कोयला ‘घोटाला' मामले में ईडी की छापेमारी, ममता बनर्जी ने कर दिया खेला

बनारस: तृणमूल कांग्रेस यानि ( टीएमसी) के लिए राजनीतिक और चुनावी प्रबंधन का काम कर रही संस्था इंडियन पालिटिकल एक्शन कमेटी यानि (आइ-पैक) और इसके निर्देशक प्रतीक जैन के घर बीते गुरुवार को ईडी ने छापेमारी की. ईडी की इस बड़ी कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्ययमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर जा पहुंची, जहां से एक फाइल के साथ लैपटॉप अपने घर वापस लौटी. इसके अलावा ईडी ने आई-पैक के सॉल्ट लेते हुए सेक्टर 5 ऑफिस में तलाशी अभियान चलाना शुरू कर दिया. ये वहीं आई-पैक है जो साल 2019 से तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा है. ईडी की इसी कार्रवाई के बाद से ही संस्थापक प्रतीक जैन सुर्खियों में रहने लगे. बता दें, प्रवर्तन निदेशालय की टीम द्वारा की गई यह कार्रवाई कोयला ‘घोटाला' से जुड़े धन शोधन मामले के सिलसिले में हुई है.

ईडी ने लगाया ममता पर गंभीर आरोप
वहीं ईडी की इस कार्रवाई को मद्देनजर रखते हुए टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तथा डेटा को हाथ लगाने की कोशिश कर रही हैं. जिस पर ईडी ने आगबबूला होते हुए कहा कि सीएम ममता प्रवर्तन निदेशाल की जांच में बाधा डालने के लिए छापेमारी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल सुबूतों को जबरन छीनने जैसी हरकते कर रही है. जो कानूनों का उल्लंघन करती है.

इस रवैये को लेकर ईडी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हुई है. तो वहीं दूसरी ओर तृणमूल भी ईडी की कार्रवाई का विरोध करते हुए हाई कोर्ट जा पहुंची हैं. लेकिन इस मामले पर जैसे ही जस्टिस शुभ्रा घोष की बेंच में सुनवाई शुरू होने ही वाली थी कि, वहां वकीलों और इंटरर्न की भारी भीड़ जमा हो गई. इस स्थिति में टीएमसी सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने भी लोगों से बाहर जाने की अपील की, लेकिन वकीलों के बीच धक्का-मुक्की और बहस शुरू हो गई, अव्यवस्था से नाराज होकर जस्टिस घोष ने सुनवाई को स्थगित कर दिया.
आखिर कौन हैं प्रतीक जैन
प्रतीक जैन ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे (IIT-B) से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग और मैटेरियल्स साइंस में इंजीनियरिंग की है. इस दौरान उन्होंने एक्सिस म्यूचुअल फंड में इंटर्नशिप भी की. इंजीनियरिंग पूरा करने के बाद से प्रतीक जैन ने डेलॉइट में एनालिस्ट के तौर पर काम किया है . फिर ‘सिटिज़न्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस' के फाउंडिंग मेंबर बन बैठे. इसके बाद उन्होंने I-PAC की स्थापना की. जो एक बिज़नेस कंसल्टिंग और सर्विसेज कंपनी है.

इस कंपनी के साथ 201-500 कर्मचारी जुड़े हुए हैं. इस कंपनी का हेडक्वार्टर हैदराबाद, तेलंगाना में है. इस कंपनी का मकसद कैंपेन मैनेजमेंट, पॉलिटिकल कंसल्टिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन, मीडिया रिलेशन, सप्लाई और प्रोक्योरमेंट, स्ट्रेटेजिक रिसर्च, सोशल मीडिया मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशन, पब्लिक पॉलिसी, फील्ड ऑपरेशन, टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स और ऑपरेशन से जुडे लोगों के लिए काम करती है.



