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रथयात्रा मेले की सुरक्षा का डीआईजी शिवहरी मीणा ने लिया जायजा, ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी, पुलिस को दिए सख्त निर्देश...

रथयात्रा मेले की सुरक्षा का डीआईजी शिवहरी मीणा ने लिया जायजा, ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी, पुलिस को दिए सख्त निर्देश...
Jul 17, 2026, 03:06 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी. रथयात्रा मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा ने शुक्रवार को मेला क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंसवाल, अपर पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर, सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर गौरव कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध सहित संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे.


निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिक प्रभावी इंतजाम किए गए हैं। दर्शन के लिए वैज्ञानिक तरीके से बैरिकेडिंग की गई है, जिससे श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास सुव्यवस्थित ढंग से हो रहा है। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग सुरक्षित मार्ग भी बनाए गए हैं.


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मेले की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र की निगरानी टीथर्ड ड्रोन और हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। सभी कैमरों और ड्रोन की लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। वहीं ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी बॉडी वॉर्न कैमरा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जिससे पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।


महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय रखा गया है, जबकि चेन स्नैचिंग, जेबकतरी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए सादे कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।


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निरीक्षण के बाद अपर पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैरिकेडिंग व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रहे, भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए, सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रभावी चेकिंग की जाए तथा ड्रोन, सीसीटीवी, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता और कंट्रोल रूम के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए। उन्होंने आपातकालीन मार्ग हर समय खाली रखने, ट्रैफिक डायवर्जन प्लान का सख्ती से पालन कराने और खोया-पाया केंद्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना कमिश्नरेट वाराणसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के माध्यम से रथयात्रा मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।


कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि रथयात्रा मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।