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फेरी पटरी ठेला व्यवसायी संगठन का नगर निगम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

फेरी पटरी ठेला व्यवसायी संगठन का नगर निगम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
May 05, 2026, 09:27 AM
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Posted By Preeti Kumari

Ferry Track Cart Businessmen's Association staged a sit-in at the Municipal Corporation office and submitted a memorandum.


वाराणसी: वेंडिंग जोन हटाने के विरोध में राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ के बैनर तले मंगलवार को नगर निगम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन कर रहे वेंडरों का आरोप है कि विगत कुछ दिनों से वाराणसी नगरी क्षेत्र में "पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014" के प्रावधानों के अंतर्गत टाउन वेंडिंग कमेटी से स्वीकृत 63 वेंडिंग जोनों को एक-एक करके पुलिस प्रशासन द्वारा जबरिया हटाया जा रहा है. जिससे जहां एक ओर संसद से पारित उक्त अधिनियम की अवहेलना की जा रही है वहीं दूसरी ओर शहर के तमाम पटरी व्यवसायियों को समक्ष आजीविका का संकट पर उत्पन्न हो गया है. उन्‍होंने नगर आयुक्‍त को संबोधित अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. धरना प्रदर्शन में बडी संख्‍या में महिलाएं भी शामिल थीं.


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विक्रेताओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं लागू


पटरी कारोबारियों का कहना है कि नगर आयुक्‍त टाउन वेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष हैं और टाउन वेंडिंग कमेटी को संरक्षित करना उनमें निहित है. सरकार ने पथ विक्रेताओं के उत्थान के लिए अनेकों लाभकारी योजनाएं लागू की जिसमें पथ विक्रेताओं जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ. किंतु पुलिस प्रशासन के वर्तमान रवैया से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि नगरीय सीमा क्षेत्र में पटरी व्यवसायियों के लिए कोई स्थान नहीं रहा है. ऐसी स्थिति में सरकार की तमाम योजनाएं व्यर्थ ही जाएंगी. अतः राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ ज्ञापन के माध्यम से आपसे मांग करता है.


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पटरी व्‍यवसायी संघ की मांगें


टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा पूर्व में निर्धारित 63 वेंडिंग जोन को सुरक्षित किया जाए.


फेरी पटरी ठेला व्यवसायीयों पर हो रहे पुलिस उत्पीड़न पर प्रभावी रोक लगाई जाए.


लहरतारा- चौकाघाट फ्लाईओवर नाइट मार्केट से विस्थापित स्ट्रीट वेंडरों को पुनः वेंडिंग जोन बना कर स्थापित किया जाए.



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शहर में प्रस्तावित विभिन्न स्ट्रीट फूड हबों में फेरी पटरी ठेला व्यवसायीयों को शत प्रतिशत स्थापित किया जाए.


धरना प्रदर्शन में अभिषेक निगम, विजय यादव, सुरेन्द्र यादव, शीला, राजू शर्मा, प्रेम चन्द पांडे,साजन सरोज,नखडू सोनकर, विकास यादव आदि शामिले थे.


