वाराणसी में 32 करोड़ की फेक मेडिसिन का खुलासा, नकली दवा फैक्ट्री का सरगना गिरफ्तार

वाराणसी: चोलापुर थाना क्षेत्र के तेवर गांव का एक होनहार लड़का, जिसने कभी दसवीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होकर पुरस्कार में साइकिल जीती थी, आज गंभीर अपराध के आरोप में सलाखों के पीछे है.भिवाड़ी (राजस्थान) पुलिस ने तेवर गांव निवासी कृष्णा को नकली नींद की दवा बनाने की फैक्टरी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है.पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से करीब 32 करोड़ रुपये मूल्य के 22 किलो के मिकल बरामद किए गए हैं.

लोग विश्वास नहीं कर पा रहे कि पढ़ाई में अव्वल रहने वाला कृष्णा इस तरह के अपराध में शामिल हो सकता है. 75 वर्षीय पिता श्रीयादव, जो खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, बेटे की गिरफ्तारी की सूचना से गहरे सदमे में हैं, वे छोटे बेटे अमन यादव के साथ गांव में सम्मानजनक जीवन जी रहे थे.
इंजीनियरिंग तक का सफर, फिर बदली कहानी
परिजनों के अनुसार कृष्णा बचपन से ही मेधावी था, उसने सिंधोरा थाना क्षेत्र के पलहीपट्टी स्थित इंटर कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उसने इंजीनियरिंग करने की इच्छा जताई, जिस पर पिता ने दुर्गाकुंड स्थित आर्यभट्ट कोचिंग में दाखिला दिलाया, दो साल की मेहनत के बाद उसका चयन बरेली के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ.
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद कृष्णा का दमन स्थित एक कंपनी में कैंपस सेलेक्शन हुआ, जहां वह पिछले करीब 15 वर्षों से नौकरी कर रहा था, परिवार ने उसकी शादी जौनपुर जिले के सेहमलपुर गांव निवासी अनीता से करायी, शादी के बाद पत्नी उसके साथ गुजरात में रहने लगी.
गांव में थी अलग पहचान
ग्रामीणों के मुताबिक कृष्णा आठ महीने पहले गांव आया था और तब भी उसने खुद को दमन में कार्यरत बताया था. दो महीने पहले उसकी पत्नी गांव आई थी, जो अब तक वापस नहीं लौटी है. पत्नी इस समय अपने दो साल के बच्चे के साथ मायके जौनपुर में रह रही है.
कृष्णा की बहन उर्मिला ने बताया कि वह रोजाना परिवार से फोन पर बातचीत करता था, लेकिन सोमवार को उससे संपर्क नहीं हो सका. मां का करीब 15 साल पहले निधन हो चुका है, पिता श्रीयादव ने खेती-बाड़ी के सहारे चार बेटियों और दो सौतेले भाइयों की शादी की थी.
ALSO RAED : दालमंडी में 5 जनवरी से ध्वस्तीकरण, रजिस्ट्रीधारी मकान वाले जल्द खाली करें
गांव में पसरा सन्नाटा
कृष्णा की गिरफ्तारी की खबर के बाद तेवर गांव में चर्चा का माहौल है, गांव वाले बताते हैं कि वह पढ़ा-लिखा, शांत स्वभाव का युवक था और किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह के गंभीर अपराध में शामिल हो सकता है,फिलहाल पूरा परिवार सदमे में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है.



