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कफ सिरप तस्‍करी सिंडिकेट का अहम किरदार बर्खास्‍त सिपाही लखनऊ से गिरफ्तार, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

कफ सिरप तस्‍करी सिंडिकेट का अहम किरदार बर्खास्‍त सिपाही लखनऊ से गिरफ्तार, एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
Dec 02, 2025, 09:02 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: प्रतिबंधिक कोडीन युक्‍त कफ सिरप तस्‍करी सिंडीकेट में अहम किरदार निभाने वाला बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह मंगलवार की सुबह यूपी स्‍पेशल टास्‍क फोर्स के हत्‍थे चढ गया. उसे लखनऊ के सुल्तानपुर रोड स्थित उसके घर के पास से गिरफ्तार किया गया है. आलोक सिंह पूर्व सांसद एवं पूर्वांचल के बाहुबली धनंजय सिंह का करीबी बताया जा रहा है. एसटीएफ की टीम उससे पूछताछ कर रही है. तस्‍करी सिंडिकेट के अमित सिंह टाटा, भोला जायसवाल के बाद यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है. पूछताछ में कई बड़े नाम उजागर हो सकते हैं.

एसटीएफ ने आलोक सिंह के खिलाफ सोमवार को लुक आउट सर्कुलर जारी करने की कवायद की थी, हालांकि उसे 24 घंटे के भीतर ही दबोच लिया गया. उसने राजधानी की एक अदालत में चार दिन पहले आत्मसमर्पण करने की अर्जी भी दी थी. सूत्रों की माने तो बर्खास्‍त सिपाही की पहुंच के चलते पुलिस और जांच एजेंसियां उस पर हाथ डालने से कतरा रही थीं. हालांकि सिंडिकेट के सुर्खियों में आने के बाद एसटीएफ ने उस पर शिकंजा कस दिया.


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बर्खास्‍त सिपाही की दो फर्मों का नाम आया सामने


बर्खास्‍त सिपाही आलोक बीते कुछ सालों में तेजी से संपत्तियां खरीद रहा था. कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट में आलोक की दो फर्मों का नाम आया है. साथ ही एक बाहुबली के संरक्षण में वह कफ सीरप गिरोह के मास्टर माइंड शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा के साथ मिलकर काम कर रहा था. फर्मों का नाम आने के बाद आलोक सिंह अंडरग्राउंड हो गया था. सोमवार को एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पूर्वांचल के कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन वह एसटीएफ के हाथ नहीं लगा था. कुछ समय के लिए उसकी लोकेशन जौनपुर के एक बाहुबली के घर के पास जरूर आई थी. बाहुबली के संरक्षण में आने के बाद आलोक ने कुछ ही वर्षों में कफ सीरप की तस्करी से मोटी कमाई की थी.


एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, तस्करी सिंडिकेट में असम की तीन कंपनियों की जानकारी मिली है. कफ सिरप की तस्करी 173 फर्मों को फर्जी सप्लाई दिखाकर की गई. आरोपियों पर गैंगस्टर लगाकर संपत्तियां जब्त करने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है. इस केस से सरगना शुभम के पिता भोला जायसवाल के सोनभद्र आने के बाद अहम खुलासे होने की उम्मीद है. कोलकाता नगर निगम अस्पताल ने भोला जायसवाल को हायर सेंटर रेफर किया है. सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता कोर्ट में भोला जायसवाल को ट्रांजिट रिमांड पर लाने की अर्जी डाली है. इस मामले में एफएसडीए अब तक 98 एफआईआर दर्ज करा चुकी है. इनमें से कई फर्जी फर्म हैं. एसटीएफ और कई जिलों की पुलिस ने भी करीब एक दर्जन एफआईआर दर्ज कराई हैं.


ईडी ने शुरू की जांच, तस्‍करी का कारोबार दो हजार करोड़ से अधिक का


प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहुचर्चित कफ सीरप मामले की जांच शुरू कर दी है. इसके लिए ईडी ने रिकार्ड खंगालने के साथ जांच में जुटी अन्य एजेंसियों से सारी जानकारी जुटा ली है. ईडी की प्रारम्भिक जांच में यह बात सामने आइ है कि अवैध कफ सीरप की तस्करी का कारोबार दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का था.

