कोहरे की मार हाइड्रोजन जलयान पर भी, 18 दिनों में भी नहीं मिले 100 यात्री

वाराणसी : कोहरे की मार का असर विमान, रेल के साथ जलयान पर भी पडा है. भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने गंगा में जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दिसंबर महीने में हाइड्रोजन जलयान की शुरुआत की थी. हालांकि यह जलयान अन्य क्रूज और नावों की तुलना में अभी तक खास उपयोगी साबित नहीं हो रहा है. उद्घाटन के बाद से 18 दिनों में इस जलयान से 100 यात्री भी गंगा में नौकायान नहीं कर सके. इसका प्रमुख कारण इसका उच्च किराया और संचालन में रुकावट है. आईडब्ल्यूएआई द्वारा चलाए जा रहे इस जलयान का उद्घाटन केंद्रीय जल परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 दिसंबर को नमो घाट से किया था. आम लोगों के लिए इसका संचालन 13 दिसंबर से शुरू हुआ. 13 से 31 दिसंबर तक 18 दिनों में इस जलयान में सिर्फ 100 यात्रियों ने सफर किया.
किराया भी आसमान छू रहा

जलयान संचालन कंपनी जलसा के प्रबंधक विभूति तिवारी ने बताया कि इसका सामान्य किराया 500 रुपये प्रति व्यक्ति है, जबकि शाम के समय आरती के दौरान किराया बढ़कर 700 रुपये प्रति व्यक्ति हो जाता है. टिकट काउंटर नमो घाट पर बनाया गया है, जहां से टिकट लेना आवश्यक है।प्रबंधक ने बताया कि लोगों में जागरूकता की कमी के कारण यात्री संख्या कम है. इसके अलावा, कोहरे के कारण संचालन प्रभावित हो रहा है. इस जलयान के सुरक्षित संचालन के लिए कम से कम 200 मीटर की दृश्यता जरूरी होती है, और कोहरे के चलते यह रुक-रुक कर चल रहा है.
ALSO READ : 13 माह का होगा साल 2026, ज्यादातर त्योहारों में दिखेगा बदलाव



