फर्जी कस्टम ऑफिसर बनकर साइबर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, धर-दबोचे गए आरोपी

Cyber fraud gang posing as fake customs officers busted, accused arrested
वाराणसी: मैट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से महिलाओ को अपने झांसे में फसाकर विदेशो से कोरियर कर, फर्जी कस्टम आफिसर बनकर अवैध रूप से साइबर ठगी करने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया और सरगना सहित 02 शातिर साइबर अपराधियों को धर दबोचा, साथ ही इनके कब्जे से मोबाइल फोन तथा नकदी बरामद की गई है. बताया जा रहा है कि, पूनम (काल्पनिक नाम) निवासिनी वाराणसी द्वारा थाना साइबर क्राइम वाराणसी पर प्रार्थनापत्र इस आशय से प्रस्तुत किया गया कि, उनके साथ किन्ही अज्ञात साइबर अपराधियो द्वारा मैट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से अपने झांसे में फसाकर उनको विदेश से कोरियर कर, कस्टम अधिकारी बनकर अवैध रूप से पैसो की साइबर ठगी कर ली गयी है. जिसपर थाना हाजा पर मु0अ0सं0 10/2026 धारा 318(4) बीएनएस व 66डी आई०टी० एक्ट पंजीकृत किया गया जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिह द्वारा की जा रही है.

मोबाइल फोन संग नकदी बरामद
वहीं, उक्त प्रकरण के दृष्टिगत श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय मोहित अग्रवाल, पुलिस उपायुक्त अपराध सुश्री नीतू कादयान व अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेन्द्र द्वारा टीम गठित कर त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देश किया गया है. जिसके पश्चात थाना साइबर क्राइम वाराणसी से सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध विदुष सक्सेना के नेतृत्व मे एक टीम गठन कर कचहरी के आस पास और शिवपुर थाना क्षेत्र में पतारसी सुरागरसी हेतु रवाना किया गया, उक्त टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दो शातिर अपराधियों को मोतिहारी बिहार से गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गयी है. बरामद की गई नकदी में एण्ड्रायड मोबाइल फोन, तीन अदद कारतूस समेत 10200 की नकद धनराशि बरामद की गई है.

अपराध करने का तरीका
घटना मे शामिल साइबर अपराधियो द्वारा सबसे पहले विभिन्न मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाया जाता है और फिर उसके माध्यम से भोली-भाली महिलाओ को अपने झासे मे फसाया जाता है फिर इनके द्वारा अपने आप को विदेश मे बडा व्यवसायी बताते हुए गिफ्ट स्वरूप में पार्सल भेजा जाता है, जिसमे मंहगी चीजे जैसे घडी, मोबाइल फोन ज्वैलरी आदि होते है और उस गिफ्ट को रिसीव करने हेतु इन लोगो के द्वारा कहा जाता है.
फिर इनके गैंग के अन्य सदस्यो द्वारा फर्जी कस्टम आफिसर, फर्जी जीएसटी अधिकारी, फर्जी ड्रग आफिसर बनकर पैसो की अवैध साइबर ठगी कर ली जाती है और इन पैसो को यह लोग अपने अन्य सिंडिकेट के माध्यम से खुलवाये गये फर्जी म्यूल बैंक खातो मे भेजकर रोटेट कराते हुए विभिन्न माध्यम से कैश निकाल लिया जाता है. अबतक की इन्वेस्टीगेशन के माध्यम से यह तथ्य प्रकाश में आया कि इन अभियुक्तो द्वारा अपने अन्य सिन्डीकेट के माध्यम से करीब 500 फर्जी म्यूल बैंक खातो को खुलवाकर इस तरह के ठगी से सम्बन्धित पैसा प्राप्त किया गया है.

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पुलिस ने जिन शातिर अपराधियों को पकड़ा है उनमें विजय कुमार पुत्र स्व० बीरेन्द्र प्रसाद निवासी बेलीसराय जिला स्कूल के पास थाना नगर जनपद पूर्वी चम्पारण बिहार उम्र करीब 28 वर्ष शिक्षा 8वीं पास, रोहित रंजन पुत्र शशि रंजन वर्मा निवासी वार्ड नम्बर 26 चांदमारी मुहल्ला थाना नगर पूर्वी चम्पारण बिहार उम्र करीब 19 वर्ष शिक्षा बीटेक (अध्ययनरत) शामिल है



