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पैथोलॉजी लैब में छलका जाम, शराब पीने के आरोप में लैब टेक्‍नीशियन समेत चार के खिलाफ कार्रवाई

पैथोलॉजी लैब में छलका जाम, शराब पीने के आरोप में लैब टेक्‍नीशियन समेत चार के खिलाफ कार्रवाई
Mar 17, 2026, 10:07 AM
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Posted By Preeti Kumari

Alcohol spilled in pathology lab, action taken against four people including lab technician for consuming alcohol


वाराणसी: पंडित दीन दयाल जिला अस्‍पताल की पैथोलॉजी लैब में शराब पीने का वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरएस राम ने सख्त कदम उठाया है. एक ओर जहां लैब टेक्नीशियन जितेंद्र कुमार के निलंबन की संस्तुति कर दी है. इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा गया है. साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे तीन संविदाकर्मियों को भी तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है.


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वीडियो ने खोली लापरवाही की पोल


बताया जा रहा है कि इस वायरल वीडियो करीब 20 सेकंड के दो क्लिप्स के रूप में सामने आया, जिसमें पैथोलॉजी लैब के भीतर टेबल पर शराब के गिलास रखे हुए दिखाई दे रहे हैं और कुछ कर्मचारी वहीं बैठकर शराब का सेवन कर रहे हैं. वीडियो में चार गिलासों में शराब भरी नजर आती है, जबकि एक व्यक्ति पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में रिकॉर्ड करता दिखाई देता है. इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.


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लैब टेक्नीशियन समेत अन्य की पहचान


जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति जितेंद्र कुमार है, जो वर्तमान में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था. वह वर्ष 1994 में वार्ड बॉय के रूप में अस्पताल में नियुक्त हुआ था और बाद में पदोन्नति पाकर लैब टेक्नीशियन बना. उसके साथ मौजूद अन्य व्यक्तियों में एक की पहचान राजू के रूप में हुई है, जो संविदा पर पिछले सात वर्षों से पीओसीटी विभाग में तैनात था. हालांकि एक अन्य व्यक्ति की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है.


लैब के अंदर सिगरेट और खानपान भी नजर आया


वीडियो में यह भी देखा गया कि एक व्यक्ति लैब के फ्रिज को खोलकर कुछ सामान निकालता है और उसे प्लेट में रखकर बैठ जाता है. वहीं कुछ देर बाद एक अन्य व्यक्ति केबिन में सिगरेट जलाता हुआ भी दिखाई देता है. यह पूरा घटनाक्रम उस स्थान पर हो रहा था, जहां मरीजों की जांच के लिए महत्वपूर्ण मशीनें लगी हुई हैं, जिससे इस लापरवाही की गंभीरता और बढ़ जाती है.


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प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख


मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आरएस राम ने बताया कि वीडियो भले ही उनके कार्यभार ग्रहण करने से पहले का हो, लेकिन इसमें दर्शाया गया कृत्य पूरी तरह अनुचित और निंदनीय है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की गतिविधियां किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं.


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जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. गौरतलब है कि इसी पैथोलॉजी लैब में इमरजेंसी और ओपीडी के मरीजों की खून की जांच होती है. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के भी सैंपल यहीं जांचे जाते हैं. ऐसे में इस तरह की लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है.

