Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

जिला श्रम बंधु की समीक्षा बैठक, इंडस्ट्रियल एरिया में कैम्प लगाकर श्रमिकों के पंजीयन के निर्देश

जिला श्रम बंधु की समीक्षा बैठक, इंडस्ट्रियल एरिया में कैम्प लगाकर श्रमिकों के पंजीयन के निर्देश
Dec 25, 2025, 06:28 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला श्रम बंधु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गयी. उपश्रमायुक्त वाराणसी द्वारा बैठक का संचालन करते हुए श्रमिक पंजीयन, उपकर संग्रहण, निर्माण श्रमिकों के हितार्थ संचालित योजनाओं एवं ई श्रम वर्कर्स के संबंध में अद्यतन प्रगति की जानकारी दी गयी. जिलाधिकारी द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया में कैम्प लगाकर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों पंजीयन के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि जनपद में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की सूची जिला अर्थ एवं संख्या कार्यालय से प्राप्त कर विकास प्राधिकरण, हाईवे प्रोजेक्ट्स,सेतु निगम के प्रोजेक्ट्स, लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित प्रोजेक्ट्स पर कार्यरत निर्माण श्रमिकों का कैम्प लगाकर पंजीयन कराए जाने एवं योजनाओ के पैम्फलेट व बैनर वितरित कर प्रचार प्रसार कराया जाए. साथ ही प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत गिग व प्लेटफार्म वर्कर्स का पंजीयन कराए जाने के निर्देश दिए गए.

CDRG


ALSO READ : श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर: बाबा दरबार में आज से स्पर्श दर्शन पर रोक, 3 जनवरी तक व्यवस्था लागू


उपकर संग्रहण के संबंध में सभी कार्यदायी संस्थाओ को ससमय उपकर जमा करते हुए इसकी सूचना श्रम कार्यालय को भी निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के निर्देश किये गए. जिन कार्यदायी संस्थाओ द्वारा उपकर संग्रहण की सूचना नही उपलब्ध कराई जा रही है उनकी समीक्षा मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा कराए जाएं. बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सीएमआईएस पोर्टल से सूचना लेकर सेस संग्रहण में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए.


जिला पंचायत एवं नगर निगम द्वारा संचालित निर्माण प्रोजेक्ट्स के सापेक्ष उपकर संग्रहण हेतु आवश्यक कार्यवाही और सभी कार्यदायी संस्थाओ को निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स का अनिवार्य रूप से बी ओ सी अधिनियम 1996 के अंतर्गत अधिष्ठान पंजीयन निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से कराए जाने के निर्देश दिए गए.

उपश्रमायुक्त वाराणसी द्वारा अवगत कराया गया कि श्रमिकों के लिए लेबर अड्डे पर मूलभूत सुविधाऐं मुहैया कराए जाने के लिए स्थलों का चिन्हांकन कर लिया गया है. जिसके सापेक्ष लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्राप्त करते हुए कार्यवाही किया जाना है. जिलाधिकारी द्वारा श्रमिक सुविधाओं से युक्त लेबर अड्डे स्थापित किये जाने के लिए शीघ्र कार्यवाही कराए जाने के निर्देश दिए गए. जिलाधिकारी द्वारा निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं विशेषकर-- कन्या विवाह सहायता योजना, मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना तथा संत रविदास शिक्षा सहायता योजना आदि का व्यापक प्रचार प्रसार कर लाभ दिलाये जाने के निर्देश दिए गए. बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त वाराणसी, श्रम प्रवर्तन अधिकारीगण, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे.