वाराणसी नगर निगम का एक्शन, डेढ़ घंटे में पानी गायब, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़
वाराणसी नगर निगम का एक्शन, डेढ़ घंटे में पानी गायब, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़
​वाराणसी : शहर में रातभर हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के बाद पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए नगर निगम पूरी तरह अलर्ट है. बारिश थमते ही महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल खुद धरातल पर उतरे और शहर के विभिन्न स्थानों का दौरा कर महज डेढ़ घंटे के भीतर शहर को जलजमाव से राहत दिलाने के साथ यातायात व्यवस्था बहाल कराई. ​रातभर हुई भारी बारिश के कारण शहर के 11 प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिर गए थे, जिससे आवागमन बाधित हुआ. निगम की टीमों ने तत्परता दिखाते हुए सुंदरपुर, सुसवाही, संसदीय कार्यालय के पास, आदमपुर पुलिस चौकी के पास, आदमपुर वार्ड, लक्ष्मी मंदिर (अशोक विहार कॉलोनी) में दो स्थानों पर तथा आशापुर से हवेलियां चौराहा तक तीन स्थानों पर गिरे पेड़ों की कटाई कराकर रास्ते तुरंत क्लियर कराए. सड़कों से लकड़ी उठाने का कार्य भी युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है.महापौर और नगर आयुक्त ने संभाला मोर्चा​जलजमाव की गंभीरता को देखते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने जलकल विभाग के अधिकारियों संग खुद मोर्चे पर कमान संभाली. उन्होंने रविंद्रपुरी समेत विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों का जायजा लिया और अपनी मौजूदगी में जल-निकासी का काम पूरा कराया. इस दौरान जलकल विभाग के महाप्रबंधक अनूप सिंह और अधिशासी अभियंता आगम कटियार समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर डटे रहे. निगम की इस त्वरित रणनीति का नतीजा रहा कि बारिश रुकने के एक से डेढ़ घंटे के भीतर अधिकांश क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकल गया.ALSO READ: बीएचयू में फाइन आर्ट्स के छात्रों का धरना, प्रैक्टिकल कॉपियों की दोबारा जांच की मांग​दूसरी ओर, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सुबह शहर के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने कचहरी से तहसील सदर, गिलट बाजार, नदेसर, अंधरापुल, सिगरा, रथयात्रा, गुरुबाग, भेलूपुर, ब्रॉडवे होटल से लेकर रविंद्रपुरी और बीएचयू गेट तक का दौरा किया.बारिश रुकते ही शहर के हालात हुए सामान्यकई स्थानों पर नगर आयुक्त ने स्वयं खड़े होकर गली-पिट्स व नालियों में जमा कचरे और सिल्ट को साफ कराया. ​निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि फोन या अन्य माध्यम से प्राप्त जलभराव की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए. अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर समस्या के मूल कारण का चिन्हांकन करें और त्वरित जल-निकासी सुनिश्चित कराएं. नगर निगम की टीमें सभी संवेदनशील बिंदुओं पर लगातार निगरानी रख रही हैं. स्थानीय निवासियों ने निगम प्रशासन और महापौर के इस त्वरित एक्शन की जमकर सराहना की है.
बीएचयू में फाइन आर्ट्स के छात्रों का धरना, प्रैक्टिकल कॉपियों की दोबारा जांच की मांग
बीएचयू में फाइन आर्ट्स के छात्रों का धरना, प्रैक्टिकल कॉपियों की दोबारा जांच की मांग
वाराणसी : बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय के बाहर मंगलवार को बीएफए के छात्र-छात्राओं ने विभिन्‍न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया. हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे विद्यार्थियों ने प्रायोगिक परीक्षा में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. छात्रों की मुख्य मांग है कि बीएफए प्रैक्टिकल की कॉपियों की दोबारा जांच कराई जाए और मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए. प्रदर्शन की सूचना पर प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम भी मौके पर पहुंची.