IIT-BHU में कल जुटेंगे स्वास्थ्य और AI क्षेत्र के विशेषज्ञ, हेल्थकेयर में तकनीक के इस्तेमाल पर होगा मंथन

वाराणसी : स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर, सुलभ और किफायती बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर चर्चा के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-BHU), वाराणसी में शनिवार, 17 अक्टूबर को ‘कॉन्क्लेव ऑन AI फॉर हेल्थकेयर एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजीज’ का आयोजन किया जाएगा। संस्थान के नवोन्मेष, अभिपोषण एवं उद्यमिता केंद्र (CIIE) की ओर से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और स्टार्टअप संस्थापकों के बीच विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम IIT-BHU परिसर स्थित CIIE के ई-हॉल में आयोजित किया जाएगा।
कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए AI आधारित तकनीकों की संभावनाओं को तलाशना और आम लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए नवाचार को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही किफायती, सुलभ और समावेशी सहायक प्रौद्योगिकियों के विकास पर भी चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन CIIE के समन्वयक प्रो. एम.के. मेश्राम के नेतृत्व में किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में AI की भूमिका पर होगी चर्चा
कार्यक्रम में बीएचयू के आयुर्विज्ञान संस्थान (IMS) की ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. मल्लिका तिवारी, IMS के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार और IIT-BHU के निदेशक प्रो. अमित पात्रा सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित महाजन, STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के संयुक्त सचिव के.के. सिंह और मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन के संबोधन भी प्रस्तावित हैं।
कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, AI के व्यावहारिक उपयोग और तकनीकी नवाचारों को आम लोगों तक पहुंचाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इसमें शोध और तकनीकी विकास के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा।
दिव्यांगजनों और वंचित समुदायों के लिए तकनीक पर जोर
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘AI के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाना: स्वास्थ्य, समावेशन एवं कल्याण’ विषय पर होने वाली पैनल चर्चा होगी। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने, AI के प्रभावी इस्तेमाल और दिव्यांगजनों तथा वंचित समुदायों के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
विशेषज्ञ इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि सहायक प्रौद्योगिकियों के जरिए लोगों के दैनिक जीवन को किस तरह अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है और स्वास्थ्य सेवाओं में समावेशिता को कैसे बढ़ाया जा सकता है।
शोध और स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन
इस पहल के जरिए शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, नवाचारकर्ताओं और उभरते उद्यमियों को स्वास्थ्य सेवा एवं सहायक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यावहारिक और बड़े स्तर पर उपयोग किए जा सकने वाले समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोजन में अनुसंधान, सरकारी नीतियों, उद्योग और उद्यमिता के बीच समन्वय मजबूत करने पर भी जोर रहेगा।
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IIT-BHU के CIIE और STPI की यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में AI आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ ऐसी तकनीकों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराने का प्रयास है, जो आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बना सकें।



