.


इस बीच दालमंडी में वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध घोषित सात मकानों पर भी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है. इन मकानों के मालिकों को पहले ही भवन खाली करने के नोटिस जारी किए जा चुके हैं और मुनादी भी कराई जा चुकी है. हालांकि शुरुआती चरण में इन मकानों पर कार्रवाई टाल दी गई थी, लेकिन अब प्रशासन ने इन्हें भी ध्वस्तीकरण अभियान में शामिल कर लिया है. अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद इन भवनों को भी हटाया जाएगा.


181 में से 150 से अधिक भवनों पर हो चुकी कार्रवाई


लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 181 भवन चिन्हित किए गए थे. इनमें से अब तक 150 से अधिक भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है. इसी परियोजना के अंतर्गत कुल छह उपासना स्थलों की जांच की गई थी, जिनमें से पांच पर ध्वस्तीकरण का कार्य जारी है. प्रशासन का कहना है कि दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या का स्थायी समाधान करना है. इसी कारण अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है.


अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है. अधिकारी पूरी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं. ड्रोन से भी अभियान की निगरानी की जा रही है.


ALSO READ : महर्षि सुश्रुत: काशी के महान वैद्य जिन्होंने दुनिया को दिया शल्य चिकित्सा का ज्ञान...


ध्वस्तीकरण अभियान के तीसरे दिन भी प्रशासन की प्राथमिकता चिन्हित सभी अवैध निर्माणों को हटाने की है. अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के तहत निर्धारित सभी निर्माण हटाए जाने के बाद सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।