ED ने कोयला तस्करी मामले में की कार्रवाई, कई दस्तावेज जब्त

पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी मामले का भंडाफोड़ हुआ है. जहां प्रवर्तन निदेशालय यानि (ED) ने आज एक बड़ी कार्रवाई करेत हुए कोलकाता समेत 12 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया हैं. इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य कोयला तस्करी से अर्जित 'काले धन' के लेन-देन का पर्दाफाश करना है. क्योंकि, जांच एजेंसी को इस बात का शक है कि तस्करी की इस बड़ी रकम को हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया है. इसी वित्तीय ट्रेल को ट्रैक करने के लिए ईडी की टीम डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों को खंगालने में लगी हुई है. यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जिसके तार पड़ोसी राज्य झारखंड से जुड़ा हैं. जांच में यह बात सामने आई है कि, ये कारोबारी अजय और दामोदर नदी से बालू निकालने के कार्य से जुड़े हुए हैं. वहीं इसी सिलसिले में इससे पहले झारखंड में भी ईडी ने छापेमारी की थी.

बालू कारोबारी के आवास पर छापेमारी
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमें कोलकाता, दुर्गापुर, आसनसोल, बर्द्धमान सहित कुल नौ स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चला रही हैं. सेपको टाउनशिप में बालू कारोबारी के आवास पर छापेमारी की जा रही है, सिटी सेंटर क्षेत्र के आंबेडकर सरणी स्थित एक संदिग्ध घर की तलाशी ली जा रही है. पांडवेश्वर और कांकसा में एनएच-19 (नेशनल हाईवे) के पास स्थित ठिकानों पर भी अधिकारियों ने छापामारी की है.

वैध टेंडर की आड़ में अवैध बालू खनन
जांच में यह पता चला है कि, ये कारोबारी अजय और दामोदर नदी से बालू निकालने के
कार्य से जुड़ा हैं. जिस पर आरोप है कि वैध टेंडर की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया गया है. एक ही चालान का बार-बार इस्तेमाल किया गया है, बीरभूम जिले के चालान दिखाकर पश्चिम बर्द्धमान जिले से बालू की तस्करी की गई. इन अवैध गतिविधियों के जरिए कारोबारियों ने कम समय में अकूत संपत्ति अर्जित की है. फिलहाल, ईडी की यह कार्रवाई जारी है और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए जाने की खबर है.



