Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को जनोपयोगी बनाने के प्रयास में जुटा नगर निगम

डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को जनोपयोगी बनाने के प्रयास में जुटा नगर निगम
Apr 26, 2026, 07:31 AM
|
Posted By Preeti Kumari

The Municipal Corporation is trying to make Dr. Sampurnanand Sports Complex a public utility.


​वाराणसी: नगर निगम प्रशासन सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को और अधिक सुव्यवस्थित एवं जनोपयोगी बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है. इस अवसर पर बीते शनिवार को स्टेडियम परिसर में महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्टेडियम के कुशल संचालन और उसकी सुविधाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए एक साझा कार्य योजना को तैयार करना था.


d


महापौर ने साझा किया संचालन से जुड़ी भावी योजना


आपको बता दें, इस बैठक में खेल जगत के जानकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के लगभग 40 प्रमुख गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया. महापौर और नगर आयुक्त ने उपस्थित सदस्यों के समक्ष स्टेडियम के संचालन से जुड़ी भावी योजनाओं को साझा किया और उनसे सुझाव आमंत्रित किए, बैठक में इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि स्टेडियम का प्रबंधन इस तरह से हो कि शहर का हर वर्ग इसका लाभ उठा सके. खेल सुविधाओं के बेहतर रखरखाव और उनकी पहुंच को लेकर लोगों ने अपनी इच्छाएं और अपेक्षाएं भी साझा कीं.


x


इस ​चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के दैनिक कार्यों और संचालन की निगरानी के लिए एक 'विशेष समिति' का गठन किया जाएगा, इस समिति में स्थानीय प्रबुद्धजनों और प्रशासन के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि स्टेडियम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें, महापौर ने कहा कि समिति के माध्यम से हम न केवल खेल सुविधाओं को बढ़ाएंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि स्टेडियम का प्रबंधन पेशेवर और समावेशी हो.


g


Also Read: पीएम के दौरे को लेकर अलर्ट, गोदौलिया से दशाश्‍वमेध तक चला अतिक्रमण हटाने का अभियान...


वहीं इस मामले में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि यह स्टेडियम शहर की धरोहर है और इसे सुचारू रूप से चलाने में शहरवासियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है. बैठक में उपस्थित लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की और अपने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया.


