ड्रोन और 3डी GIS से अवैध निर्माण पर सख्ती, वीडीए अब प्लॉट-भवन का क्षेत्रफल भी करेगा ऑनलाइन सार्वजनिक

वाराणसी : शहर में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण पर सख्ती बढ़ाते हुए वीडीए ने पारदर्शिता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है. प्राधिकरण अब अनुमोदित लेआउट, भवन मानचित्र के साथ-साथ भूखंड और भवन के क्षेत्रफल की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी में है, ताकि जमीन खरीदने से पहले नागरिक खुद वैधता की जांच कर सकें.
इस ऑनलाइन होगी एरिया की पूरी जानकारी
नई पहल के तहत नागरिक प्लॉट या भवन का स्वीकृत क्षेत्रफल, भूमि उपयोग (आवासीय/वाणिज्यिक) और अनुमोदन की स्थिति वेबसाइट पर देख सकेंगे। इससे फर्जी प्लॉटिंग, अधिक क्षेत्रफल दिखाकर बिक्री और गैर-अनुमोदित निर्माण जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी.
वीडीए की वेबसाइट पर पहले से “भूमि उपयोग रिपोर्ट” सुविधा उपलब्ध है, जिसे अब और विस्तारित किया जा रहा है.
ड्रोन सर्वे और 3डी जी.आई.एस से हाई-टेक निगरानी
अवैध भूखंड आवंटन और अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के तहत प्राधिकरण ड्रोन सर्वेक्षण और 3डी जीआईएस मॉडलिंग का सहारा ले रहा है. इस तकनीक से अनधिकृत, गैर-अनुमोदित या अतिक्रमणकारी संरचनाओं की सटीक पहचान करने में मदद मिलेगी , नक्शे के अनुरूप निर्माण की पुष्टि करने और वास्तविक बनाम स्वीकृत क्षेत्रफल का मिलान करने में मदद मिलेगी
इससे निगरानी और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है.
त्वरित स्वीकृति, सख्त कार्रवाई
कानूनी विकास को बढ़ावा देने के लिए
• लेआउट मंजूरी: 7 दिनों में
• भवन मानचित्र स्वीकृति: 48 घंटों में
वहीं 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में कई इलाकों में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर बड़े पैमाने पर विध्वंस अभियान चलाकर स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों से समझौता नहीं होगा.
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जनता के लिए अहम सलाह
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अनुमोदित कॉलोनियों में ही निवेश करें और खरीदारी से पहले आधिकारिक पोर्टल पर प्लॉट का क्षेत्रफल, भूमि उपयोग और स्वीकृति स्थिति अवश्य जांच लें. गैर-अनुमोदित लेआउट पर बैंक ऋण अस्वीकृत हो सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
शहर के शहरी पदचिह्नों के डिजिटलीकरण और हाई-टेक निगरानी की यह पहल वाराणसी के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. अब जमीन खरीदने से पहले एक क्लिक की जांच, भविष्य की कानूनी और आर्थिक परेशानियों से सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगी.