प्रदर्शन कर रहे छात्राें ने कहा कि प्रैक्टिकल परीक्षा में विद्यार्थियों को उनकी अपेक्षा के विपरीत बेहद कम अंक दिए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 400 अंकों के प्रैक्टिकल में कई छात्रों को 100, 200 या उसके आसपास अंक मिले हैं. छात्रों का कहना है कि पिछले वर्ष जिन विद्यार्थियों को उनके कार्य के आधार पर अच्छे अंक मिले थे, इस वर्ष उन्हीं के अंकों में काफी गिरावट आई है. छात्रा नसी चंद ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले वर्ष उनके प्रैक्टिकल में 350 अंक आए थे, जबकि इस बार 215 अंक दिए गए. उन्होंने सवाल उठाया कि एक साल की मेहनत और पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष किए गए कार्य के बावजूद अंकों में इतनी बड़ी गिरावट किस आधार पर हुई.एक अन्य छात्र ने बताया कि पिछले वर्ष उसे 365 अंक मिले थे, जबकि इस बार करीब 240 अंक दिए गए. छात्रों ने कहा कि उनके पास पिछले और इस वर्ष के बनाए गए आर्टवर्क मौजूद हैं. प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने अपने काम भी दिखाए और दावा किया कि मूल्यांकन के बाद मिले अंकों को देखकर उन्हें पूरी प्रक्रिया पर संदेह हो रहा है.ALSO READ : वाराणसी में मौतों का मंगलवार : बारिश के दौरान हादसों में दंपती समेत पांच की मौत, करंट और जर्जर दीवार बनी वजहतीन प्रमुख मांगें रखींछात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. पहली, सभी प्रैक्टिकल कॉपियों की दोबारा जांच कराई जाए. दूसरी, जब तक री-चेकिंग पूरी नहीं होती, तब तक फीस भुगतान की प्रक्रिया रोकी जाए. तीसरी, 400 अंकों के प्रैक्टिकल में मूल्यांकन और अंक देने का स्पष्ट आधार विद्यार्थियों के सामने रखा जाए. छात्रों का कहना है कि उन्हें यह जानकारी मिलनी चाहिए कि किस आधार पर अंक काटे गए और अलग-अलग विद्यार्थियों के कार्य का मूल्यांकन किस पैमाने से किया गया.
वाराणसी में मौतों का मंगलवार : बारिश के दौरान हादसों में दंपती समेत पांच की मौत, करंट और जर्जर दीवार बनी वजह
वाराणसी में मौतों का मंगलवार : बारिश के दौरान हादसों में दंपती समेत पांच की मौत, करंट और जर्जर दीवार बनी वजह
वाराणसी : शहर के लिए मंगलवार की सुबह अमंगल भरी रही. भारी बारिश के दौरान अलग - अलग हादसों में दंपती समेत पांच लोगों की मौत हो गई. कहीं करंट तो कहीं जर्जर दीवार और मकान हादसों की वजह बनी. मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. पोस्ट ऑफिस के पास स्थित एक पुराने मकान की जजर्र दीवार अचानक भरभराकर गिर गई. मलबे में दबने से दंपती की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान रविन्द्र मिश्र (62 वर्ष) और उनकी पत्नी प्रतिमा देवी (55 वर्ष) के रूप में हुई है.बताया जा रहा है कि दंपती मूल रूप से झारखंड के गढ़वा जिले के डुमरिया के रहने वाले थे. पिछले कई वर्षों से वह चांदपुर इंडस्ट्रियल क्षेत्र में रहकर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. जिस कैंपस में वे रहते थे, वह राजेश दौलिया का बताया जा रहा है. वहीं एक हिस्से में दीवार बनी हुई थी, जो बारिश के कारण कमजोर हो गई थी. परिजनों के अनुसार दोनों पति-पत्नी चांदपुर स्थित कैपकोन कंपनी में काम करते थे, जहा वायर बनाने का काम होता है. उनका बेटा आनंद मिश्र भी चांदपुर की ही एक कंपनी में काम करता है. सोमवार रात उसकी नाइट ड्यूटी थी. सुबह जब वह ड्यूटी से लौटा तो देखा कि घर की दीवार गिर गई है और उसके माता-पिता मलबे में दबे हुए हैं. यह देख उसके होश उड़ गए. उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी.सूचना के बाद मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. इसके साथ ही फायर विभाग, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच गई. टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया बारिश के कारण दीवार कमजोर होने से हादसा हुआ है. मामले की जांच की जा रही है. घटना के बाद से क्षेत्र में शोक का माहौल है.