तेजाबी हमले के दर्द को दिया सुर,‘काशी की स्‍वर कोकिला’ को मिला पद्मश्री सम्‍मान...
तेजाबी हमले के दर्द को दिया सुर,‘काशी की स्‍वर कोकिला’ को मिला पद्मश्री सम्‍मान...
वाराणसी : वक्‍त है कांटों की सेज तो कभी फूलों का ताज.जी हां, तेजाब हमले ने उनका चेहरा झुलसा दिया था, समाज ने ताने दिए, स्कूल ने ठुकराया और जिंदगी ने बार-बार कठिन इम्तिहान के दौर से गुजारा. वाबजूद इसके उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने दर्द को सुरों में ढाल दिया और आज वही स्‍वर उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्मश्री तक ले आए.बात हो रही है भारतीय शास्त्रीय संगीत की वरिष्ठ गायिका और “काशी की लता” के नाम से प्रसिद्ध मंगला कपूर की जिन्‍हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है.यह सम्मान केवल उनकी संगीत साधना का नहीं, बल्कि उस अदम्य साहस, आत्मविश्वास और संघर्ष का भी सम्मान है जिसने उन्हें लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बना दिया. यह सम्मान पाकर भावुक हुई मंगला कपूर ने कहा, “मैं अपनी खुशी को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकती. मेरे जैसी महिला के लिए पद्मश्री तक पहुंचना कितना कठिन रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने हर मुश्किल समय में मेरा साथ दिया.”12 साल की उम्र में बदल गई पूरी जिंदगीउनकी जिंदगी का सबसे भयावह अध्याय तब शुरू हुआ जब वह मात्र 12 वर्ष की थीं. पारिवारिक व्यावसायिक रंजिश के चलते उन पर तेजाब से हमला कराया गया. जांच में सामने आया कि इस साजिश को घर के एक नौकर के माध्यम से अंजाम दिया गया था. इस हमले ने न केवल उनका चेहरा और शरीर बुरी तरह झुलसाया बल्कि अगले छह वर्षों तक अस्पताल, ऑपरेशन थिएटर और इलाज ही उनकी दुनिया बन गए. शारीरिक पीड़ा से भी अधिक उन्हें मानसिक और सामाजिक पीड़ा ने तोड़ा. आज भी उस घटना को याद करते हुए उनकी आंखें नम हो जाती हैं. “जब भी उस दिन को याद करती हूं, आंखों में आंसू आ जाते हैं और पूरा शरीर सिहर उठता है.”जख्म केवल शरीर पर नहीं, आत्मा पर भी लगेएसिड अटैक के बाद समाज का व्यवहार उनके लिए दूसरी बड़ी परीक्षा बन गया. कई लोगों ने सहानुभूति देने के बजाय उन्हें ही दोषी मानने जैसा व्यवहार किया. लगातार सर्जरी के बाद जब उनका चेहरा कुछ सामान्य हुआ तो पिता ने उन्हें दोबारा स्कूल भेजा, लेकिन वहां भी उन्हें संवेदनशीलता नहीं मिली. आठवीं कक्षा में सहपाठियों ने उनका मजाक उड़ाया। यह घटना उनके लिए असहनीय साबित हुई.“मैं पसीने से भीगकर वहीं गिर पड़ी. उसके बाद फिर कभी स्कूल जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई.” बाद में उन्होंने घर से ही पढ़ाई जारी रखी और बारहवीं तक की शिक्षा पूरी की. इस पूरे संघर्ष में उनके पिता उनका सबसे बड़ा संबल बने. उन्होंने बेटी को हमेशा यह विश्वास दिलाया कि इस हादसे में उसकी कोई गलती नहीं थी.37 सर्जरी… फिर भी नहीं टूटी उम्‍मीदअब तक मंगला कपूर 37 बड़ी सर्जरी करवा चुकी हैं. दर्द, इलाज और सामाजिक उपेक्षा के लंबे दौर के बावजूद उन्होंने जीवन से समझौता नहीं किया. उन्होंने संगीत को अपना सहारा बनाया. उनके लिए संगीत केवल कला नहीं रहा, बल्कि जीवन को दोबारा जीने की वजह बन गया. “संगीत ने मुझे जीने की नई ऊर्जा दी. आत्मविश्वास लौटाया. मेरे लिए संगीत ही संजीवनी और उम्‍मीद बनी.”मंदिर के भजन से शुरू हुआ सुनहरे सफर का पहला सुरकॉलेज के दिनों में एक मंदिर में भजन गाते समय पहली बार लोगों ने उनकी आवाज की असाधारण मिठास को महसूस किया. उनकी गायकी ने श्रोताओं को इतना प्रभावित किया कि धीरे-धीरे उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतिष्ठित मंचों पर आमंत्रित किया जाने लगा. समय के साथ उनकी पहचान उनके चेहरे से नहीं, बल्कि उनकी आवाज से बनने लगी. यही आवाज उन्हें देशभर के प्रतिष्ठित संगीत समारोहों तक ले गई और वह भारतीय शास्त्रीय संगीत की सम्मानित हस्ती बन गईं.ALSO READ : गंगा में नाव पर नानवेज पार्टी करने वाले पांच आरोपियों को मिली जमानत...तीन दशक तक बीएचयू में तैयार की संगीत की नई पीढ़ीग्वालियर घराने की सुप्रसिद्ध गायिका मंगला कपूर ने वर्ष 1989 में बीएचयू के संगीत विभाग में अध्यापन कार्य शुरू किया. लगभग 30 वर्षों तक उन्होंने हजारों विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा दी. शिक्षण के साथ-साथ उन्होंने देशभर के प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों से भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. संगीत के अलावा वह दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए भी लगातार कार्य करती रही हैं और लेखन के माध्यम से समाज में संवेदनशीलता और जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रही हैं.
