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कफ सिरप तस्‍करी में इनामी पिता और बेटा गिरफ्तार, हाल ही में संपत्ति हुई थी कुर्क

कफ सिरप तस्‍करी में इनामी पिता और बेटा गिरफ्तार, हाल ही में संपत्ति हुई थी कुर्क
Feb 27, 2026, 08:28 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध करोबार के आरोपी सिंडिकेट इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर मनोज यादव और उसके बेटे लक्ष्य यादव को कोतवाली पुलिस और एसआईटी ने गुरुवार की रात रामनगर के टेंगरा मोड़ ढुढराज पुलिया के पास से गिरफ्तार किया है. मनोज यादव पर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था. जैतपुरा के औसानगंज निवासी मनोज यादव ने शुभम जायसवाल के साथ मिलकर फर्जी व कूटरचित ई-वे बिल तैयार कर कफ सिरप की खरीद-बिक्री पूर्वांचल समेत त्रिपुरा और बांग्‍लादेश में की है. इसका इस्तेमाल दवा के लिए नहीं बल्कि नशे के लिए किया गया है.


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कोतवाली में मनोज यादव नामजद है और रामनगर थाने में मनोज तथा उसके बेटे लक्ष्य यादव पर रिपोर्ट दर्ज है. पिछले मंगलवार को मनोज और उसके बेटे की 13.53 करोड़ की संपत्ति भी पुलिस ने जैतपुरा में ज़ब्त की थी. एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मनोज यादव और उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ की जा रही है. उन्हें शुक्रवार की सुबह न्यायालय में पेश किया जाएगा.


कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री से अर्जित संपत्ति का निवेश मनोज ने रियल एस्टेट कंपनी एमएसएस इंफ्रा में किया है. मनोज यादव एलएमएस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का डायरेक्टर है. पुलिस की पूछताछ में मनोज ने बताया कि उसने शैली ट्रेडर्स से लाखों बोतल कफ सिरप की खरीद-फरोख्त की है. सप्तसागर दवा मंडी के जरिए उसकी शुभम से मुलाकात हुई थी. फर्जी बिल और जीएसटी के जरिये माल का परिवहन कराया जाता था.

कोतवाली पुलिस और एसआईटी ने मनोज यादव और लक्ष्य यादव को पिता-पुत्र के रूप में पहली बार गिरफ्तार किया है. शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था. भोला का बेटा शुभम जायसवाल अब तक वांछित है. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है. कोडीन कफ सिरप तस्करी का सरगना शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस हाथ-पैर मार रही है, लेकिन उसका लोकेशन विदेश में मिलने के कारण पुलिस असहाय है.


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शुभम जायसवाल हाजिर हो, नोटिस चस्‍पा


8 नवंबर को दर्ज कफ सीरप तस्करी केस मामले में भोला प्रसाद जायसवाल समेत छह आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद रोहनिया पुलिस सरगना शुभम जायसवाल पर कानून का शिकंजा कसने लगी है. कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी हाजिर न होने पर आगे की कार्रवाई करते हुए अदालत ने शुभम के हाजिर होने का उद्घोषण जारी किया. रोहनिया पुलिस ने उद्घोषणा पत्र को शुभम के प्रह्लादधाट स्थित मोहल्ला कायस्थान स्थित मकान, न्यायालय आदि दिखाई पड़ने वाले स्थानों पर चस्पा किया, जिसमें 30 मार्च को उसे न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय (14 वां वित्त आयोग) मनोज कुमार के समक्ष हाजिर होने की अंतिम अपेक्षा की गई है.


.. तो घोषित होगा भगोड़ा


पुलिस अब कोर्ट के आदेश का अनुपालन न करने के लिए एक परिवाद दाखिल करेगी, जिसके बाद उसे भगोड़ा घोषित किया जाएगा. कफ सीरप प्रकरण में 12 फरवरी को पहली चार्जशीट दाखिल करने के बाद संभव है रोहनिया पुलिस ही शुभम को दुबई से लाने की सबसे पहले पहल शुरू करे. कोर्ट के अपेक्षा के क्रम में शुभम कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ तो पुलिस के लिए चार्जशीट लगाने का रास्ता साफ हो जाएगा. पुलिस के लिए मुश्किल दुबई में छिपा बैठा सरगना शुभम जायसवाल है, जिसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल होते ही उसके प्रत्यर्पण की तैयारी शुरू हो जाएगी.


