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कफ सिरप प्रकरण में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने रखा अपना पक्ष, सीबीआई जांच की उठाई मांग

कफ सिरप प्रकरण में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने रखा अपना पक्ष, सीबीआई जांच की उठाई मांग
Nov 29, 2025, 08:06 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : कफ सीरप प्रकरण में आरोपि‍तों के साथ तस्‍वीरें वायरल होने के बाद संबंधों के बारे में उठ रहे सवालों को लेकर शन‍िवार को धनंजय स‍िंंह ने अपने आध‍िकार‍िक एक्‍स हैंडल से पोस्‍ट जारी कर अपना स्‍पष्‍टीकरण दिया है. इस प्रकरण में उन्‍होंने व‍िपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआइ जांच की पेशकश की है.

पोस्‍ट में उन्‍होंने ल‍ि‍खा है क‍ि - "मुझे पता है कि कफ़ सीरप के मुद्दे पर मेरे कुछ राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के मेरे बारे में भ्रामक्ता फैलाने का कृत्य किया है.


पीएम की छवि धूमिल करने का कुत्सित प्रयास


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आगे ल‍िखा है क‍ि इस सम्बन्ध में प्रकरण काशी/वाराणसी से जुड़ा होने के कारण कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं के द्वारा झूठे आरोप लगाकर प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है. इस प्रकरण की जाँच राज्य सरकार द्वारा गहनता से विभिन्न एजेंसियों के द्वारा कराई जा रही है जिससे प्रकरण की सत्यता सबके सामने आ जायेगी. बताया क‍ि चूँकि यह मामला अंतर्राज्‍यीय है अतः प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ से अनुरोध है कि इस मामले की व्यापक जाँच सीबीआई से कराई जाए जिससे दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित हो और अनर्गल आरोपों और झूठी खबरों पर विराम लग सके.


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उन्‍होंने यह भी बताया क‍ि इस सम्बन्ध में वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने जा रहे हैं जिससे भ्रामक खबर चलवाने और राज्य सरकार की छवि धूमिल करने वालों का चेहरा उजागर हो सके. उनकी पोस्‍ट जारी होने के बाद यह प्रकरण शन‍िवार को एक बार फ‍िर से सुर्खियों में आ गया है.

बता दें कि कफ सिरप मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं. ऐसे में 12 और म‍ेडिकल फर्में एसआईटी और एसटीएफ के निशाने पर हैं. इनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जा रहा है.

अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, महानगर कार्यालय के बाहर नारेबाजी
अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, महानगर कार्यालय के बाहर नारेबाजी
Police stopped Congress workers on Ahilyabai Holkar Jayanti, raised slogans outside the city officeवाराणसी: राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर रविवार को महानगर कांग्रेस द्वारा आयोजित माल्यार्पण कार्यक्रम के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब गुरुधाम स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया. जानकारी के अनुसार, अहिल्याबाई होल्कर जयंती के उपलक्ष्य में महानगर कांग्रेस ने प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया था, कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. कांग्रेस कार्यकर्ता महानगर कार्यालय से प्रतिमा स्थल के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया.मौके पर मौजूद एसीपी विजय प्रताप सिंह द्वारा कार्यकर्ताओं को रोके जाने पर कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने नाराजगी जताई तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कुछ समय तक महानगर कार्यालय के बाहर गहमा-गहमी का माहौल बना रहा, बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच वार्ता हुई, इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लाए गए माला-फूल पुलिस प्रशासन को सौंप दिए गए, जिन्हें प्रतिमा पर अर्पित करने की बात कही गई. इसके पश्चात कार्यकर्ता वापस महानगर कांग्रेस कार्यालय लौट गए.महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रशासन धारा 144 लागू होने का हवाला देकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक रहा है, जबकि अन्य राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में इस तरह की सख्ती नहीं दिखाई जाती, उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस नेताओं के पुतले जलाए जाते हैं.Also Read: दालमंडी में ध्वस्तीकरण की शुरू कार्रवाई,14 मकानों पर चलाया जा रहा बुलडोजरतब पुलिस कार्रवाई नहीं करती, लेकिन कांग्रेस के शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोक दिया जाता है. घटना के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर तक तनातनी रही, हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
दालमंडी में ध्वस्तीकरण की शुरू कार्रवाई, 14 मकानों पर चलाया जा रहा बुलडोजर
दालमंडी में ध्वस्तीकरण की शुरू कार्रवाई, 14 मकानों पर चलाया जा रहा बुलडोजर
Demolition action begins in Dal Mandi, bulldozers are being used on 14 houses.वाराणसी: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी की मशहूर दालमंडी में रविवार सुबह पीडब्ल्यूडी और प्रशासन की टीम ने अवैध घोषित 14 मकानों के खिलाफ फिर से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया है. जहां बुलडोजर की गड़गड़ाहट के बीच भारी पुलिस बलों की तैनाती की गई है. पूरे इलाके को सुरक्षा के घेरे में लेकर बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है. बता दें, दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रही इस कार्रवाई के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं. ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. ताकि किसी तरह की कोई भी अनहोनी ना हो सकें.दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाईबताया जा रहा है कि, दालमंडी में हो रही इस बुलडोजर कार्रवाई के पहले मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था. इतना ही नहीं, बीते शनिवार को मुनादी कराकर भवन खाली करने की अंतिम चेतावनी भी दी गई थी. जिसके बाद से एडीएम सिटी राजेश कुमार, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के.के. सिंह और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है.दालमंडी के एक दुकानदार ने बताया कि, वीडीए ने जिस हिस्से को अवैध बताया है, वह भवन का ऊपरी भाग है. लेकिन कार्रवाई के दौरान नीचे बनी दुकानों के शटर भी तोड़ दिए गए, इससे दुकानों में रखा लाखों रुपए का सामान खराब हो गया. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि, मकान की रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है और कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है.14 मकानों को नोटिस जारी जानकारी के मुताबिक, वीडीए के जोनल अधिकारी वेदप्रकाश ने बताया कि कुल 14 मकानों को नोटिस जारी की गई थी. नोटिस के माध्यम से भवन स्वामियों को अपने मानचित्र और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर किसी भी मकान मालिक की ओर से वैध मानचित्र या अन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, इसके बाद इन सभी भवनों के खिलाफ अंतिम ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया.हाईकोर्ट की ओर से कोई आदेश नहींउसी आदेश के क्रम में रविवार को 14 मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है. इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से कोई स्थगन (स्टे) आदेश नहीं दिया गया है, हाईकोर्ट ने केवल भवन स्वामियों की आपत्तियों (ऑब्जेक्शन) पर नियमानुसार निर्णय लेने के लिए समय दिया है. इसलिए प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों का नियमों के तहत निस्तारण किया जाएगा, जबकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी.Also Read: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर दे दी जान, जांच में जुटी पुलिस
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Woman commits suicide by consuming poisonous substance, police engaged in investigationवाराणसी: चौबेपुर और चोलापुर क्षेत्र में महिला ने जहर खाकर अपनी जान दे दी. जिसके चलते इलाके में हंगामा मच गया. घटना मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल का जायजा लिया और शवों को कब्जे में लेकर उशे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. इसी के साथ ही पुलिस v आगे की कार्रवाई में जुटी है है.पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद होगी पुलिस कार्रवाईइस मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक, चौबेपुर के कोदोपुर गांव में किन्हीं कारणों के चलते सोनी (40) पत्नी संतोष राजभर ने बीते शुक्रवार की रात को जहरीला पदार्थ खा लिया, कुछ देर बीता नहीं कि, तबीयत खराब हो गयी, जिसे देख परिजनों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया, मगर अफसोस की इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई. वह अपने पीछे 18 साल का पुत्र और 14 साल की बेटी को छोड़ गई है, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद से ही घटना मामले पर किसी तरह की कार्रवाई की जाएगी.जांच में जुटी पुलिस वहीं, पुलिस इस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है. उसका कहना है कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी, जो इतना बड़ा कदम उठाया गया है, यहीं कारण है कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि, इस घटना के पीछे किसका हाथ है और वो कौन सा कारण है जिसने इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर किया. जिसके लिए ये मृतक ने अपने बच्चों के बारे में तक नहीं सोचा. फिलहाल, पुलिस जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करने में लगी हुई है.Also Read: पुरुषोत्तम पूर्णिमा पर काशी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा स्नान कर बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन-पूजन