इस कारोबार में कई सफेदपोश लोग भी शामिल थे. ईडी ने इस मामले की जांच के लिए दो टीमों का गठन किया है. एक टीम कफ सीरप की तस्करी में बरते गए वित्तीय प्रणाली की जांच कर रही है. वहीं दूसरी टीम एसटीएफ सहित अन्य राज्यों की जांच एजेंसियों के साथ संपर्क में रहकर जांच को आगे बढ़ा रही है. कफ सिरप प्रकरण में अब तक दर्ज एफआईआर पर ईडी की जांच आगे बढ रही हे. सूत्रों का कहना है कि फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों की मनी लाॉन्ड्रिंग का संदेह है. पूरा मामला बीते चार सालों में अरबों रुपए का कफ सिरप तस्करी के जरिए बांग्लादेश में बेचने का है. फर्जी फर्मों में बिक्री दिखाकर कफ सिरप बांग्लादेश भेजी गई.


शुभम के पिता भोला प्रसाद की मिली ट्रांजिट रिमांड


कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की ट्रांजिट रिमांड सोनभद्र पुलिस को मिल गई है. भोला को कोलकाता से सोनभद्र लाया जा रहा है. भोला जायसवाल से पूछताछ के बाद सिंडिकेट से जुड़े लोगों की जानकारी मिल सकती है. बता दें कि भोला जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट से पिछले दिनों गिरफ्तार कर लिया था. ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस पूछताछ की तैयारी में लगी हुई है जिसके बाद इस सिंडिकेट के तार खुलने लगेंगे.


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भगोड़े शुभम के प्रत्‍यर्पण की तैयारी


कोडिन युक्त कफ सिरप तस्करी के मुख्‍य आरोपित शुभम जायसवाल को भगोड़ा और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में कमिश्नरेट पुलिस है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि भगौड़ा घोषित कराने के लिए कमिश्नरेट पुलिस की ओर से कोर्ट में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसी प्ररिप्रेक्ष्‍य मेंअभियोजन अधिकारियों से सीपी ने वार्ता की. शैली ट्रेडर्स के कर्ता धर्ता और 100 करोड़ के अवैध कारोबार के आरोपी शुभम की लोकेशन दुबई में मिली है. दुबई से शुभम के प्रत्यर्पण को लेकर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट में वांछित शुभम की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की अलग-अलग पांच टीमें काम कर रही हैं. कमिश्नरेट की एसआईटी के अलावा अन्य एजेंसियां भी लगी हुई हैं.


बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच, पांच टीमें गठित


पिछले दो साल से चल रहे कफ सिरप के अवैध कारोबार की भनक कहीं न कहीं बैंक अधिकारियों को भी थी. बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच एसआईटी कर रही है. फर्जी फर्म के बैंक खातों की जांच और बैंक अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने, बिलिंग, एग्रीमेंट और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं. सोमवार को एसआईटी ने फर्जी फर्मों के नाम पर खुले बैंक खातों की जांच की. पता चला कि बैंक अधिकारियों को आरोपित फर्म के खातों में आने वाली रकम के बारे में पूरी जानकारी थी. ऐसे बैंकों के शाखा प्रबंधकों को भी एसआईटी नोटिस जारी करेगी.

एसआईटी के अध्यक्ष एडीसीपी सरवणन टी. ने बताया कि बैंकों की भूमिका, दस्तावेज, गिरफ्तारी, साइबर के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं. प्राथमिकी में फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और एनडीपीएस की धाराएं बढ़ाई गई हैं. अधिकतर फर्में ऐसी पाई गई है, जो कि एफिडेविट और रेंट एग्रीमेंट के आधार पर चल रही थीं। सिरप खरीदे गए, लेकिन किसको बेचे गए, यह दर्ज नहीं है. फर्म संचालकों को अपना पक्ष रखने के लिए एसआईटी की ओर से जारी नोटिस का अधिकतर फर्म संचालकों ने जवाब नहीं दिया और न ही एसआईटी के सामने दस्तावेज प्रस्तुत किए. जांच में यह भी सामने आया कि फर्म संचालकों ने कफ सिरप तो खरीदी, लेकिन बिक्री का लेखाजोखा नहीं दिखा सके.


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लोकसभा में सांसद ने उठाया कफ सिरप का मुद्दा


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लोकसभा में सोमवार को चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने नियम 377 के अंतर्गत विशेष उल्लेख कर देशभर में फैले नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर गंभीर सवाल उठाए. सांसद ने कहा कि यह संगठित अपराध अब लाखों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है और इसके पीछे बड़े माफिया गिरोह के साथ-साथ “सफेदपोश” लोगों का संरक्षण होने की आशंका है. सांसद ने वाराणसी में हाल ही में बरामद हुए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के नकली कफ सिरप का मामला उठाते हुए कहा कि इतने बड़े रैकेट के बावजूद अब तक कोई बड़ा सरगना या मास्टरमाइंड गिरफ्तार नहीं हुआ है. उन्होंने इसे “गंभीर चिंता और संदेह का विषय” बताया और आशंका जताई कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच को दबाया या भटकाया जा रहा है; सांसद ने चेतावनी दी कि यदि इस काले कारोबार पर सख्ती से लगाम नहीं लगाई गई तो आम जनता का स्वास्थ्य गंभीर खतरे में रहेगा.


