पटाखा विस्फोट में चांदनी और बेटे की हालत गंभीर, बड़ा बेटा-दादी अब भी लापता

वाराणसी: सारनाथ के पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट के बाद एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में घायल चांदनी बेगम और उसके छोटे बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि परिवार के बड़े बेटे और दादी मुन्नी का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। घटना की जानकारी मिलने पर सोनभद्र के घोरावल से चांदनी की मां परवीन और भाई अख्तर वाराणसी पहुंचे। अस्पताल में घायलों को देखने के बाद परिवार के लोग लापता सदस्यों की तलाश में जुटे हैं।
चांदनी के भाई अख्तर ने बताया कि उन्हें समाचार के माध्यम से बहन के घर में हुए विस्फोट की जानकारी मिली। इसके बाद वह अपनी मां के साथ वाराणसी पहुंचे। अस्पताल में बहन चांदनी और छोटे भांजे अदीब को देखा, जबकि भांजी अरबिया भी मिल गई है। हालांकि, बड़े भांजे आदिल और उसकी दादी मुन्नी के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। अख्तर ने बताया कि परिवार में लंबे समय से बातचीत बंद थी। राजू खान से भी पारिवारिक मनमुटाव चल रहा था। इसी वजह से बहन के घर आना-जाना बंद था।
चांदनी 85 से 90 प्रतिशत तक झुलसी
चांदनी की मां परवीन ने बताया कि वह सोनभद्र जिले के घोरावल की रहने वाली हैं। करीब 34 साल पहले उनकी बेटी चांदनी की शादी राजू खान से हुई थी। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। पारिवारिक कारणों से करीब एक साल पहले दामाद राजू खान से मनमुटाव हो गया था। इसके बाद उनका बेटी के घर आना-जाना बंद हो गया। विस्फोट की खबर मिलने पर वह बेटे अख्तर के साथ अस्पताल पहुंचीं।
अख्तर के मुताबिक, चांदनी करीब 85 से 90 प्रतिशत तक झुलस गई है। उसके छोटे बेटे अदीब के दोनों हाथों में फ्रैक्चर है। हालांकि, वह लोगों को पहचान रहा है। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, भांजी अरबिया को रिश्तेदारी में रखा गया है। परिवार के लोगों को अब बड़े बेटे आदिल और उसकी दादी मुन्नी के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार है।
राजू खान गिरफ्तार, परिवार के दो सदस्य लापता
बृहस्पतिवार शाम सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए तेज धमाके से राजू खान का तीन मंजिला मकान ढह गया था। विस्फोट इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब 400 मीटर के दायरे तक सुनाई दी। मकान के मलबे में परिवार के सदस्यों के दबे होने की सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एटीएस और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
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पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद मकान मालिक राजू खान को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उसकी मां मुन्नी और बड़े बेटे आदिल का अब तक पता नहीं चल सका है। विस्फोट की धमक से आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा। खिड़की-दरवाजे समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि आसपास के कुछ लोग भी चोटिल हुए। एहतियात के तौर पर मंडलीय अस्पताल में महिला उपनिरीक्षकों और कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है। फिलहाल, परिवार के लोग घायलों के उपचार के बीच लापता सदस्यों की तलाश और उनकी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।



