Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

BHU की कॉपी जांचने के फिक्स 15-18 रुपये, जरा सी चूक पर कटेंगे रुपये

BHU की कॉपी जांचने के फिक्स 15-18 रुपये, जरा सी चूक पर कटेंगे रुपये
Jun 03, 2026, 11:16 AM
|
Posted By Preeti Kumari

Varanasi News: वाराणसी के बीएचयू में यूजी की सेमेस्टर परीक्षा के सिलसिले में एक बड़ा फैसला लिया गया है. जी हां. एक बहु विकल्पीय सवाल तैयार करने के लिए 10 रुपये और पीजी के सवाल पर 15 रुपये का भुगतान किया जाएगा. बीएचयू में प्रश्न पत्र बनाने और कॉपियों को चेक करने की क्वालिटी बढ़ाने की कवायद काफी हद तक तेज कर दी है.


व


कॉपियों को चेक करने की क्वालिटी बढ़ाने की कवायद


बीएचयू में प्रश्न पत्र बनाने और कॉपियों को चेक करने की क्वालिटी बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है. मेन कैंपस सहित सभी संबद्ध कॉलेजों में दशकों बाद प्रश्न पत्र बनाने, कॉपियां-थीसिस चेक करने और वाइवा आदि के लिए प्रोफेसरों को पारिश्रमिक मिलेगा. संस्कृत के प्रथमा, प्रवेशिका, मध्यमा में वाइवा लेने के लिए प्रति छात्र 5 रुपये और कुल 150 रुपये पारिश्रमिक दिए जाएंगे. वहीं, एमडी-एमएस कोर्स में एक दिन के 4000 रुपये दिए जाएंगे. इसी तरह यूजी की सेमेस्टर परीक्षा में एक बहु विकल्पीय सवाल तैयार करने के लिए 10 रुपये और पीजी के सवाल पर 15 रुपये का भुगतान किया जाएगा. यूजी में एक प्रश्नपत्र बनाने के कम से कम 500 रुपये और पीजी में 650 रुपये दिए जाएंगे.


परीक्षा नियंता कार्यालय को भेजनी होगी


सत्र 2026-27 से पेपर सेटिंग, इनविजिलेटर और कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर परीक्षा नियंता कार्यालय की एपेक्स एडवाइजरी कमेटी की अनुशंसाओं पर कुलपति ने मुहर लगा दी है, इसके तहत यूजी की कॉपी चेक करने के लिए कम से कम 200 रुपये और प्रति कॉपी 15 रुपये पारिश्रमिक के तौर पर दिए जाएंगे. वहीं, पीजी में 250 रुपये और एक कॉपी का 18 रुपये भुगतान किया जाएगा, पर अफसोस की परीक्षक मूल्यांकन में देरी होने पर हर दिन के पांच रुपये काट लिए जाएंगे. प्रथमा, प्रवेशिका और मध्यमा कोर्स में प्रति छात्र वाइवा पर पांच रुपये तो एमडी, एमएस और एमडी आयुर्वेद में 4000 रुपये दिए जाएंगे. मतलब साफ है कि, मिड सेमेस्टर की परीक्षा खत्म होने के सात दिन के अंदर ही कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करना होगा. वहीं, सेमेस्टर परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 14 दिनों में पूरा करना होगा. हालांकि, डीन की ओर से एक सप्ताह की छूट भी दी जा सकेगी लेकिन ऐसे फैसले की एक प्रति कुलपति और परीक्षा नियंता कार्यालय को भेजनी होगी.


र


पेपर सेटर, परीक्षक नहीं तो मिलेगा आधा पैसा


यदि पेपर बनाने वाले शिक्षक सेमेस्टर परीक्षा की कॉपियां चेक नहीं करते हैं तो उनको आधा भुगतान ही किया जाएगा. वहीं, मूल्यांकन करने वालों को भी पेपर सेटिंग का आधा चार्ज देना होगा. पीएचडी थीसिस चेक करने के लिए भारतीय परीक्षकों को 2500 रुपये और विदेशियों को 7000 से ज्यादा रुपये दिए जाएंगे, जबकि डी.लिट, डी.एससी और एलएलडी के लिए भारतीय परीक्षकों को 5000 रुपये और विदेशियों को 14000 रुपये ज्यादा दिए जाएंगे.


