ईंधन संकट के चलते अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र में रसोई बंद, निराश लौटे श्रद्धालु

वाराणसी: गैस संकट की आंच अब आस्था के भाव को भी प्रभावित करने लगी है. खाडी युद्ध के एक पखवारे बाद इसका असर काशी अन्नपूर्णा मंदिर अन्नक्षेत्र की बांसफाटक स्थित दूसरी शाखा में देखने को मिला जहां, शनिवार से ईंधन के अभाव के कारण भोजन बनना बंद करना पड़ा है. शायद यह पहली बार हुआ है जब काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र में भक्तों के लिए भोजन प्रसाद बनना बंद हो गया. सबके पेट की भूख मिटाने वाली मां अन्नपूर्णेश्वरी के दरबार में आने वाले हर भक्त को भोजन और प्रसाद अनवरत मिलता है. इसलिए बाबा की नगरी में इसे शहर की पहली रसोई के रूप में मान्यता भी प्राप्त है. लिहाजा सिलेंडर खत्म होने से अन्नपूर्णा रसोई पर ताला लगने के बाद अन्नक्षेत्र से भतों का बिना प्रसाद ही लौटना एलपीजी संकट की ओर इशारा कर रहा है.

अन्नपूर्णा भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान
काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र, जो कि भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है, वहां भोजन निर्माण का कार्य अचानक रुक जाना एक गंभीर समस्या बन गई है. इस अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन हजारों भक्त आते हैं और उन्हें प्रसाद के रूप में भोजन प्रदान किया जाता है. लेकिन अब ईंधन की कमी के कारण यह सेवा बाधित हो गई है. यह स्थिति न केवल भक्तों के लिए बल्कि अन्नक्षेत्र के प्रबंधन के लिए भी चुनौतीपूर्ण है.

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भोजन निर्माण के लिए आवश्यक गैस की कमी ने इस प्रतिष्ठान की गतिविधियों को प्रभावित किया है. अन्नक्षेत्र के प्रबंधन सूत्रों ने बताया कि वे इस समस्या का समाधान खोजने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन वर्तमान में स्थिति चिंंतापूर्ण है. भक्तों की आस्था और विश्वास को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए.
गैस संकट के कारण केवल काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ही नहीं, बल्कि अन्य कई स्थानों पर भी भोजन निर्माण में कठिनाइयाँ आ रही हैं. यह संकट न केवल धार्मिक स्थलों पर, बल्कि आम जनता के लिए भी चिंता का विषय बन गया है. कई लोग इस संकट के कारण प्रभावित हुए हैं और उन्हें भोजन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है.

भक्तों ने की अपनी चिंता व्यक्त
इस संकट के बीच, भक्तों ने अपनी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र में भोजन का अभाव उनके लिए एक गंभीर चिंंता का विषय है. आंध्रप्रदेश के विजयवाडा से आए श्रद्धालु ने बताया कि इस अन्नक्षेत्र में भोजन का निर्माण केवल एक सेवा नहीं, बल्कि उनकी आस्था का प्रतीक है. जब भी यहां आते हैं प्रसाद जरूर ग्रहण करते हैं. काशी आने वाले भक्त अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्रसाद के रूप में प्राप्त करते थे जो इस बार बंद है. हालांकि प्रबंधन सूत्रों के अनुसार इस समस्या को हल करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं.दुर्गाकुंड से आई महिला श्रद्धालु ने बताया कि भोजन के बिना लौटना पडा है.