"अपना हुनर अपनी पहचान" के दृष्टिगत पीएम ने कामगार महिलाओं से सीधा संवाद किया
"अपना हुनर अपनी पहचान" के दृष्टिगत पीएम ने कामगार महिलाओं से सीधा संवाद किया
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आयें और हमेशा की तरह इस बार भी काशीवासियों को सौगात दी. मिर्जामुराद के खोचवां में अहमदाबाद गुजरात की कपड़ा निर्माता कंपनी अरविंद लिमिटेड (अरविंद मिल्स) के लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 7-8 एकड़ में बने पहले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उन्होंने शुभारंभ किया. "अपना हुनर अपनी पहचान" के दृष्टिगत यहां कामगार महिलाओं से सीधा संवाद किया.इस औद्योगिक प्लांट में स्थानीय ही नहीं पूर्वांचल के हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. इतना ही नहीं स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है और 300 से ज्यादा महिलाओं की भर्ती हो भी चुकी है, जिन्हें यूनिट में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यह पहल कपड़ा और परिधान निर्माण इकोसिस्टम को मजबूत करेगी.बताते चलें कि पूर्वांचल में अरविंद मिल्स का यह पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है. प्लांट शुरू होने के बाद 2 फेस का निर्माण होगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. काशी के इस नए प्लांट में स्पोर्टस वियर, अंडर गारमेंट आदि कपड़े का उत्पादन होगा. यहां जॉकी, यूएस पोलो और एरो जैसे ब्रांड्स का निर्माण होगा.अरविंद मिल्स सिर्फ कपड़ा बनाने वाली कंपनी नहीं है. यह धागे और कपड़े से लेकर तैयार कपड़ों तथा औद्योगिक इस्तेमाल के विशेष वस्त्रों तक का कारोबार करती है. इसकी शुरुआत 1931 में हुई थी और इसका मुख्यालय अहमदाबाद, गुजरात में है. यह डेनिम के कपड़े (इससे जींस बनाई जाती है) के साथ सूती व लिनेन के कपड़े, सादे कपड़े, सूट के लिए फैब्रिक, स्पोर्ट्सवियर के साथ घरेलू और विदेशी परिधान ब्रांडों को कपड़ा उपलब्ध कराती है.ALSO READ : रामनगर में आस्था का सैलाब, भोर की आरती में गूंजा 'जय श्रीराम, लाखों श्रद्धालु बने साक्षीप्रधानमंत्री ने शुभारंभ के पश्चात मिल के पदाधिकारियों से वहां पर बनाए जा रहे कपड़ों, खादी के बने कपड़ों एवं उनके मैटेरियल के बारे में जानकारी ली. "अपना हुनर अपनी पहचान" के दृष्टिगत महिलाओं से संवाद किया. उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों, उनकी चुनौतियों के बाबत विस्तार से जानकारी ली. अरविन्द मिल्स द्वारा उत्पादित कपड़ों की लगाई गई प्रदर्शनी का भी उन्होंने अवलोकन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. इससे पूर्व मिर्जामुराद के खोचवां पहुंचने पर हेलीपैड पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया.
रामनगर में आस्था का सैलाब, भोर की आरती में गूंजा 'जय श्रीराम, लाखों श्रद्धालु बने साक्षी
रामनगर में आस्था का सैलाब, भोर की आरती में गूंजा 'जय श्रीराम, लाखों श्रद्धालु बने साक्षी
वाराणसी : विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में भोर की आरती का अप्रतिम महत्व है. यह आरती श्रीराम के राज्याभिषेक के बाद पहली बार होती है. रविवार 25 अक्‍टूबर की सुबह इस अद्भुत आरती में लाखों लीलाप्रेमी शामिल हुए. आधुनिकता से दूर यह रामलीला अपने अनूठे प्रसंगों और अद्भुत मंचन के लिए जानी जाती है. पूरी काशी मानो इस आरती का हिस्सा बनने के लिए उमड़ पड़ी थी. लाखों की भीड़ ने "जय श्री राम" और "हर हर महादेव" के नारे लगाए. इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.सदियों से चली आर रही परंपरायह आरती सूर्योदय के दौरान उगते सूर्य के लिए एक विशेष अनुष्ठान है. यह परंपरा सदियों से इसी तरह चली आ रही है. आस्था का यह सैलाब गांव, गली और मोहल्लों से होता हुआ रामलीला स्थल अयोध्या पहुंचा. आरती के लिए घंटा घड़ियाल बजने लगे, जिससे आस्था का कोई ओर-छोर नजर नहीं आ रहा था.