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डोनल्ड ट्रंप कर बैठे मोनरो डॉक्ट्रिन का जिक्र, आखिर क्यों?

डोनल्ड ट्रंप कर बैठे मोनरो डॉक्ट्रिन का जिक्र, आखिर क्यों?
Jan 05, 2026, 12:48 PM
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Posted By Preeti Kumari

वेनेजुएला पर हुए हमले के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने एक बड़ा बयान दिया है, अपने बयानों में उन्होंने मोनरो सिद्धांत' का जिक्र किया है, जो 200 साल पुराना डॉक्ट्रिन कभी अमेरिका की विदेश नीति का एक अहम हिस्सा भी हुआ करता था. जिसके चलते पिछली 2 शताब्दियों में अमेरिका ने कई बार इसी सिद्धांतों की बदौलत दूसरे देशों पर शिकंजा कसने में कामयाब रहा. अमेरिका फर्स्ट की नीति को सही ठहराते हुए ट्रंप ने कहा, "मोनरो सिद्धांत यही कहता था कि, पश्चिमी देशों में अमेरिका का ही बोलबाला होना चाहिए. पर कई दशकों से पुरानी सरकारों ने इसे नजरअंदाज किया, जिससे हमारी सुरक्षा खतरे में आ गई. मगर, अब हम फिर से अमेरिका को ताकतवर बनाने की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं."


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जाने क्या है मोनरो सिद्धांत


आपको बता दें, कि अमेरिका के 5वें राष्ट्रपति जेम्स मोनरो के कार्यकाल में विदेश नीति का एक नया डॉक्ट्रिन सामने आया है. 1817-1825 तक के कार्यकाल में राष्ट्रपति जेम्स मोनरो ने पश्चिमी देशों पर यूरोप के प्रभुत्व के खिलाफ मोनरो डॉक्ट्रिन पेश किया था. इसका उद्देश्य न सिर्फ यूरोपीय दखल अंदाजी को कम करना था, बल्कि दुनिया में अमेरिका का दबदबा कायम करना था. 1823 में संसद में हो रहे एक भाषण के दौरान मोनरो ने कहा था कि पश्चिमी हिस्से के जो भी देश स्वतंत्र हो चुके हैं, यूरोप उनके मामलों में टांग नहीं अड़ाना चाहता है, इसके बदले में अमेरिका ने यूरोपीय युद्धों और उनके आंतरिक मामलों में दखल ने देने का आश्वासन भी दिया था.


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ये एक ऐसा समय था, जब लैटिन अमेरिकी देशों को आजादी मिली थी. क्योंकि मोनरो की ये मंशा थी कि यूरोपीय देश दोबारा से किसी भी देश पर अपना नियंत्रण हासिल न कर सके, इस पूरे महाद्वीप पर सिर्फ अमेरिका का ही वर्चस्व हमेशा-हमेशा स्थापित रहे.


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मोनरो सिद्धांत से क्या है वेनेजुएला का कनेक्शन


'द मोनरो डॉक्ट्रिन के मुताबिक, एम्पायर एंड नेशन इन नाइनटींथ-सेंचुरी अमेरिका' के लेखक सेक्स्टन कहते हैं, "वेनेजुएला हमेशा से मोनरो सिद्धांत के केंद्र में रहा है. 19वीं सदी से ही वेनेजुएला के संबंध कई देशों के साथ खराब रहे हैं. वेनेजुएला ने अक्सर अमेरिका के विरोधी देशों से दोस्ती करने की कोशिश की है, पहले यूरोपीय देशों ने भी वेनेजुएला में दिलचस्पी ली थी, लेकिन मोनरो सिद्धांत लागू होने के बाद लगभग 2 शताब्दियों से यहां अमेरिका का ही बोलबाला है."

