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पटाखा विस्फोट में चांदनी और बेटे की हालत गंभीर, बड़ा बेटा-दादी अब भी लापता

पटाखा विस्फोट में चांदनी और बेटे की हालत गंभीर, बड़ा बेटा-दादी अब भी लापता
Oct 16, 2026, 10:25 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: सारनाथ के पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट के बाद एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में घायल चांदनी बेगम और उसके छोटे बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि परिवार के बड़े बेटे और दादी मुन्नी का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। घटना की जानकारी मिलने पर सोनभद्र के घोरावल से चांदनी की मां परवीन और भाई अख्तर वाराणसी पहुंचे। अस्पताल में घायलों को देखने के बाद परिवार के लोग लापता सदस्यों की तलाश में जुटे हैं।

चांदनी के भाई अख्तर ने बताया कि उन्हें समाचार के माध्यम से बहन के घर में हुए विस्फोट की जानकारी मिली। इसके बाद वह अपनी मां के साथ वाराणसी पहुंचे। अस्पताल में बहन चांदनी और छोटे भांजे अदीब को देखा, जबकि भांजी अरबिया भी मिल गई है। हालांकि, बड़े भांजे आदिल और उसकी दादी मुन्नी के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। अख्तर ने बताया कि परिवार में लंबे समय से बातचीत बंद थी। राजू खान से भी पारिवारिक मनमुटाव चल रहा था। इसी वजह से बहन के घर आना-जाना बंद था।


चांदनी 85 से 90 प्रतिशत तक झुलसी


चांदनी की मां परवीन ने बताया कि वह सोनभद्र जिले के घोरावल की रहने वाली हैं। करीब 34 साल पहले उनकी बेटी चांदनी की शादी राजू खान से हुई थी। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। पारिवारिक कारणों से करीब एक साल पहले दामाद राजू खान से मनमुटाव हो गया था। इसके बाद उनका बेटी के घर आना-जाना बंद हो गया। विस्फोट की खबर मिलने पर वह बेटे अख्तर के साथ अस्पताल पहुंचीं।

अख्तर के मुताबिक, चांदनी करीब 85 से 90 प्रतिशत तक झुलस गई है। उसके छोटे बेटे अदीब के दोनों हाथों में फ्रैक्चर है। हालांकि, वह लोगों को पहचान रहा है। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, भांजी अरबिया को रिश्तेदारी में रखा गया है। परिवार के लोगों को अब बड़े बेटे आदिल और उसकी दादी मुन्नी के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार है।


राजू खान गिरफ्तार, परिवार के दो सदस्य लापता


बृहस्पतिवार शाम सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए तेज धमाके से राजू खान का तीन मंजिला मकान ढह गया था। विस्फोट इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब 400 मीटर के दायरे तक सुनाई दी। मकान के मलबे में परिवार के सदस्यों के दबे होने की सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एटीएस और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।