राज्याभिषेक की आरतीराज्याभिषेक की आरती रविवार को तड़के लगभग 5:35 बजे शुरू हुई. अनंत नारायण सिंह राजपरिवार के सदस्यों और दरबारियों के साथ रामनगर दुर्ग से पैदल लीला स्थल अयोध्या मैदान पहुंचे. लगभग 5:45 बजे भगवान भास्कर के दर्शन होते ही माता कौशल्या ने आरती उतारी. उन्होंने अयोध्या के सिंहासन पर विराजमान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की आरती की.ALSO READ : रामनगर किले में खुले दुर्लभ 'श्‍याम वर्ण हनुमान' जी के कपाट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़लाल और सफेद महताबी रोशनी के बीच यह चार मिनट की आरती झांकी अनुपम थी. उपस्थित विशाल जनसमूह ने इस छटा को अपने मानस पटल पर अंकित कर लिया. अनंत नारायण सिंह ने भी खड़े होकर राम राज्याभिषेक की आरती का दर्शन किया.आरती के बाद अनंत नारायण सिंह टहलने के लिए निकले. इसके बाद श्रीराम को कंधे पर उठाए बजरंग बली और सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न भक्तों के कंधों पर बैठकर बाजार भ्रमण के लिए बलुआघाट स्थित धर्मशाला पहुंचे.
रामनगर किले में खुले दुर्लभ 'श्‍याम वर्ण हनुमान' जी के कपाट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रामनगर किले में खुले दुर्लभ 'श्‍याम वर्ण हनुमान' जी के कपाट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वाराणसी : विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला में 'राम राज्याभिषेक' (राजगद्दी) के पावन अवसर के बाद आज रविवार को ऐतिहासिक रामनगर किले में स्थित रहस्यमयी एवं दुर्लभ दक्षिणमुखी श्‍याम वर्ण हनुमान जी के दर्शन शुरू हो गए हैं. साल में केवल एक बार खुलने वाले इस पौराणिक मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान बजरंगबली के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थी.वर्ष में केवल एक दिन खुलते हैं कपाटवर्ष में केवल एक दिन खुलते हैं मंदिर के कपाटरामनगर दुर्ग (किले) की परंपराओं के अनुसार, दक्षिणमुखी काले हनुमान जी का कपाट साल में केवल एक बार, राम राज्याभिषेक के ठीक अगले दिन ही श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है. स्थानीय मान्यताओं और दुर्ग की परंपरा के अनुसार, इस दक्षिणमुखी काले हनुमान जी की दिव्य शक्ति और आशीर्वाद से ही सदियों से रामनगर किले (दुर्ग) का अस्तित्व और वैभव सुरक्षित है. इसी आस्था के चलते काशी ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के जिलों से भी हजारों भक्त इस दुर्लभ दर्शन का पुण्य लाभ कमाने रामनगर पहुंच रहे हैं.त्रेतायुग और श्रीराम-समुद्र संवाद से जुड़ी है पौराणिक कथामंदिर के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को लेकर एक बेहद रोचक प्रसंग प्रचलित है. मान्यता है कि इस प्रतिमा का संबंध त्रेतायुग में भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध काल से है:समुद्र पर श्रीराम का कोप: जब भगवान रामेश्वरम में लंका जाने के लिए समुद्र तट पर मार्ग मांग रहे थे और समुद्र ने रास्ता नहीं दिया, तब कुपित होकर श्रीराम ने अपने धनुष पर बाण चढ़ाकर समुद्र को सुखा देने की चेतावनी दी थी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम मोदी ने अरविंद मिल की नई परिधान निर्माण इकाई का किया उद्घाटनहनुमान जी ने रोका था बाण: भयभीत होकर जब समुद्र प्रकट हुआ और उसने अनुनय-विनय की, तो श्रीराम ने प्रत्यंचा पर चढ़ चुके उस अमोघ बाण को दिशा बदलकर पश्चिम की ओर छोड़ दिया.अग्निबाण के तेज से काला पड़ा रंग: उस प्रचंड बाण के प्रभाव से सृष्टि को बचाने के लिए हनुमान जी ने उसे स्वयं पर रोक लिया था. बाण के असीम तेज और ज्वाला के कारण हनुमान जी का रंग श्याम (काला) पड़ गया था.सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जयकारों से गूंजा किला परिसरअलौकिक दक्षिणमुखी काले हनुमान जी के दर्शन के लिए रामनगर किला परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पूरा किला परिसर 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' के उद्घोष से गुंजायमान है. श्रद्धालु अनुशासित रूप से कतारबद्ध होकर दर्शन कर रहे हैं और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं.