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एपस्टीन का दिखा असर, नामचीन अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

एपस्टीन का दिखा असर, नामचीन अधिकारियों ने दिया इस्तीफा
Feb 09, 2026, 11:31 AM
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Posted By Preeti Kumari

अमेरिका के यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन का मुद्दा इन दिनों चर्चाओं का विषय बन बैठा है. एपस्टीन फाइलों से जुड़े दस्तावेज लगातार राजनेताओं से लेकर दिग्गज लोगों की करतूतों की पोल खोलने में लगी हुई है. इस पोल का असर इस हद तक हुआ कि बड़े पदों पर बैठे तमाम लोग जांच के घेरे में आ गए हैं, जिसके चलते इस्तीफों की लाइन लग गई हैं. इसकी वजह इन दस्तावेजों में ईमेल, सोशल संपर्क, पैसों के लेन-देन और लड़कियों से निजी मुलाकातों से जुड़ी जानकारियां शामिल है. बता दें, हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चहेते चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा. उन पर आरोप है कि, उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाने की सलाह दी थी. इन्हीं आरोपों को स्वीकार करते हुए मॉर्गन मैकस्वीनी ने चीफ स्टाफ का अपना पद छोड़ना ही बेहतर समझा. ये किस्सा यहीं खत्म नहीं हुआ, बल्कि इसका असर नॉर्वे में भी देखने को मिला.


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एपस्टीन ने छिना इतनों का पद


यहां के विदेश मंत्रालय का कहना है कि, वरिष्ठ राजनयिक मोना जूल एपस्टीन से जुड़े मामले में "फैसले में गंभीर गलती" होने की वजह से अपना पद छोड़ने को तैयार है. हालांकि, 66 वर्षीय जूल पहले मंत्री रह चुकी हैं इजरायल, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र में नॉर्वे की राजदूत भी रह चुकी हैं. लेकिन एपस्टीन फाइल की इन करतूतों से यूरोप में बढ़ते विवाद का हिस्सा माना जा रहा है. बात करें अमेरिका की तो फरवरी 2026 में ब्रैड कार्प ने एक बड़ी लॉ फर्म के चेयरमैन पद छोड़ने का फैसला लेते हुए इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि उनके एपस्टीन से जुड़े ईमेल संपर्क सामने आए थे. इससे पहले नवंबर 2025 में लैरी समर्स ने भी एपस्टीन मामले से जुड़े होने का नतीजा भोगा था, जिसके चलते उन्होंने ने भी अपना एक अहम बोर्ड पद छोड़ा. दिसंबर 2025 में एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंजिनो ने भी इसी विवाद के बीच पद छोड़ दिया.


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एपस्टीन फाइल्स ने ऐसे-ऐसे राज खोले की बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की कुर्सी हिलने लगी, यूरोप के अन्य देशों में भी एपस्टीन फाइल्स ने अपना खेल दिखाया, फ्रांस में पूर्व मंत्री जैक लैंग ने एक सांस्कृतिक संस्थान के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया. स्वीडन के साथ-साथ कई अधिकारियों को अपने पद से हाथ धोना पड़ा. ध्यान देने वाली बात यह है कि हर इस्तीफा अपराध साबित होने के कारण नहीं हुआ. कई मामलों में सिर्फ संपर्क सामने आने से ही विवाद खड़ा हुआ और सार्वजनिक दबाव बढ़ा. संस्थाओं की साख और अपना रूतवा कायम रखने के लिए कई लोगों ने पद छोड़ने में ही अपनी समझदारी समझी.


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इन इस्तीफों को देखते हुए ये कहना जरा भी गलत नहीं होगा कि, इस एपस्टीन फाइल्स ने जैसे ही कई बड़े नेताओं की पोल क्या खोली उन्हें कुछ पल के लिए ये लगा कि हमारे द्वारा किये गए करतूतों पर कैसे भी करके पर्दा पड़ ही जाएगा. पर शायद वो ये भूल गए कि किसी भी हाल में उन्हें उन कारनामों का हिसाब चुकाना ही पड़ेगा, जो बंद दरवाजे के भीतर किया गया था.....क्योंकि कहा जाता है जैसी करनी वैसी भरनी.. जिसका नतीजा ये इस्तीफा है, जिसकी झड़ी आपको देखने को मिल रही है. जिसने पल भर में उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया और उनसे उनकी इज्जत और नौकरी ले डूबी.