ALSO READ: BHU अस्पताल के स्ट्रीट वेंडरों के रोजगार सुरक्षा की उठी मांग, नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन
मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन
वाराणसी: कबीरचौरा जिला महिला चिकित्सालय में मरीजों और तीमारदारों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन किया गया है, यह समिति स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित करेगी, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें.समिति के अध्यक्ष डा. संजीव वर्मा होंगे, अन्य सदस्यों में डा. अलका सिंह, डा. आरएन सिंह, जोगेंद्र सिंह और विजयलक्ष्मी सिंह शामिल हैं, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. मनीष सिंह सेंगर का कहना है, कि इस समिति के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा.चिकित्सालय में रोजाना बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और अन्य मरीजों का इलाज होता है. कभी-कभी दवाइयों की उपलब्धता, स्टाफ के व्यवहार, सफाई या अन्य सुविधाओं को लेकर शिकायतें आती रहती हैं,अब इन शिकायतों को सीधे समिति के समक्ष रखा जा सकेगा, समिति नियमित बैठकें कर शिकायतों की समीक्षा करेगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.ALSO READ: पुरानी दीवार गिरने से दंपती की मौत, मलबे में दबे थे दोनों; मौके पर पहुंची पुलिसग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक करने से लोगों में विश्वास बढ़ेगा और वे बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं रख सकेंगे.
पुरानी दीवार गिरने से दंपती की मौत, मलबे में दबे थे दोनों; मौके पर पहुंची पुलिस
पुरानी दीवार गिरने से दंपती की मौत, मलबे में दबे थे दोनों; मौके पर पहुंची पुलिस
वाराणसी: मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बाटा मोड़ के पास मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एक पुरानी दीवार अचानक गिर गई. दीवार के मलबे में दबने से पति-पत्नी की मौत हो गई. मृतकों की पहचान रवींद्र और उनकी पत्नी प्रतिमा के रूप में बताई जा रही है. दोनों मूल रूप से झारखंड के रहने वाले बताए गए हैं.घटना की सूचना मिलते ही मंडुवाडीह प्रभारी निरीक्षक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव टीम को भी मौके पर बुलाया गया, रेस्क्यू टीम ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.सुबह उनका बेटा ड्यूटी से वापस घर पहुंचा तो दीवार गिरी हुई मिली और उसके माता-पिता मलबे में दबे थे, इसके बाद उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.सूचना मिलते ही मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा बल के साथ मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों के शव बाहर निकाले गए, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.ALSO READ: वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का आरोपप्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पुरानी दीवार कमजोर होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है.
वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का आरोप
वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का आरोप
वाराणसी: वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है, छात्रा के पिता ने एक युवक पर बेटी को परेशान करने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है. पिता का आरोप है कि बेटी ने जब स्कूल की प्रधानाचार्य से इसकी शिकायत की तो उसकी मदद करने के बजाय स्कूल प्रबंधन ने उसका नाम ही काट दिया, मामले की शिकायत पर अब पुलिस और संबंधित विभाग से कार्रवाई की मांग की गई है.परिजनों के मुताबिक, छात्रा के साथ आरोपी युवक कथित तौर पर काफी समय से छेड़छाड़ कर रहा था. आरोप है कि वह छात्रा को परेशान करने के साथ ही उसे ब्लैकमेल भी करता था, इससे छात्रा मानसिक रूप से परेशान हो गई. छात्रा ने हिम्मत जुटाकर स्कूल की प्रधानाचार्य को पूरे मामले की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई.छात्रा के पिता का आरोप है कि शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय छात्रा का नाम स्कूल से काट दिया. उनका कहना है कि बेटी पहले ही कथित छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग से परेशान थी, ऐसे में स्कूल से नाम काटे जाने से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं.परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है, उनका कहना है कि शिकायत करने वाली नाबालिग छात्रा को सुरक्षा और सहयोग मिलना चाहिए था.ALSO READ: वरुणा जोन में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, डीसीपी ने दिए सख्त निर्देशमामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी सच्चाई सामने आएगी. नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले को देखते हुए उसकी पहचान गोपनीय रखी जा रही है.