BHU की कॉपी जांचने के फिक्स 15-18 रुपये, जरा सी चूक पर कटेंगे रुपये

Varanasi News: वाराणसी के बीएचयू में यूजी की सेमेस्टर परीक्षा के सिलसिले में एक बड़ा फैसला लिया गया है. जी हां. एक बहु विकल्पीय सवाल तैयार करने के लिए 10 रुपये और पीजी के सवाल पर 15 रुपये का भुगतान किया जाएगा. बीएचयू में प्रश्न पत्र बनाने और कॉपियों को चेक करने की क्वालिटी बढ़ाने की कवायद काफी हद तक तेज कर दी है.

कॉपियों को चेक करने की क्वालिटी बढ़ाने की कवायद
बीएचयू में प्रश्न पत्र बनाने और कॉपियों को चेक करने की क्वालिटी बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है. मेन कैंपस सहित सभी संबद्ध कॉलेजों में दशकों बाद प्रश्न पत्र बनाने, कॉपियां-थीसिस चेक करने और वाइवा आदि के लिए प्रोफेसरों को पारिश्रमिक मिलेगा. संस्कृत के प्रथमा, प्रवेशिका, मध्यमा में वाइवा लेने के लिए प्रति छात्र 5 रुपये और कुल 150 रुपये पारिश्रमिक दिए जाएंगे. वहीं, एमडी-एमएस कोर्स में एक दिन के 4000 रुपये दिए जाएंगे. इसी तरह यूजी की सेमेस्टर परीक्षा में एक बहु विकल्पीय सवाल तैयार करने के लिए 10 रुपये और पीजी के सवाल पर 15 रुपये का भुगतान किया जाएगा. यूजी में एक प्रश्नपत्र बनाने के कम से कम 500 रुपये और पीजी में 650 रुपये दिए जाएंगे.
परीक्षा नियंता कार्यालय को भेजनी होगी
सत्र 2026-27 से पेपर सेटिंग, इनविजिलेटर और कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर परीक्षा नियंता कार्यालय की एपेक्स एडवाइजरी कमेटी की अनुशंसाओं पर कुलपति ने मुहर लगा दी है, इसके तहत यूजी की कॉपी चेक करने के लिए कम से कम 200 रुपये और प्रति कॉपी 15 रुपये पारिश्रमिक के तौर पर दिए जाएंगे. वहीं, पीजी में 250 रुपये और एक कॉपी का 18 रुपये भुगतान किया जाएगा, पर अफसोस की परीक्षक मूल्यांकन में देरी होने पर हर दिन के पांच रुपये काट लिए जाएंगे. प्रथमा, प्रवेशिका और मध्यमा कोर्स में प्रति छात्र वाइवा पर पांच रुपये तो एमडी, एमएस और एमडी आयुर्वेद में 4000 रुपये दिए जाएंगे. मतलब साफ है कि, मिड सेमेस्टर की परीक्षा खत्म होने के सात दिन के अंदर ही कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करना होगा. वहीं, सेमेस्टर परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 14 दिनों में पूरा करना होगा. हालांकि, डीन की ओर से एक सप्ताह की छूट भी दी जा सकेगी लेकिन ऐसे फैसले की एक प्रति कुलपति और परीक्षा नियंता कार्यालय को भेजनी होगी.

पेपर सेटर, परीक्षक नहीं तो मिलेगा आधा पैसा
यदि पेपर बनाने वाले शिक्षक सेमेस्टर परीक्षा की कॉपियां चेक नहीं करते हैं तो उनको आधा भुगतान ही किया जाएगा. वहीं, मूल्यांकन करने वालों को भी पेपर सेटिंग का आधा चार्ज देना होगा. पीएचडी थीसिस चेक करने के लिए भारतीय परीक्षकों को 2500 रुपये और विदेशियों को 7000 से ज्यादा रुपये दिए जाएंगे, जबकि डी.लिट, डी.एससी और एलएलडी के लिए भारतीय परीक्षकों को 5000 रुपये और विदेशियों को 14000 रुपये ज्यादा दिए जाएंगे.
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