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बता दें कि रोहनिया के भदवर स्थित जिम के तहखाने में 18 नवंबर बरामद पांच सौ पेटी स्कफ सीरप व फेंसाडील सीरप की बरामदगी हुई थी. पुलिस जांच शुरू की तो जिम के तहखाने से एक ई-वे बिल मिला, जिसके सहारे पुलिस गाजियाबाद के सरगना सौरभ त्यागी, शुभम जायसवाल, समेत नौ लोगों तक न सिर्फ पहुंची बल्कि ठोस सुबूत ढूढ़ लाई.

इन्हीं सुबूतों के जरिए पुलिस दो हजार पन्ने की केस डायरी तैयार कर 28 पन्ने का चार्जशीट कोर्ट में सरगना शुभम के पिता भोला प्रसाद, स्वप्निल केसरी,आशीष यादव, दिनेश यादव, आजाद यादव जायसवाल, महेश सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल की है.

वाराणसी में झारखंड बैंक लूटकांड गिरोह के 3 लुटेरे गिरफ्तार, एसटीएफ को मिली सफलता...
वाराणसी में झारखंड बैंक लूटकांड गिरोह के 3 लुटेरे गिरफ्तार, एसटीएफ को मिली सफलता...
वाराणसी : स्पेशल टास्क फोर्स की वाराणसी इकाई और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने बैंक लुटेरों के अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है. इस संबंध में गिरोह के सरगना सहित तीन प्रमुख शातिरों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके कब्जे से बैंक ऑफ महाराष्ट्र की हजारीबाग शाखा से लूटा गया 912.22 ग्राम सोना और 20 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. 24 अप्रैल को दिनदहाड़े झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा में लुटेरों ने हथियारों से भयभीत कर बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाया और लगभग 4 किलोग्राम सोने के आभूषण और 4 लाख 22 हजार 492 रुपये नकद लूट लिए थे. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था.एसटीएफ की टीम ने सूचना के आधार पर शुक्रवार को वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर में छापेमारी कर तीनों शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद अफजल पुत्र मोहम्मद शहीद निवासी नरहत थाना नरहत जिला नवादा बिहार (गिरोह का सरगना), पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह पुत्र सुरेश सिंह निवासी बनगाई थाना गुलहरिया जिला गोरखपुर उत्तर प्रदेश और सौरभ यादव उर्फ सोनू पुत्र उमाशंकर यादव निवासी सियारही बरजरा थाना दोहरीघाट जिला मऊ उत्तर प्रदेश शामिल हैं.इनके कब्जे से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो गाड़ी (बीआर-01-एचएन-2024) बरामद की गई है.ALSO READ : मनीष सिंह हत्‍याकांड : फूलपुर में जनप्रतिनिधियों और संगठनों के लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी...पूछताछ में पता चला है कि मोहम्मद अफजल और पंकज सिंह समेत यह गिरोह लंबे समय से संगठित रूप से विभिन्न राज्यों में बैंकों और गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनियों में लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था. इन पर पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तराखंड और झारखंड में कई बड़ी सोना लूट की घटनाएं दर्ज हैं. गिरोह का तरीका था कि ग्रामीण या कम भीड़भाड़ वाले इलाकों में बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की रेकी करना, दिन के समय हथियार दिखाकर लूटना और फिर फरार हो जाना. लूट के सोने को बेचकर वे जमीन-जायदाद में निवेश करते थे.गिरफ्तार आरोपियों को झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया है. आगे की कानूनी कार्रवाई झारखंड पुलिस द्वारा की जा रही है. एसटीएफ की टीम गिरोह के बाकी सदस्यों और लूट के बचे हुए सामान की तलाश में छानबीन जारी रखे हुए है.
मनीष सिंह हत्‍याकांड : फूलपुर में जनप्रतिनिधियों और संगठनों के लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी...
मनीष सिंह हत्‍याकांड : फूलपुर में जनप्रतिनिधियों और संगठनों के लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी...
वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर-भरथरा गांव निवासी मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. घटना के बाद से गांव में राजनीतिल दलों , जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. हर दिन लोग पहुंचकर शाेक संवेदना और सांत्‍वना दे रहे हैं. सभी की मांग एक ही रही कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी हो और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा मिले. घटना के बाद सात दिनों में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पिंडरा विधायक अवधेश सिंह, सैय्यदराजा विधायक सुशील सिंह और रोहनिया विधायक सुनील पटेल रहे. इसके अलावा चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिह, जौनपुर के एमएलसी ब्रिजेश सिंह प्रिंशु, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी विनीत सिंह, पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह और पूर्व एमएलसी ब्रिजेश सिंह भी गांव पहुंचे.