वाराणसी के ऐतिहासिक कोतवाली थाने का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए भवन का उद्घाटन
वाराणसी के ऐतिहासिक कोतवाली थाने का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए भवन का उद्घाटन
वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक कोतवाली थाना परिसर का शुक्रवार को भव्य रूप से लोकार्पण किया गया पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर नवनिर्मित थाना भवन का उद्घाटन किया इस मौके पर उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना शहर का सबसे महत्वपूर्ण थाना है, जिसे बाबा काल भैरव की चौकी के रूप में भी विशेष पहचान प्राप्त है वर्ष 1901 में अंग्रेजों के समय निर्मित इस भवन की हालत समय के साथ जर्जर हो गई थी, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं के साथ पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया गया है.करीब सवा सौ साल पुराने इस भवन के जीर्णोद्धार पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं. इस दौरान न केवल थाना भवन को नया स्वरूप दिया गया, बल्कि उससे जुड़ी सड़क और सामने स्थित पार्क का भी सुंदरीकरण किया गया है.मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा लगातार पुराने थानों का कायाकल्प किया जा रहा है. इससे पहले चौक थाने को भी हेरिटेज स्वरूप में विकसित किया जा चुका है.उन्होंने कहा कि इस पहल से पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनके कार्य करने के माहौल में सुधार होगा.उन्होंने आगे जानकारी दी कि जल्द ही जैतपुरा थाना, चेतगंज थाना समेत अन्य पुराने थानों का भी नवीनीकरण किया जाएगा, ताकि उन्हें आधुनिक और सुव्यवस्थित रूप दिया जा सके.20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाईअधिकारियों का मानना है कि थाना परिसर के नवीनीकरण से पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और फरियादियों को भी बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा.इस अवसर पर डीआईजी शिवहरी मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बसंवाल, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाई
20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाई
वाराणसी : सरकारी महकमे में भ्रष्‍टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्‍शन विभाग की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया. दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.शिकायत के आधार पर एंटी करप्‍शन टीम ने जाल बिछायाजानकारी के अनुसार 10 अप्रैल 2026 समय लगभग 2.55 बजे शिकायतकर्ता शुभम श्रीवास्‍तव निवासी उत्‍तरी ककरमत्‍ता थाना मंडुआडीह वाराणसी ने एंटी करप्‍शन टीम से शिकायत की थी कि विद्युत विभाग के अधिकारी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्‍वत मांग रहे हैं. शिकायत के आधार पर एंटी करप्‍शन टीम ने जाल बिछाया और 33/11 केवी डीपीएच पावर हाउस मंडुआडीह के पास से दोनों आरोपियों को रिश्‍वत लेते हुए दबोच लिया.यह भी पढ़ें: पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तारगिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्‍मण कुमार लाइनमैन संविदाकर्मी निवासी नैपुरा कला थाना लंका और नवनीत कुमार जूनियर इंजीनियर निवासी जवांवा थाना गोपीगंज भदोही शामिल हैं. टीम ने दोनों आरोपियों को 20 हजार रुपये रिश्‍वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ थाना रोहनिया कमिश्‍नरेट वाराणसी में भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्‍यक विधिक कार्यवाही की जा रही है. इसके बाद विभाग में हडकंप मच गया है.
पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा पुलिस ने लगातार मिल रही शिकायत के बाद यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाकर रोडवेज और कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाओं को गिरफ्त में लिया है. यह कार्रवाई थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में की गई. अभियान के दौरान रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह, दरोगा दुर्गा प्रसाद, दरोगा प्रशांत बंधु और दरोगा जावेद अशरफ सहित पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी.शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं राहगीरों और श्रद्धालुओं को परेशान करने, अनावश्यक भीड़ इकट्ठा करने और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैलाने में संलिप्त थीं. स्थानीय नागरिकों और यात्रियों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी महिलाओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि इनकी गतिविधियों से आमजन को असुविधा हो रही थी और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी. फिलहाल सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है.यह भी पढ़ें: 24 साल पुराना शूटआउट केस कानूनी निष्‍कर्ष के करीब, जल्‍द आ सकता फैसलामुकदमा दर्ज कर की जाएगी कानूनी प्रक्रिया पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह अव्‍यवस्‍था बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी.