हाइटेक सिटी आंदोलन के जुझारू नेता डॉ. पारसनाथ का निधन...

वाराणसी: काशी विद्यापीठ ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सभा कोरौता निवासी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. पारसनाथ का निधन हो गया. वह 72 वर्ष के थे. उनके निधन की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई. बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे.
डॉ. पारसनाथ को वाराणसी में हुए हाइटेक सिटी आंदोलन का प्रमुख चेहरा माना जाता था. उनकी अगुवाई में यह आंदोलन करीब तीन वर्षों तक चला था. आंदोलन के दौरान किसानों और स्थानीय लोगों की आवाज को मजबूती से उठाया गया, जिसके बाद यूनिटेक कंपनी को परियोजना से पीछे हटना पड़ा. इस संघर्ष ने डॉ. पारसनाथ को एक जनपक्षधर और संघर्षशील नेता के रूप में पहचान दिलाई.पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, डॉ. पारसनाथ अपने साथियों के बीच जुझारू, कर्मठ और मेहनती नेता के रूप में जाने जाते थे. वे हमेशा आम लोगों और किसानों के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहते थे. उनके निधन से पार्टी और क्षेत्रीय राजनीति को बड़ी क्षति मानी जा रही है
परिवार में वे छह भाइयों में तीसरे स्थान पर थे. उनके पीछे दो पुत्र हरिकेश बहादुर और धर्मेंद्र जोशी हैं.
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डॉ. पारसनाथ का अंतिम संस्कार वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर किया गया. उनके बड़े पुत्र हरिकेश बहादुर ने मुखाग्नि दी. अंतिम यात्रा में अनिल कुमार सिंह, कामरेड लालमणि वर्मा, डॉ. शिव शंकर शास्त्री, ब्रजराज, लल्लन, जगदीश, केशव, राम जग, दूधनाथ पटेल और नीलम पटेल समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे.
डॉ. पारसनाथ के निधन पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें जनआंदोलनों की मजबूत आवाज बताया.



