सावित्रीबाई फुले के 195 वीं जयंती पर निबंध लेखन प्रतियोगिता, निकाली रैली

वाराणसी : महान शिक्षिका और समाजसेविका सावित्री बाई फुले की 195वीं जयंती पर उनके सम्मान में भंदहां कला कैथी ग्राम स्थित आशा लाइब्रेरी में निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. यह प्रतियोगिता महिलाओं की शिक्षा, स्वाभिमान और सशक्तिकरण को समर्पित सावित्री बाई फुले के विचारों को सम्मानित करने के लिए रखी गई थी.लाइब्रेरी से जुड़ी बालिकाओं ने इस प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया.

इस अवसर पर संस्था के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि क्रांतिज्योति सावित्री बाई फुले जी ने उस दौर में शिक्षा की अलख जगाई, जब बेटियों को पढ़ाना भी संघर्ष था. उनका जीवन आज भी समाज को समानता, साहस और प्रगति का मार्ग दिखाता है.उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे.
कार्यक्रम आयोजन में सौरभ चन्द्र, साधना पाण्डेय, प्रदीप सिंह, सरोज और सनी का विशेष योगदान रहा.
सावित्रीबाई फुले (जन्म 3 जनवरी, 1831) भारत की पहली महिला शिक्षक, समाज सुधारक और कवयित्री थीं, जिन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर 19वीं सदी में महिलाओं और दलितों के लिए शिक्षा के द्वार खोले, छुआछूत मिटाने और विधवा विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी; उन्हें भारतीय नारी आंदोलन की जननी और शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रकाश स्तंभ माना जाता है, जिन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1897 में प्लेग पीड़ितों की सेवा करते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया.
जागरुकता रैली निकाली

वाराणसी के मिर्जामुराद अंतर्गत गौर और रखौना गांव में सावित्री बाई फुले जयंती के अवसर पर समता किशोरी युवा मंच से जुड़ी किशोरियों ने बालिका शिक्षा पर जागरूकता रैली निकाली. रैली की शुरुआत रखौना पंचायत भवन से हुई और इसका समापन अंबेडकर पार्क में किया गया.
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इस दौरान किशोरियों ने "बाबा मुझको पढ़ने दो, पढ़कर आगे बढ़ने दो" तथा "किशोरियों ने कर दिया कमाल, चूल्हे से निकली चौपाल" जैसे नारे लगाकर बालिका शिक्षा का संदेश दिया. उन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया. कार्यक्रम में मनरेगा मजदूर यूनियन के संयोजक सुरेश राठौर ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने महिलाओं और किशोरियों की शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए अपने जीवन में समाज की रूढ़ियों को तोड़ा. उनकी प्रेरणा से समता किशोरी युवा मंच किशोरियों को शिक्षित और संगठित करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकें. इस अवसर पर रेनू, पूजा, सपना, नेहा, ज्योति, सरोजा, कविता, प्रियंका, अनिल, रोशन, मुश्तफा, सोनाली, खुशबू, रानी, प्रिया, फूलपत्ती, राजकुमारी, माला, संगीता, राधा, केवला, उषा, सरिता, अमिता, अनिता, किरण, वंदना सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.



