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रोजगारपरक शिक्षा और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला: प्रो. बिहारी लाल शर्मा

रोजगारपरक शिक्षा और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला: प्रो. बिहारी लाल शर्मा
Oct 16, 2026, 10:09 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : आजीविका, रोजगारपरक शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं। आजीविका केवल अर्थोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी है। महिलाओं का आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण समावेशी विकास और राष्ट्र की प्रगति के लिए अनिवार्य है। यह बातें सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कहीं।


‘आजीविका परामर्श व रोजगार तथा महिला सशक्तीकरण’ विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो. बिहारी लाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपाधि प्रदान करना नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा, व्यावहारिक दक्षता, सृजनात्मक क्षमता और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़कर युवाओं को ऐसे अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, जिनसे वे अपनी योग्यता एवं रुचि के अनुरूप आजीविका अर्जित कर सकें और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकें।



कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि आजीविका परामर्श, कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार के अवसर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें युवाओं को बदलती सामाजिक एवं आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।


उन्होंने कहा कि रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं की क्षमताओं को निखारने और उन्हें व्यावहारिक अवसरों से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है।


आर्थिक आत्मनिर्भरता से मजबूत होगा महिला सशक्तीकरण


महिला सशक्तीकरण को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। आर्थिक आत्मनिर्भरता से महिलाओं का आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।


उन्होंने कहा कि सशक्त महिलाएं परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं और देश की प्रगति को नई दिशा प्रदान करती हैं। इसलिए महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ सामाजिक विकास की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है।



संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने युवाओं को रोजगार के पारंपरिक अवसरों के साथ नवाचार, उद्यमिता और डिजिटल कौशल से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधनों और निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की समान भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।


प्रो. अवस्थी ने विश्वविद्यालयों में शोध, कौशल विकास और उद्योग-जगत के साथ समन्वय को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी रेखांकित की। उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों पर भी चर्चा


राष्ट्रीय संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में शिक्षा, स्वावलंबन, श्रम की गरिमा और लोककल्याण के मूल्यों की प्रासंगिकता पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने विश्वविद्यालयों को ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का विकास करने वाले प्रमुख केंद्र बताया।


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संगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया कि शासन, विश्वविद्यालयों, उद्योग-जगत और समाज के समन्वित प्रयासों से शिक्षा, कौशल तथा रोजगार के बीच प्रभावी सेतु स्थापित किया जा सकता है। इससे युवाओं और महिलाओं की क्षमताओं को सार्थक अवसरों में बदलने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्त समाज के निर्माण को गति मिल सकती है।

"विंग्स ओवर गंगा": वाराणसी में देखने को मिलेगा भारतीय वायु सेना का शानदार और अद्भुत नजारा
"विंग्स ओवर गंगा": वाराणसी में देखने को मिलेगा भारतीय वायु सेना का शानदार और अद्भुत नजारा
वाराणसी : गंगा के ऊपर का आसमान लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट, सटीक एरोबैटिक फॉर्मेशन और भारतीय वायु सेना के हैरतअंगेज़ करतबों से गूंज उठेगा. वाराणसी 25 अक्टूबर 2026 को अपने प्रतिष्ठित 'नमो घाट' पर 'वायु सेना दिवस एरियल डिस्प्ले-2026' (Air Force Day Aerial Display-2026) की मेज़बानी करने के लिए तैयार है.भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम की थीम "विंग्स ओवर गंगा" (WINGS OVER GANGES) रखी गई है. यह आयोजन भारत की प्राचीन विरासत और उसकी आधुनिक एयरोस्पेस क्षमताओं का एक अद्भुत संगम होगा. गंगा और वाराणसी के ऐतिहासिक शहर की शानदार पृष्ठभूमि के बीच, भारतीय वायु सेना अपनी गति, शक्ति, सटीकता, फुर्ती और बेहतरीन तालमेल के ज़रिए अपनी उड़ान क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी.'सूर्य किरण एरोबैटिक' और 'सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम' भी हिस्साइस कार्यक्रम में भारतीय वायु सेना की प्रमुख डिस्प्ले टीमें, जैसे 'सूर्य किरण एरोबैटिक टीम' और 'सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम' भी हिस्सा लेंगी. उनके प्रदर्शन में सटीक उड़ान, पलक झपकते ही किया जाने वाला तालमेल, अनुशासन और असाधारण उड़ान कौशल देखने को मिलेगा, जो वाराणसी के आसमान में दर्शकों को एक अविस्मरणीय अनुभव देगा.इस एरियल डिस्प्ले में कई तरह के विमान शामिल होंगे, जिनमें तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड', IL-76, IL-78, C-295 और AN-32 के साथ-साथ SU-30MKI और राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हैं. इसके अलावा, भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के विमान भी इसमें हिस्सा लेंगे, जो उनके बीच के संयुक्त तालमेल को दर्शाएंगे. जब ये विमान आसमान में उड़ान भरेंगे, तो यह नज़ारा केवल देखने में ही शानदार नहीं होगा, बल्कि यह उन प्रशिक्षणों, तकनीकों, तैयारियों और मानवीय प्रयासों की भी झलक देगा, जो हर सटीक करतब के पीछे छिपे होते हैं. हर विमान और फॉर्मेशन का प्रदर्शन, एयरक्रू, इंजीनियरों, तकनीशियनों और ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ की कड़ी मेहनत और उनके आपसी तालमेल का परिणाम है.यह एरियल डिस्प्ले (हवाई प्रदर्शन) आम लोगों तक पहुँचने और युवाओं को जोड़ने का एक अहम जरिया बनेगा. जो युवा उत्सुकता और बड़े सपनों के साथ आसमान की ओर देखते हैं, उनके लिए यह आयोजन एविएशन (विमानन), एयरोस्पेस तकनीक, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा की दुनिया से जुड़ने का एक प्रेरणादायक मौका होगा. यह भारतीय वायु सेना (IAF) में मौजूद करियर के विभिन्न विकल्पों को भी उजागर करेगा और युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे IAF को एक ऐसे करियर के रूप में देखें, जिसमें तकनीक, जिम्मेदारी, अनुशासन और एक उद्देश्य का संगम है."विंग्स ओवर गैंगेस" थीमइसकी थीम "विंग्स ओवर गैंगेस" (WINGS OVER GANGES) इस अनोखे आयोजन की भावना को दर्शाती है—यह वाराणसी की शाश्वत गंगा और यहाँ की समृद्ध विरासत का, आधुनिक भारतीय वायु सेना की गति, तकनीक और उड़ान कौशल के साथ एक अद्भुत मिलन है. जब वाराणसी के आसमान में विमानों के फॉर्मेशन (समूह) गुजरेंगे, तो पवित्र गंगा नदी, विमानन, नवाचार, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र सेवा के इस उत्सव के लिए एक शानदार प्राकृतिक पृष्ठभूमि का काम करेगी.ALSO READ:नवरात्रि के छठवें दिन काशी विश्वनाथ धाम में शक्ति की उपासना, मां विशालाक्षी को अर्पित की गई श्रृंगार सामग्री.एयर फोस के विंग कमांडर देबार्थो धर के मुताबिक 'एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026' यानी 'विंग्स ओवर गैंगेस', इस उत्सव का एक यादगार पल साबित होगा. यह भारतीय वायु सेना को आम लोगों के और करीब लाएगा. साथ ही, वाराणसी के लोगों को गंगा के ऊपर आसमान में भारतीय वायु सेना की ताकत, सटीकता और पेशेवर दक्षता को लाइव देखने का मौका मिलेगा, जो वायु सेना के आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' (गौरव के साथ आसमान को छूना) को चरितार्थ करता है.
नवरात्रि के छठवें दिन काशी विश्वनाथ धाम में शक्ति की उपासना, मां विशालाक्षी को अर्पित की गई श्रृंगार सामग्री.
नवरात्रि के छठवें दिन काशी विश्वनाथ धाम में शक्ति की उपासना, मां विशालाक्षी को अर्पित की गई श्रृंगार सामग्री.
वाराणसी : शारदीय नवरात्रि के छठवें दिन शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इस अवसर पर मां आदिशक्ति की आराधना के साथ मां विशालाक्षी के निमित्त श्रृंगार सामग्री बाबा श्री विश्वेश्वर को श्रद्धापूर्वक अवलोकित कराने के बाद प्रेषित की गई। इसके साथ ही जगत जननी मां दुर्गा की महिमा का गुणगान करते हुए नवदुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों से धाम का वातावरण भक्तिमय बना रहा।श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि के पावन अवसर पर शक्ति और शिव की आराधना का विशेष महत्व है। इसी क्रम में नवरात्रि के छठवें दिन आयोजित अनुष्ठानों में मां भगवती के प्रति श्रद्धा और बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पण का भाव दिखाई दिया। मां विशालाक्षी के लिए श्रृंगार सामग्री समर्पित करने की परंपरा के तहत सामग्री को बाबा श्री विश्वेश्वर के समक्ष अवलोकित कराने के बाद भेजा गया।नवदुर्गा सप्तशती के पाठ से गूंजा धामअनुष्ठान के दौरान नवदुर्गा सप्तशती का पाठ कर मां दुर्गा की महिमा का स्मरण किया गया। श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुए इन धार्मिक आयोजनों में मां आदिशक्ति और भगवान शिव की संयुक्त आराधना के माध्यम से लोककल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई।ALSO READ: पटाखा विस्फोट में चांदनी और बेटे की हालत गंभीर, बड़ा बेटा-दादी अब भी लापतानवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। यह पर्व शक्ति, भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जाता है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में संपन्न अनुष्ठानों ने इसी आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया।सुख-समृद्धि और शांति की कामनाधार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति और मंगल की कामना की गई। नवरात्रि का यह पर्व मां आदिशक्ति और भगवान शिव के दिव्य संबंध का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं की आस्था को और प्रगाढ़ कर रहा है।
पटाखा विस्फोट में चांदनी और बेटे की हालत गंभीर, बड़ा बेटा-दादी अब भी लापता
पटाखा विस्फोट में चांदनी और बेटे की हालत गंभीर, बड़ा बेटा-दादी अब भी लापता
वाराणसी: सारनाथ के पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट के बाद एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में घायल चांदनी बेगम और उसके छोटे बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि परिवार के बड़े बेटे और दादी मुन्नी का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। घटना की जानकारी मिलने पर सोनभद्र के घोरावल से चांदनी की मां परवीन और भाई अख्तर वाराणसी पहुंचे। अस्पताल में घायलों को देखने के बाद परिवार के लोग लापता सदस्यों की तलाश में जुटे हैं।चांदनी के भाई अख्तर ने बताया कि उन्हें समाचार के माध्यम से बहन के घर में हुए विस्फोट की जानकारी मिली। इसके बाद वह अपनी मां के साथ वाराणसी पहुंचे। अस्पताल में बहन चांदनी और छोटे भांजे अदीब को देखा, जबकि भांजी अरबिया भी मिल गई है। हालांकि, बड़े भांजे आदिल और उसकी दादी मुन्नी के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। अख्तर ने बताया कि परिवार में लंबे समय से बातचीत बंद थी। राजू खान से भी पारिवारिक मनमुटाव चल रहा था। इसी वजह से बहन के घर आना-जाना बंद था।चांदनी 85 से 90 प्रतिशत तक झुलसीचांदनी की मां परवीन ने बताया कि वह सोनभद्र जिले के घोरावल की रहने वाली हैं। करीब 34 साल पहले उनकी बेटी चांदनी की शादी राजू खान से हुई थी। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। पारिवारिक कारणों से करीब एक साल पहले दामाद राजू खान से मनमुटाव हो गया था। इसके बाद उनका बेटी के घर आना-जाना बंद हो गया। विस्फोट की खबर मिलने पर वह बेटे अख्तर के साथ अस्पताल पहुंचीं।अख्तर के मुताबिक, चांदनी करीब 85 से 90 प्रतिशत तक झुलस गई है। उसके छोटे बेटे अदीब के दोनों हाथों में फ्रैक्चर है। हालांकि, वह लोगों को पहचान रहा है। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, भांजी अरबिया को रिश्तेदारी में रखा गया है। परिवार के लोगों को अब बड़े बेटे आदिल और उसकी दादी मुन्नी के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार है।राजू खान गिरफ्तार, परिवार के दो सदस्य लापताबृहस्पतिवार शाम सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में पटाखा बनाने के दौरान हुए तेज धमाके से राजू खान का तीन मंजिला मकान ढह गया था। विस्फोट इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब 400 मीटर के दायरे तक सुनाई दी। मकान के मलबे में परिवार के सदस्यों के दबे होने की सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एटीएस और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।ALSO READ: रोजगारपरक शिक्षा और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला: प्रो. बिहारी लाल शर्मापुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद मकान मालिक राजू खान को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उसकी मां मुन्नी और बड़े बेटे आदिल का अब तक पता नहीं चल सका है। विस्फोट की धमक से आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा। खिड़की-दरवाजे समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि आसपास के कुछ लोग भी चोटिल हुए। एहतियात के तौर पर मंडलीय अस्पताल में महिला उपनिरीक्षकों और कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है। फिलहाल, परिवार के लोग घायलों के उपचार के बीच लापता सदस्यों की तलाश और उनकी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।