वहीं सैय्यदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ और वीडीए बोर्ड सदस्य अंबरीष सिंह भोला समेत कई सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. लगातार हो रही राजनीतिक आवाजाही से यह मामला अब केवल आपराधिक घटना न रहकर राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है. गांव में अभी भी तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है.सांसद वीरेंद्र सिंह ने सरकार पर निशाना साधाइस पूरे मामले को लेकर आज परिजनों से मिलने पहुंचे समाजवादी पार्टी के चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने यूपी सरकार पर जमकर निशाना साधा. आरोपियों को लेकर सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि राजभर समाज से होने के कारण आरोपियों को कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर और मंत्री अनिल राजभर का प्रश्रय होने की चर्चा चल रही है. ऐसे में न्याय की अपेक्षा क्या करेंगे लेकिन पुलिस का कहना है कि आज सरेंडर करवाएंगे. अगर ऐसा होता है तो साफ है कि आरोपियों की सरकार के मंत्रियों से मिलीभगत है. कहा कि आरोपियों को ऐसी सजा मिले जिससे उन्‍हें तगडा सबक मिले.ALSO READ : दशाश्वमेध प्लाजा की मूर्तियां एक साल से अनावरण के इंतजार में, जिम्मेदारों पर उठे सवाल...करणी सेना के अध्‍यक्ष ने कही ये बातहत्याकाण्ड के सात दिन बीत जाने के बाद परिजनों से मिलने पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू ने कहा कि अपराधियों का एनकाउंटर होना चाहिए. पुलिसिया कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सात दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपी जो है वो पकड़े नहीं गए , ये सरकार कि विफलता है. यहां का शासन और प्रशासन पुरी तरह से इस मामले पर फेल है. पुलिस आरोपियों को सख्‍त कार्रवाई नहीं की तो हम आगे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे.जिला अध्यक्ष के नेतृत्व मे करणी सेना की टीम ने DCP वरुणा जोन प्रमोद कुमार को ज्ञापन देते हुए हत्याकांड में सम्मिलित सभी आरोपियों पर रासुका लगाने, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने और फांसी की सजा सुनिश्चित कराने की मांग की. ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराध की पुनरावृत्ति न हो सके.
दशाश्वमेध प्लाजा की मूर्तियां एक साल से अनावरण के इंतजार में, जिम्मेदारों पर उठे सवाल...
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वाराणसी:धर्म और आस्था की नगरी के साथ-साथ संस्कृत की नगरी भी कही जाती है। ऐसे में वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए लगातार शहर में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं.शुक्रवार को गांडीव डिजिटल की टीम जब मौके पर पहुंची तो दशाश्वमेध घाट के पास बने दशाश्वमेध प्लाजा के समीप काशी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की छवि को दर्शाने वाली चार भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं, लेकिन बीते एक वर्ष से ये मूर्तियां अपने लोकार्पण का इंतजार कर रही हैं.यहां प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन हरे पर्दे से ढकी ये मूर्तियां लोगों को खटकती नजर आ रही हैं.एक साल बीत जाने के बाद भी स्मार्ट सिटी और नगर निगम की ओर से इनका अनावरण न किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है.स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इन मूर्तियों से कपड़ा हटा दिया जाए तो ये न सिर्फ बेहद आकर्षक दिखेंगी, बल्कि पूरे प्लाजा की सुंदरता में भी चार चांद लगा देंगी. साथ ही, इन पर लाखों रुपये खर्च होने की भी बात सामने आ रही है, जिससे लोगों में और अधिक नाराजगी है.स्थानीय ने बोला–स्थानीय निवासी अजय ने बताया कि इतनी सुंदर मूर्तियों को ढक कर रखना गलत है ये सेल्फी प्वाइंट है पर्यटक दूर दूर से आते है लेकिन मूर्ति को कपड़ा से ढका देख कर हैरान रहते है.प्रशासन को जल्द इनका अनावरण करना चाहिए ताकि श्रद्धालु इसकी भव्यता देख सकें.also read:संपूर्ण समाधान दिवस : राजातालाब तहसील में डीएम ने सुनी समस्‍याएं, 246 शिकायतों में 10 का निस्तारणमुनू लाल जायसवाल का कहना है कि एक साल बीत जाने के बाद भी लोकार्पण न होना लापरवाही को दर्शाता है और जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए.सद्दाम अहमद ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत हो रहे कार्य सराहनीय हैं, लेकिन इस तरह की देरी से उनकी छवि प्रभावित होती है, इसलिए जल्द से जल्द इन मूर्तियों को जनता के लिए खोला जाना चाहिए.फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक साल बाद भी इन मूर्तियों के अनावरण में देरी क्यों हो रही है और कब तक श्रद्धालुओं को इनका इंतजार करना पड़ेगा.