सीर गोवर्धन में कच्‍चा मकान गिरालंका थाना क्षेत्र के सीर गोवर्धन (वार्ड नंबर 23) में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर करती एक दर्दनाक घटना सामने आई है. हरिजन बस्ती में भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक जमींदोज हो गया. इस हादसे में मकान मालिक और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए. जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5 बजे राम जी का कच्चा मकान बारिश की वजह से अचानक भरभराकर गिर पड़ा. उस वक्त राम जी अपनी पत्नी के साथ अंदर सो रहे थे. तेज आवाज सुनकर पहुंचे स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से दंपती को बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया. हादसे में उनके बेटा-बेटी को भी हल्की चोटें आई हैं. वहीं, मलबे में दबने से परिवार की एक पालतू बकरी और दो कुत्तों की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सीर गोवर्धनपुर में आज भी करीब 100 से अधिक परिवार कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं. लगातार हो रही बारिश से इन मकानों के ढहने की आशंका बनी हुई है. क्षेत्रवासियों का सवाल है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए और कोई बड़ी जनहानि हुई, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा.घटना के बाद मौके पर तुरंत प्रशासनिक मदद न पहुंचने से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई. मौके पर पहुंचे वार्ड नंबर 23 के सभासद राम सिंह यादव उर्फ 'कल्लू' ने प्रभावित परिवार से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने कहा कि वह संबंधित लेखपाल से बात कर पात्र परिवारों की सूची तैयार करवाएंगे, ताकि जिन जरूरतमंदों को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें जल्द से जल्द पक्का मकान स्वीकृत कराया जा सके. क्षेत्र के निवासियों ने वाराणसी प्रशासन से मांग की है कि पूरी बस्ती का तुरंत सर्वे कराकर जर्जर और कच्चे मकानों को चिन्हित किया जाए और पात्र गरीबों को तत्काल आवास योजना के तहत राहत प्रदान की जाए.करंट की चपेट में आने से तीन की मौतवाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के लल्लापुरा स्थित काजीपुर खुर्द में मंगलवार सुबह बारावफात की सजावट के दौरान करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, सलीमुद्दीन उर्फ पप्पू (45) अपने 17 वर्षीय बेटे अनस के साथ घर के सामने बारावफात की सजावट कर रहे थे. इसी दौरान अनस करंट की चपेट में आ गया. बेटे को बचाने के प्रयास में पिता सलीमुद्दीन भी करंट की चपेट में आ गए. हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, वाटर कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से चेतगंज निवासी करीब 55 वर्षीय मोदनवाल की भी मौत हो गई. घटना के बाद तीनों को कबीरचौरा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया. चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार के अनुसार, तीनों की मौत करंट लगने से हुई है.ALSO READ : संपूर्णानंद विश्वविद्यालय परिसर से निकली तिरंगा यात्रा, ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गूंजा मार्ग जलजमाव ने बढाई दुश्‍वारीभारी बारिश से बीएचयू में कई पेड़ गिर पड़े. सरसुंदर लाल अस्‍पताल पानी-पानी हो गया. मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बीती रात से शुरू हुई झमाझम बारिश के बाद नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है. बनारस के कई क्षेत्रों में जल जमाव होने के कारण स्थानीय लोगों को ढेरों परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं आदमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला तेलियाना में बारिश का पानी अभी तक सड़कों पर जमा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया और पानी की निकासी नहीं हुई, तो आने वाली बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है. सड़कों पर पहले से जमा पानी के कारण लोगों को आशंका है कि तेज बारिश होने पर पानी घरों और दुकानों में घुस सकता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. पिंडरा तहसील परिसर में बारिश का पानी भरने से फरियादियों और अधिवक्ताओं को आने जाने में दिक्कत का सामना करना पडा. एक दिन के बारिश ने तहसील प्रशासन के पानी निकासी के तमाम दावों की पोल खोल दी. प्रदेश की नम्बर वन तहसील की व्यवस्था हवा हवाई मिली.