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ड्रोन और 3डी GIS से अवैध निर्माण पर सख्ती, वीडीए अब प्लॉट-भवन का क्षेत्रफल भी करेगा ऑनलाइन सार्वजनिक

ड्रोन और 3डी GIS से अवैध निर्माण पर सख्ती, वीडीए अब प्लॉट-भवन का क्षेत्रफल भी करेगा ऑनलाइन सार्वजनिक
Feb 16, 2026, 09:23 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : शहर में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण पर सख्ती बढ़ाते हुए वीडीए ने पारदर्शिता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है. प्राधिकरण अब अनुमोदित लेआउट, भवन मानचित्र के साथ-साथ भूखंड और भवन के क्षेत्रफल की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी में है, ताकि जमीन खरीदने से पहले नागरिक खुद वैधता की जांच कर सकें.


इस ऑनलाइन होगी एरिया की पूरी जानकारी


नई पहल के तहत नागरिक प्लॉट या भवन का स्वीकृत क्षेत्रफल, भूमि उपयोग (आवासीय/वाणिज्यिक) और अनुमोदन की स्थिति वेबसाइट पर देख सकेंगे। इससे फर्जी प्लॉटिंग, अधिक क्षेत्रफल दिखाकर बिक्री और गैर-अनुमोदित निर्माण जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी.

वीडीए की वेबसाइट पर पहले से “भूमि उपयोग रिपोर्ट” सुविधा उपलब्ध है, जिसे अब और विस्तारित किया जा रहा है.


ड्रोन सर्वे और 3डी जी.आई.एस से हाई-टेक निगरानी


अवैध भूखंड आवंटन और अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के तहत प्राधिकरण ड्रोन सर्वेक्षण और 3डी जीआईएस मॉडलिंग का सहारा ले रहा है. इस तकनीक से अनधिकृत, गैर-अनुमोदित या अतिक्रमणकारी संरचनाओं की सटीक पहचान करने में मदद मिलेगी , नक्शे के अनुरूप निर्माण की पुष्टि करने और वास्तविक बनाम स्वीकृत क्षेत्रफल का मिलान करने में मदद मिलेगी

इससे निगरानी और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है.


त्वरित स्वीकृति, सख्त कार्रवाई


कानूनी विकास को बढ़ावा देने के लिए

• लेआउट मंजूरी: 7 दिनों में

• भवन मानचित्र स्वीकृति: 48 घंटों में


वहीं 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में कई इलाकों में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर बड़े पैमाने पर विध्वंस अभियान चलाकर स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों से समझौता नहीं होगा.


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जनता के लिए अहम सलाह


प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अनुमोदित कॉलोनियों में ही निवेश करें और खरीदारी से पहले आधिकारिक पोर्टल पर प्लॉट का क्षेत्रफल, भूमि उपयोग और स्वीकृति स्थिति अवश्य जांच लें. गैर-अनुमोदित लेआउट पर बैंक ऋण अस्वीकृत हो सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.


शहर के शहरी पदचिह्नों के डिजिटलीकरण और हाई-टेक निगरानी की यह पहल वाराणसी के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. अब जमीन खरीदने से पहले एक क्लिक की जांच, भविष्य की कानूनी और आर्थिक परेशानियों से सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगी.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।