पंचकोशी यात्रा की तैयारियों का नगर आयुक्त ने लिया जायजा...
पंचकोशी यात्रा की तैयारियों का नगर आयुक्त ने लिया जायजा...
वाराणसी: नगर निगम द्वारा पंचकोशी यात्रा की तैयारियों को लेकर व्यवस्थाएं तेज कर दी गई हैं. सोमवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शिवपुर स्थित पांचो पांडव मंदिर, धर्मशाला एवं पंचकोशी यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया.निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो. यात्रा मार्ग एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ सुलभ शौचालयों की नियमित सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए.भीषण गर्मी को देखते हुए धर्मशालाओं में ठहरने वाले यात्रियों के लिए कूलर और पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि कूलरों में नियमित रूप से पानी भरने की व्यवस्था भी बनी रहे, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके.ALSO READ:राष्ट्रपति भवन में चमका बीएचयू का नाम, जुड़े विशेषज्ञ को मिला पद्म पुरस्कार...रात्रि में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंचकोशी मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के आदेश भी संबंधित विभागों को दिए.नगर निगम प्रशासन ने कहा कि पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा किया जा रहा है.
राष्ट्रपति भवन में चमका बीएचयू का नाम, जुड़े विशेषज्ञ को मिला पद्म पुरस्कार...
राष्ट्रपति भवन में चमका बीएचयू का नाम, जुड़े विशेषज्ञ को मिला पद्म पुरस्कार...
नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. कला, चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला.भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान वायलिन वादक डॉ. एन. राजम् को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. “सिंगिंग वायलिन” के नाम से प्रसिद्ध डॉ. राजम् ने हिंदुस्तानी संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय में लंबे समय तक प्रोफेसर और डीन के रूप में सेवाएं दीं.संक्रामक रोगों विशेषकर काला- अजार के उपचार और अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रो. श्याम सुन्दर को पद्म श्री से सम्मानित किया गया. बीएचयू में उनके नेतृत्व में काला- अजार रिसर्च को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली और उनके शोध कार्यों को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सराहा.पुरातत्व एवं सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रो. बुद्ध रश्मि मणि को भी पद्म श्री प्रदान किया गया.अयोध्या, सारनाथ और कपिलवस्तु सहित कई ऐतिहासिक स्थलों पर उनके शोध और उत्खनन कार्यों ने भारतीय इतिहास अध्ययन को नई दिशा दी.ALSO READ:धार्मिक पहचान के ‘विकृतिकरण’ पर BHU डॉक्टर का उपवास, आस्था को लेकर उठे सवालपद्म पुरस्कारों में बीएचयू से जुड़ी हस्तियों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है. शिक्षा, शोध और संस्कृति के क्षेत्र में बीएचयू की मजबूत परंपरा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है.
धार्मिक पहचान के ‘विकृतिकरण’ पर BHU डॉक्टर का उपवास, आस्था को लेकर उठे सवाल
धार्मिक पहचान के ‘विकृतिकरण’ पर BHU डॉक्टर का उपवास, आस्था को लेकर उठे सवाल
BHU doctor fasts to protest 'distortion' of religious identity, raises questions about faithवाराणसी: धर्म, आस्था और आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहप्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार ने वाराणसी में उपवास शुरू किया है. सर्किट हाउस के समीप चल रहे इस उपवास के माध्यम से उन्होंने धार्मिक प्रतीकों, नामों और स्वरूपों के कथित “विकृतिकरण” तथा आध्यात्मिक भ्रम फैलाने के खिलाफ जनजागरण की जरूरत बताई.डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में भोजन, आचरण और आध्यात्मिक शुद्धता का विशेष महत्व बताया गया है. उनके अनुसार दूषित विचारों और आचरण का प्रभाव समाज की चेतना पर पड़ता है, जिससे धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन भी प्रभावित होता है. उन्होंने कहा कि जब धार्मिक संस्थाओं और परंपराओं में आस्था से इतर विचारधारा का प्रभाव बढ़ता है, तब श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं और भ्रम की स्थिति पैदा होती है.उन्होंने दक्षिण भारत के कुछ राज्यों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक निर्णयों और प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण मंदिर व्यवस्थाओं में ऐसे लोगों को स्थान मिला, जिनकी धार्मिक आस्था पर सवाल उठते रहे हैं. डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि इससे आम श्रद्धालु स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता है और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है. उन्होंने धार्मिक और पौराणिक पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म और अधर्म, आदर्श और विरोधी प्रवृत्तियों के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है. उनका कहना है कि यदि इन भेदों को जानबूझकर धुंधला किया जाता है तो समाज की सांस्कृतिक चेतना प्रभावित होती है और नई पीढ़ी भ्रमित हो सकती है.Also Read: नमोघाट हत्‍याकांड पर सामने आया मंत्री रवींद्र जायसवाल का बयान, 5 लाख मुआवजे का एलानतमिलनाडु और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक राजनीति का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाओं और पात्रों की व्याख्या को राजनीतिक या वैचारिक लाभ के लिए बदले जाने के प्रयास हुए हैं. उन्होंने कहा कि भगवान राम को धर्म स्थापना का प्रतीक माना जाता है, जबकि महाभारत के पात्र कर्ण की भूमिका अलग रही है. समाज में कई बार नायक और खलनायक की छवि को मिलाकर प्रस्तुत किया जाता है, जिससे सही और गलत की समझ कमजोर होती है. डॉ. सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि उनका उपवास किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से है.