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पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद मकान मालिक राजू खान को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उसकी मां मुन्नी और बड़े बेटे आदिल का अब तक पता नहीं चल सका है। विस्फोट की धमक से आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा। खिड़की-दरवाजे समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि आसपास के कुछ लोग भी चोटिल हुए। एहतियात के तौर पर मंडलीय अस्पताल में महिला उपनिरीक्षकों और कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है। फिलहाल, परिवार के लोग घायलों के उपचार के बीच लापता सदस्यों की तलाश और उनकी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, दो नाबालिगों को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेचने वाली  महिला गिरफ्तार
मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, दो नाबालिगों को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेचने वाली महिला गिरफ्तार
वाराणसी : कमिश्नरेट के रोहनियां थाना क्षेत्र की पुलिस ने मानव तस्करी और बाल अपराध के एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर और नशीला पदार्थ सुंघाकर उनकी तस्करी करने के आरोप में लंबे समय से फरार चल रही 32 वर्षीय शातिर महिला को टेंगरा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया है. यह पूरा मामला पिछले साल 14 मार्च 2025 का है, जब एक पीड़ित पिता ने रोहनियां थाने में पुलिस को अपनी दर्द भरी दास्तान बयां की थी.नाबालिग बेटियों का अपहरणपिता की शिकायत के अनुसार, उनकी 14 साल की बेटी और उसकी 13 साल की सहेली को कुछ शातिर लोग मीठी-मीठी बातों और झांसे में फंसाकर अपने साथ ले गए थे. आरोप था कि बच्चियों को आसानी से तस्करी कर बेचने और ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उन्हें रास्ते में कोई नशीला पदार्थ सुंघाया गया था, ताकि वे विरोध न कर सकें. पिता की तहरीर पर रोहनियां पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 87, 123, 143 और 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी. इस संवेदनशील मामले की विवेचना उप-निरीक्षक धर्मेन्द्र राजपूत द्वारा की जा रही थी.पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार महिला कोई अकेली अपराधी नहीं है, बल्कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय/अंतरजिला मानव तस्करी और अपराध गिरोह का हिस्सा है, जो नाबालिग लड़कियों और युवतियों को अपना निशाना बनाता है. पकड़ी गई महिला का आपराधिक इतिहास बेहद चौंकाने वाला है, जिसके नाम पर कई जिलों में गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. सारनाथ थाना, मेहनाजपुर थाना (आजमगढ़) और बलुआ थाना (चंदौली) में मुकदमे दर्ज हैं.ALSO READ : विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर 600 से अधिक NCC कैडेट्स को दिया गया CPR और AED का प्रशिक्षणवरुणा जोन के पुलिस अधिकारियों को मुखबिर के जरिए यह पुख्ता सूचना मिली थी कि रोहनियां थाने की वांछित महिला अभियुक्त टेंगरा मोड़ के आसपास देखी गई है।सूचना के बाद प्रभारी निरीक्षक राजु सिंह ने पुलिस टीम के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की. पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आज सुबह करीब 10:30 बजे उसे धर दबोचा. फिलहाल पुलिस इस शातिर महिला से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं, वे अब तक कितनी बच्चियों को अपना शिकार बना चुके हैं और उन्हें किन जगहों पर बेचा जाता था.
मिशन शक्ति 6.0: सिगरा थाने में पांच महिलाओं का सम्मान, पारिवारिक विवाद सुलझाकर परिवारों को फिर जोड़ा...
मिशन शक्ति 6.0: सिगरा थाने में पांच महिलाओं का सम्मान, पारिवारिक विवाद सुलझाकर परिवारों को फिर जोड़ा...
वाराणसी: महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति 6.0 के तहत शुक्रवार को सिगरा थाने में पांच महिलाओं को सम्मानित किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा और मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और गुलाब का फूल भेंट किया। इसके साथ ही माल्यार्पण कर मिष्ठान वितरित किया गया और मिशन शक्ति से संबंधित पंपलेट देकर उन्हें जागरूक किया गया।पुलिस के अनुसार, सम्मानित की गई महिलाओं के परिवारों में पिछले वर्ष पारिवारिक विवाद उत्पन्न हुए थे। मिशन शक्ति टीम ने इन मामलों में संबंधित महिलाओं और उनके परिजनों को समझाकर विवाद शांत कराने तथा उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया था। पुलिस का कहना है कि इन प्रयासों के बाद महिलाएं अपने परिजनों के साथ खुशी से रह रही हैं। इसी क्रम में उनके सम्मान और समाज में महिलाओं की गरिमा को रेखांकित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।पांच महिलाओं को किया गया सम्मानितसिगरा थाने में आयोजित कार्यक्रम में सोना मौर्या, कोमल, अंजली भारद्वाज, बिलकिस और वंदना चौरसिया को सम्मानित किया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं का स्वागत करते हुए उन्हें सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया।महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन पर जोरउत्तर प्रदेश सरकार की ओर से शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति 6.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, उनकी समस्याओं के समाधान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।ALSO READ: विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर 600 से अधिक NCC कैडेट्स को दिया गया CPR और AED का प्रशिक्षणपुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी और मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी एवं अपर पुलिस उपायुक्त (महिला एवं अपराध) के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा सहित मिशन शक्ति टीम मौजूद रही। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के सम्मान और पारिवारिक विवादों के समाधान में संवाद एवं जागरूकता की भूमिका को सामने लाने का प्रयास किया गया।
विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर 600 से अधिक NCC कैडेट्स को दिया गया CPR और AED का प्रशिक्षण
विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर 600 से अधिक NCC कैडेट्स को दिया गया CPR और AED का प्रशिक्षण
वाराणसी। हृदयगति रुकने की स्थिति में समय पर प्राथमिक सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर शुक्रवार को वाराणसी के हरसेवा नंद स्कूल, रमना में 600 से अधिक NCC कैडेट्स को जीवनरक्षक प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एन.पी. सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में कैडेट्स को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।कार्यक्रम का नेतृत्व राजकीय चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी एवं CPR विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने किया। प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश के सात जिलों आगरा, अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और चंदौली के साथ आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना से आए NCC कैडेट्स ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने और जीवन बचाने के लिए जरूरी तकनीकों से परिचित कराया गया।हृदयगति रुकने पर शुरुआती मिनट अहमप्रशिक्षण के दौरान डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि हृदयगति रुकने की स्थिति में शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाना और जरूरत पड़ने पर CPR शुरू करना जीवन बचाने में मददगार हो सकता है। AED के सही इस्तेमाल से भी मरीज को बचाने की संभावना बढ़ सकती है।उन्होंने कैडेट्स को CPR की उपयोगिता और AED के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए कहा कि जीवनरक्षक तकनीकों का ज्ञान केवल चिकित्सा कर्मियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आम नागरिकों और युवाओं को भी इसका प्रशिक्षण मिलना जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में वे मदद के लिए आगे आ सकें।ALSO READ : "विंग्स ओवर गंगा": वाराणसी में देखने को मिलेगा भारतीय वायु सेना का शानदार और अद्भुत नजारा‘CPR के बिना किसी की मौत नहीं होनी चाहिए’डॉ. द्विवेदी ने “Nobody Should Die Without CPR” यानी CPR के अभाव में किसी की जान नहीं जानी चाहिए का संदेश देते हुए जीवनरक्षक प्रशिक्षण को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर प्राथमिक सहायता से हृदयगति रुकने जैसी आपात स्थिति में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।सैन्य अधिकारियों की रही मौजूदगीइस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शुकवीर पूनिया, मेजर (प्रोफेसर) लाल बिहारी प्रसाद और कैप्टन रामजी प्रसाद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य NCC कैडेट्स को आपातकालीन चिकित्सा सहायता के प्रति जागरूक करना और उन्हें जरूरत के समय लोगों की मदद करने के लिए प्रशिक्षित करना रहा।स्वास्थ्य विभाग की इस पहल के माध्यम से युवाओं में CPR और AED के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ जीवनरक्षक कौशल को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया गया।