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जानिए क्या है पूरा मामला


दरअसल, एपस्टीन 'फ़ाइल्स' के एक ईमेल मैसेज में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े-बड़े अधिकारियों का नाम सामने आया है. जहां पीएम मोदी का जेफ़री एपस्टीन की मुलाक़ात का दावा भी किया गया, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने ख़ारिज कर दिया है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने भी खुद पर लगे आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि, उनका जेफ़री एपस्टीन से 'कोई लेना-देना नहीं' था. यहां तक कि अमेरिकी जांच से साज़िश सामने आती है. इसका मक़सद उन्हें 'राजनीतिक रूप से नुक़सान पहुंचाना और चुनाव हरवाना था. बता दें, यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन प्रभावशाली लोगों के लिए लड़कियां सप्लाई करता था? यह सवाल लंबे समय से उठ रहा है. लेकिन FBI यानि (फेडरल ब्यूरों इन्वेस्टिगेशन) जो संयुक्त राज्य अमेरिकी एजेंसी है इसी अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों की समीक्षा के बाद अब सामने आई जानकारी ने एक नई बहस छेड़ दी है.


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सेक्स नेटवर्किंग का खिलाड़ी निकला एपस्टीन


जांच एजेंसियों ने एपस्टीन से जुड़े सभी रिकॉर्ड खंगाले, जिसके बाद भी उन्हें ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला जो ये साबित कर सके कि, वह शक्तिशाली लोगों के लिए कोई संगठित सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क चला रहा था, लेकिन जांच में यह जरूर सामने आया कि एपस्टीन सेक्स नेटवर्किंग चला रहा था, जिसके जरिए नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करता था. यह जांच 2005 में हुई थी, जब 2008 में 14 साल की एक लड़की के परिवार ने फ्लोरिडा में शिकायत दर्ज कराई थी.


इस जांच-पड़ताल में पुलिस ने कम से कम 35 लड़कियों की पहचान की, जिन्होंने अपनी आप बीती बताते हुए कहा कि जेफरी एपस्टीन उन्हें यौन प्रकृति की मालिश के लिए एक बड़ी रकम देता था, इस शिकायत के बाद एपस्टीन का काला चिट्ठा खुलते ही 2019 में उसकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन इस मामले से छुटकारा पाने के लिए उसने जेल में ही आत्महत्या कर ली. हैरानी इस बात की है कि, एपस्टीन की मौत के बाद भी एपस्टीन की फ़ाइलें विश्व की कई सरकारों, नेताओं, बिज़नेसमैन और नामचीन हस्तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं. अब देखने वाली बात यह है कि, एपस्टीन का ये मुद्दा नामचीन अधिकारियों को किस हद तक का सफर तय कराता हैं.

BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओरल एवं मैक्सिलोफेसियल सर्जरी (OMFS) इकाई ने जटिल सर्जरी कर 35 वर्षीय युवक को नई जिंदगी दी। युवक के निचले जबड़े में करीब सात वर्षों से एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर था, जिसके कारण उसके चेहरे की बनावट पूरी तरह बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने ट्यूमर से प्रभावित जबड़े को निकालकर मरीज के पैर की फिबुला हड्डी से नया जबड़ा तैयार किया।लखीमपुर खीरी निवासी युवक लंबे समय से चेहरे की असमानता से परेशान था। सामाजिक रूप से असहज महसूस करने के कारण वह लोगों के बीच जाने से भी हिचकिचाता था। कई जगह उपचार कराने के बावजूद स्थायी राहत नहीं मिलने पर उसे BHU में इलाज की सलाह दी गई।मरीज ने प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की OPD में चेहरे पर सूजन और निचले जबड़े में असमानता की शिकायत के साथ संपर्क किया। जांच में निचले जबड़े में बड़ा एमेलोब्लास्टोमा पाया गया, जिसने जबड़े की सामान्य संरचना और चेहरे के आकार को काफी प्रभावित कर दिया था।करीब आठ घंटे चली जटिल सर्जरी में ट्यूमर से पूरी तरह प्रभावित निचले जबड़े के हिस्से को निकाल दिया गया। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर से फिबुला हड्डी निकालकर उसे जबड़े के आकार में तैयार किया गया। माइक्रोवैस्कुलर तकनीक की मदद से फिबुला की रक्त वाहिकाओं को गर्दन की रक्त वाहिकाओं से जोड़ा गया, जिससे नए जबड़े में रक्त संचार स्थापित किया जा सके। इस प्रक्रिया को माइक्रोवैस्कुलर फ्री फिबुला फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन कहा जाता है।ALSO READ: तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठकसर्जरी का नेतृत्व OMFS इकाई के प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने किया। टीम में प्रो. नरेश कुमार शर्मा, डॉ. श्वेता, डॉ. आशुतोष आर्या, डॉ. अंशु और डॉ. पूनम यादव शामिल रहीं। एनेस्थीसिया विभाग से प्रो. यशपाल सिंह, डॉ. तनवी आनंद और डॉ. दीपक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ऑपरेशन BHU ट्रॉमा सेंटर के OMFS ऑपरेशन थिएटर में किया गया। सर्जरी के बाद मरीज के चेहरे की बनावट और समानता लगभग सामान्य हो गई है। उसके पैर में किसी तरह की महत्वपूर्ण कमजोरी नहीं है और वह सामान्य रूप से चल-फिर रहा है। लंबे समय से चेहरे की विकृति के कारण सामाजिक असहजता झेल रहे मरीज में अब आत्मविश्वास भी लौटा है।दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. एच.सी. बरनवाल ने इस जटिल और सफल शल्यक्रिया के लिए पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी।
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
वाराणसी: आगामी तिरंगा यात्रा को भव्य, ऐतिहासिक और प्रभावी बनाने की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी महानगर की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को गुलाब बाग स्थित महानगर कार्यालय में हुई.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया.बैठक में तिरंगा यात्रा की तैयारियों, संगठनात्मक सहभागिता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और यात्रा को व्यापक जनसहभागिता से जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए यात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, गौरव, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है. काशी की पावन धरती से निकलने वाली तिरंगा यात्रा राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का काम करेगी.उन्होंने कहा कि यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी. पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और युवा शक्ति मिलकर इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यापक जनसंपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को यात्रा से जोड़ने का आह्वान किया.तिरंगा यात्रा के महानगर संयोजक मधुकर चित्रांश ने यात्रा की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी. साथ ही विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर पदाधिकारियों के साथ समन्वय किया गया.ALSO READ:ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तारबैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', महापौर अशोक कुमार तिवारी, प्रदेश राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक नीलकंठ तिवारी समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति, एकता और जनभागीदारी का भव्य उत्सव बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का संकल्प लिया.
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तार
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी: कमिश्नरेट की थाना लोहता पुलिस ने युवती के साथ दुष्कर्म करने, अश्लील सामग्री भेजकर ब्लैकमेल करने और पैसे ऐंठने के गंभीर मामले में वांछित चल रहे नामजद अभियुक्त को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को मुढैला तिराहे के पास से धर दबोचा.वाराणसी पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत, सहायक पुलिस आयुक्त रोहनियां के नेतृत्व में लोहता पुलिस टीम को यह सफलता मिली.यह पूरा मामला 5 अगस्त 2026 का है, जब पीड़िता ने थाना लोहता पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में बताया गया था कि अभियुक्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया, मोबाइल पर अश्लील सामग्री भेजी, जान से मारने की धमकी दी और ब्लैकमेल करते हुए अवैध पैसों की मांग की. पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान संदीप कुमार मौर्या (उम्र करीब 28 वर्ष), पुत्र राजनारायण मौर्या, निवासी ग्राम कनक सराय, थाना कछवा, जनपद मिर्जापुर के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ मु०अ०सं० 231/2026, धारा 64(1), 351(3), 308(2) बीएनएस (BNS) एवं 67 आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.ALSO READ:पत्थर से हमला कर साड़ी कारीगर की हत्या दो घायल वारदात के बाद इलाके में मचा हड़कंप...इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में लोहता थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय, उप-निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, कांस्टेबल रत्नेश राय और रिक्रूट कांस्टेबल दुर्गेश कुमार यादव शामिल रहे.पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है.