निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी, इनामी आरोपी को EOW ने किया गिरफ्तार
वाराणसी: पांच साल में निवेश की रकम को दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) वाराणसी सेक्टर की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी संतोष किशन सपकाले को शुक्रवार को गुजरात के सूरत शहर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस उद्यान, जहांगीरपुरा से दबोचा गया. वह सूरत के उमरा थाना क्षेत्र के मंगलदीप सोसाइटी का निवासी बताया गया है. जांच एजेंसी काफी समय से उसके पीछे पडी थी पर वह हाथ नहीं आ रहा था. उसकी गिरफ्तारी के बाद पीडितों में उम्मीद की किरण जगी है.
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निवेश के नाम पर ठगी का जरियां बनी ये कंपनियां
ईओडब्ल्यू वाराणसी के निरीक्षक सुनील वर्मा के अनुसार, संतोष सपकाले ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर “आस्था इंटरनेशनल लिमिटेड” और “आस्था गोट फार्मिंग इंडिया लिमिटेड” नाम से कंपनियां बनाई थीं. कागजों में इन कंपनियों का कार्य पशुपालन और लाइव स्टॉक जैसे गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी, मछली और सुअर पालन से जुड़ा बताया गया था, लेकिन हकीकत में यह कंपनियां निवेश के नाम पर लोगों को ठगने का जरिया बनीं.

पुलिस ने की कार्रवाई
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिना भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में पंजीकरण कराए गैर-बैंकिंग वित्तीय गतिविधियां संचालित कीं, जो आरबीआई अधिनियम का सीधा उल्लंघन है. कंपनी ने वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों के अलावा उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में एजेंट और लीडर नियुक्त कर अपनी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया.

निवेशकों को बॉन्ड के माध्यम से जोड़कर उनसे धन जमा कराया गया और पांच साल में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया. बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना में निवेश किया, लेकिन अवधि पूरी होने के बाद भी उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिला. इतना ही नहीं, कंपनी की ओर से दिए गए कई चेक भी बैंकों में बाउंस हो गए.
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ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस पूरे मामले में निवेशकों से कुल 3 करोड़ 61 लाख 42 हजार 5 रुपये की ठगी की गई है. मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी और आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.



