डोनल्ड ट्रंप कर बैठे मोनरो डॉक्ट्रिन का जिक्र, आखिर क्यों?

वेनेजुएला पर हुए हमले के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने एक बड़ा बयान दिया है, अपने बयानों में उन्होंने मोनरो सिद्धांत' का जिक्र किया है, जो 200 साल पुराना डॉक्ट्रिन कभी अमेरिका की विदेश नीति का एक अहम हिस्सा भी हुआ करता था. जिसके चलते पिछली 2 शताब्दियों में अमेरिका ने कई बार इसी सिद्धांतों की बदौलत दूसरे देशों पर शिकंजा कसने में कामयाब रहा. अमेरिका फर्स्ट की नीति को सही ठहराते हुए ट्रंप ने कहा, "मोनरो सिद्धांत यही कहता था कि, पश्चिमी देशों में अमेरिका का ही बोलबाला होना चाहिए. पर कई दशकों से पुरानी सरकारों ने इसे नजरअंदाज किया, जिससे हमारी सुरक्षा खतरे में आ गई. मगर, अब हम फिर से अमेरिका को ताकतवर बनाने की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं."

जाने क्या है मोनरो सिद्धांत
आपको बता दें, कि अमेरिका के 5वें राष्ट्रपति जेम्स मोनरो के कार्यकाल में विदेश नीति का एक नया डॉक्ट्रिन सामने आया है. 1817-1825 तक के कार्यकाल में राष्ट्रपति जेम्स मोनरो ने पश्चिमी देशों पर यूरोप के प्रभुत्व के खिलाफ मोनरो डॉक्ट्रिन पेश किया था. इसका उद्देश्य न सिर्फ यूरोपीय दखल अंदाजी को कम करना था, बल्कि दुनिया में अमेरिका का दबदबा कायम करना था. 1823 में संसद में हो रहे एक भाषण के दौरान मोनरो ने कहा था कि पश्चिमी हिस्से के जो भी देश स्वतंत्र हो चुके हैं, यूरोप उनके मामलों में टांग नहीं अड़ाना चाहता है, इसके बदले में अमेरिका ने यूरोपीय युद्धों और उनके आंतरिक मामलों में दखल ने देने का आश्वासन भी दिया था.

ये एक ऐसा समय था, जब लैटिन अमेरिकी देशों को आजादी मिली थी. क्योंकि मोनरो की ये मंशा थी कि यूरोपीय देश दोबारा से किसी भी देश पर अपना नियंत्रण हासिल न कर सके, इस पूरे महाद्वीप पर सिर्फ अमेरिका का ही वर्चस्व हमेशा-हमेशा स्थापित रहे.

मोनरो सिद्धांत से क्या है वेनेजुएला का कनेक्शन
'द मोनरो डॉक्ट्रिन के मुताबिक, एम्पायर एंड नेशन इन नाइनटींथ-सेंचुरी अमेरिका' के लेखक सेक्स्टन कहते हैं, "वेनेजुएला हमेशा से मोनरो सिद्धांत के केंद्र में रहा है. 19वीं सदी से ही वेनेजुएला के संबंध कई देशों के साथ खराब रहे हैं. वेनेजुएला ने अक्सर अमेरिका के विरोधी देशों से दोस्ती करने की कोशिश की है, पहले यूरोपीय देशों ने भी वेनेजुएला में दिलचस्पी ली थी, लेकिन मोनरो सिद्धांत लागू होने के बाद लगभग 2 शताब्दियों से यहां अमेरिका का ही बोलबाला है."



