भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान की 110वीं जयंती पर काशी में दुआख्वानी, बरसे श्रद्धा के फूल
वाराणसी: शहनाई सम्राट भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां ने दुनिया को अपनी शहनाई की धुन से मुरीद किया था. शहनाई को वैश्विक स्तर पर ले जाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है. 21 मार्च को ईद के साथ उनकी 110वीं जयंती है. ऐसे में आज शनिवार को बिस्मिल्लाह खान फाउंडेशन के तत्वाधान में उनकी जयंती दरगाह फातमान सिगरा में मनाई गई. इस मौके पर कुरान खानी और दुवा खानी हुई. उनके चित्र पर श्रद्धा का फूल चढ़ाकर याद किया गया.

बिस्मिल्लाह खान साहब का स्मरण सुनाया
इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक शकील अहमद जादूगर ने बताया आज ही के दिन 21 मार्च 1916 में बिहार के डुमरांव में उनका जन्म हुआ. उनका निधन 21 अगस्त 2006 को वाराणसी शहर में हुआ. शकील अहमद जादूगर ने बिस्मिल्लाह खान साहब का एक स्मरण सुनाया. बताया कि 5 साल की उम्र में उस जमाने में गिल्ली डंडा का खेलचलन था जो बिस्मिल्लाह खान साहब डुमरांव के रियासत में तालाब के किनारे खेलते थे और कोई भी उनसे जीत नहीं पाता था. जब यह बात रियासत के राजा ने उनके पिता पैगंबर बख्श से पूछा कि तुम्हारे बेटे हैं. उन्होंने कहा जी महाराज. इसके बाद महाराज ने 125 किलो का लड्डू आपको भेंट किया.

शहनाई की धून पर जागते थे बाबा विश्वनाथ
बिस्मिल्लाह खान के पिता अपने बेटे को शहर के बेनियाबाग अपने ससुराल लेकर चले आए. उनको मामू के हवाले कर दिया. उनके मामू का नाम था अली बख्श. उस जमाने में काशी विश्वनाथ मंदिर के उनके मामा शहनाई बजाया करते थे और बिस्मिल्लाह खान साहब को भी वहां ले गए और शहनाई बजाना शुरू करवाया. 14 बरस खान साहब ने काशी विश्वनाथ मंदिर पर शहनाई बजाई. ऐसा कहा जाता है उनकी शहनाई की धून पर बाबा विश्वनाथ जागते थे. उस दौरान क्या मालूम था कि एक दिन दुनिया के महान शहनाई वादक के रूप में जाने जाएंगे.

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ऐसे महान शहनाई वादक को दो अवसर ऐसे मिले जो किसी भी संगीतज्ञ को शायद ही मिले हों. 1947 में जब भारत आजाद हुआ तो उन्होंने शहनाई बजाई. 1950 में कानून लागू हुआ फिर मौका मिला. जयंती के मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बेटे शांतनु राय ने अपने पिता की तरफ से श्रद्धा का फूल उस्ताद बिस्मिल्लाह खान साहब के मकबरे पर चढ़ाया.

मौके पर प्रमोद वर्मा, आफाक हैदर, अब्बास मुर्तुजा शमसी, नजमुल हसन, इफ्तेखार हुसैन गुड्डू, हादी हसन, साइन फातिमा, कहकशां फातिमा, बिस्मिल्लाह खान की बेटी जरीना फातिमा, विनय चौरसिया और कार्यक्रम संयोजक शकील अहमद जादूगर मौजूद रहे.