गंगा में नाव पर नानवेज पार्टी करने वाले पांच आरोपियों को मिली जमानत...
गंगा में नाव पर नानवेज पार्टी करने वाले पांच आरोपियों को मिली जमानत...
वाराणसी : मान मंदिर घाट के पास गंगा में नानवेज पार्टी और शराब पीने के मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को कोर्ट से राहत मिल गई. कार्यपालक मजिस्ट्रेट/सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय की अदालत ने सूजाबाद पड़ाव, थाना रामनगर निवासी दीपक कुमार, नाव चालक अजय साहनी, डोमरी, रामनगर, वाराणसी के अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद, बंधा रोड, सूजाबाद, रामनगर निवासी राहुल साहनी को 20-20 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया. अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह ने पक्ष रखा.प्रकरण के अनुसार पतित पावनी मां गंगा में नानवेज पार्टी और शराब पीने का वीडियो बीते सोमवार देर शाम इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद श्रद्धालु नाराज हो उठे. पुलिस की सर्विलांस टीम ने वीडियो देखा तो आनन-फानन में पांच आरोपितों की पहचान कर सभी पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. नाव को भी पुलिस ने सीज कर दिया है. सहायक पुलिस आयुक्त डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि वीडियो जांच में मान मंदिर घाट पर वना वीडियो छह माह पुराना निकला.ALSO READ : निजी हॉस्पिटल के फर्जी लिंक से 2.67 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी...वीडियो में दिख रहे लोग सूजाबाद पड़ाव, थाना रामनगर निवासी दीपक कुमार, नाव चालक अजय साहनी, डोमरी, रामनगर, वाराणसी के अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद, बंधा रोड, सूजाबाद, रामनगर निवासी राहुल साहनी को गिरफ्तार कर लिया गया. बतादें कि बीते 16 मार्च को गंगा में इसी तरह का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था. कोतवाली पुलिस ने दूसरे ही दिन 17 मार्च को 14 मुस्लिम युक्कों को गिरफ्तार किया था. उस मामले में आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी.
निजी हॉस्पिटल के फर्जी लिंक से 2.67 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी...
निजी हॉस्पिटल के फर्जी लिंक से 2.67 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी...
वाराणसी : चौबेपुर क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव निवासी जोखन सिंह साइबर ठगी का शिकार हो गए जालसाजों ने निजी अस्पताल का नंबर खोजते समय गूगल पर फर्जी लिंक भेजकर उनके भारतीय स्टेट बैंक के दो खातों से चार ट्रांजेक्शन में कुल 2,67,570 रुपये निकाल लिए. पीड़ित जोखन सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 9 जून को उन्होंने एपेक्स हास्पिटल में मरीज की जांच के लिए अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए गूगल से प्राप्त मोबाइल नंबर पर संपर्क किया. फोन उठाने वाले व्यक्ति ने मरीज का विवरण भरने और मात्र 5 रुपये का ऑनलाइन शुल्क जमा करने के लिए एक लिंक भेजा. जोखन सिंह ने कई बार भुगतान का प्रयास किया, लेकिन हर बार ट्रांजेक्शन फेल हो गया.ALSO READ : माहेश्वरी समाज ने निकाली भव्य कलश यात्रा, 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजी काशी...इस दौरान उनका मोबाइल फोन गिरकर खराब हो गया, जिसे उन्होंने 11 जून की शाम तक ठीक कराया. इसके ठीक अगले दिन 12 जून की सुबह पौने दस से दस बजे के बीच उनके दोनों SBI खातों से अचानक चार बार में 2,67,570 रुपये कट गए. जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए.पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. चौबेपुर पुलिस ने उनकी तहरीर पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है. आरोपियों की पहचान और ठगी गई राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं.