विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर 600 से अधिक NCC कैडेट्स को दिया गया CPR और AED का प्रशिक्षण

वाराणसी। हृदयगति रुकने की स्थिति में समय पर प्राथमिक सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर शुक्रवार को वाराणसी के हरसेवा नंद स्कूल, रमना में 600 से अधिक NCC कैडेट्स को जीवनरक्षक प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एन.पी. सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में कैडेट्स को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का नेतृत्व राजकीय चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी एवं CPR विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने किया। प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश के सात जिलों आगरा, अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और चंदौली के साथ आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना से आए NCC कैडेट्स ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने और जीवन बचाने के लिए जरूरी तकनीकों से परिचित कराया गया।
हृदयगति रुकने पर शुरुआती मिनट अहम
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि हृदयगति रुकने की स्थिति में शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाना और जरूरत पड़ने पर CPR शुरू करना जीवन बचाने में मददगार हो सकता है। AED के सही इस्तेमाल से भी मरीज को बचाने की संभावना बढ़ सकती है।
उन्होंने कैडेट्स को CPR की उपयोगिता और AED के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए कहा कि जीवनरक्षक तकनीकों का ज्ञान केवल चिकित्सा कर्मियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आम नागरिकों और युवाओं को भी इसका प्रशिक्षण मिलना जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में वे मदद के लिए आगे आ सकें।
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‘CPR के बिना किसी की मौत नहीं होनी चाहिए’
डॉ. द्विवेदी ने “Nobody Should Die Without CPR” यानी CPR के अभाव में किसी की जान नहीं जानी चाहिए का संदेश देते हुए जीवनरक्षक प्रशिक्षण को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर प्राथमिक सहायता से हृदयगति रुकने जैसी आपात स्थिति में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
सैन्य अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शुकवीर पूनिया, मेजर (प्रोफेसर) लाल बिहारी प्रसाद और कैप्टन रामजी प्रसाद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य NCC कैडेट्स को आपातकालीन चिकित्सा सहायता के प्रति जागरूक करना और उन्हें जरूरत के समय लोगों की मदद करने के लिए प्रशिक्षित करना रहा।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल के माध्यम से युवाओं में CPR और AED के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ जीवनरक्षक कौशल को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया गया।



