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पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और विजय जायसवाल को 21 अगस्त को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होने का आदेश

पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और विजय जायसवाल को 21 अगस्त को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होने का आदेश
Aug 19, 2026, 06:34 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी: वाराणसी की एमपी-एमएलए न्यायालय ने एक पुराने मुकदमे में पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और विजय जायसवाल को 21 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर आरोप तय कराने का आदेश दिया है. दोनों के पूर्व में निर्धारित तिथियों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अगली तारीख निर्धारित की है.


मामला वर्ष 2011 में कैंट थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 547/2011 से जुड़ा है। वादी माता प्रसाद मिश्रा की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में जवाहर जायसवाल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 323, 374, 504, 506, 120बी तथा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोप लगाए गए थे. पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था.


मुकदमे में सभी आरोपियों की ओर से उन्मोचन (डिस्चार्ज) प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था. न्यायालय ने इन प्रार्थना पत्रों को खारिज करते हुए आरोपियों को संबंधित धाराओं में आरोप तय किए जाने के लिए न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया था.


हालांकि, बाद में अवर न्यायालय द्वारा जवाहर जायसवाल और विजय जायसवाल के खिलाफ केवल धारा 120बी आईपीसी और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोप तय किए गए. इस आदेश को वादी माता प्रसाद मिश्रा ने सत्र न्यायालय में आपराधिक निगरानी के माध्यम से चुनौती दी.


सत्र न्यायालय ने वादी की आपराधिक निगरानी को स्वीकार करते हुए मामले में निर्णय वादी के पक्ष में दिया. इसके बाद एमपी-एमएलए न्यायालय ने जवाहर जायसवाल और विजय जायसवाल को आरोप तय करने की कार्रवाई के लिए पूर्व में 4 अगस्त और 18 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था.


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बताया गया कि दोनों आरोपी निर्धारित तिथियों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों को अब 21 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर आरोप बनवाने का आदेश दिया है.


मामला करीब 15 वर्ष पुराना होने के कारण न्यायालय की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब 21 अगस्त को दोनों आरोपियों की व्यक्तिगत उपस्थिति और आगे की न्यायिक कार्यवाही पर नजर रहेगी.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.