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
A student preparing for competitive exams committed suicide by hanging himself, leaving his family in mourning.वाराणसी: सारनाथ क्षेत्र में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी. सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. छात्र की पहचान गाजीपुर निवासी 20 वर्षीय विशाल यादव के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आत्‍महत्‍या की वजह स्‍पष्‍ट नहीं हो सकी है. घटना से जुडे सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. छात्र की मौसेरी बहन आकृति यादव ने बताया कि विशाल अपनी बड़ी बहन सरिता और उनके साथ सारनाथ थाना क्षेत्र की अटल नगर कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में रहते थे. वे सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे.आकृति के अनुसार, उनके मौसा रमेश यादव दुबई में रहते हैं और विशाल गाजीपुर से स्‍नातक का छात्र था. आकृति ने बताया कि घटना वाले दिन वह सुबह मंदिर दर्शन के लिए गई थीं, जबकि विशाल की बड़ी बहन सरिता कोचिंग चली गई थी. दोपहर करीब 12:30 बजे जब आकृति मंदिर से लौटीं, तो विशाल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने विशाल के मोबाइल पर कई बार कॉल किया, जो रिसीव नहीं हुई.डायल 112 को दी सूचना अनहोनी की आशंका होने पर आकृति ने खिड़की से झांक कर देखा तो विशाल के गले में स्टॉल से फंदा लगा था और वह बेड पर लटका हुआ था. यह देखते ही आकृति जोर से चीख पड़ीं. उसकी चीख-पुकार सुनकर मकान मालिक और अन्य किराएदार भी मौके पर आ गए. लोगों ने दरवाजा तोड़कर विशाल को फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. इसके बाद परिजनों और डायल 112 को घटना की सूचना दी गई.यह भी पढ़ें: रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतारसारनाथ पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की. सारनाथ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.थाना प्रभारी सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है. मृतक के मोबाइल को फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है. परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
वाराणसी: रोहनिया के मोहनसराय हाईवे स्थित चौराहे पर पैदल राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे फुट ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान मंगलवार की सुबह यातायात लगभग दो घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा. इस दौरान हाईवे और सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.रोका गया वाहनों का आवागमन निर्माण एजेंसी की टीम ने भोर से ही तैयारी शुरू कर दी थी. पहले से बगल की जमीन पर लोहे के गटर को दो भागों में वेल्डिंग करके तैयार किया गया था. सुबह करीब 5 बजे से 7 बजे तक चार क्रेन की मदद से इन भारी-भरकम गटरों को हाईवे के दोनों तरफ बने पिलरों पर सेट किया गया. क्रेन से सेटिंग का काम चलने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था. इस दौरान दोनों तरफ सैकड़ों वाहन खड़े हो गए और यातायात जाम की स्थिति बन गई. राहगीर पैदल चौराहा पार करने में भी दिक्कत महसूस कर रहे थे.लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद सफलतापूर्वक गार्डर की सेटिंग पूरी होने के बाद सुबह 7 बजे यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया. इस फुट ओवर ब्रिज के बनने से मोहनसराय चौराहे पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी.यह भी पढ़ें: BHU अस्‍पताल में जूनियर डाक्‍टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों ने संभाला कामकाजस्थानीय लोगों ने निर्माण टीम की कुशलता की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही यातायात बाधित होने के दौरान बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी की है ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी न हो. रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
 BHU अस्पताल में  जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों  से संभाला कामकाज
BHU अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों से संभाला कामकाज
वाराणसी: बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डाक्‍टरों (जेआर1) की हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने लगा है. जिससे मरीजों और तीतारदारों को इलाज में दुश्‍वारियों का सामना करना पड़ रहा है. जूनियर डाक्टरों ने अपनी हड़ताल का कारण एक महिला रेजिडेंट की आत्महत्या की कोशिश का विरोध बताया है. वहीं सीनियर रेजिडेंट ने मोर्चा संभाला लिया है. वहीं जूनियर डाक्‍टर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. धरने पर बैठे डा. अंबुज ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन की ओर से संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाईडाक्टरों की प्रमुख मांगों में जूनियर रेजिडेंट्स के लिए निश्चित ड्यूटी आवर तय करना, अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु करना और महिला जूनियर डाक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है. इस बीच, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन का कहना है कि जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल के करीब 28 वार्डों में तैनात लगभग 85 जूनियर रेजिडेंट्स ने कामकाज ठप कर दिया है, जिससे मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.धरना पर बैठा जूनियर रेजिडेंटों का समूह जूनियर रेजिडेंटों का एक समूह इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुख्य द्वार पर धरना दे रहा है. उनका कहना है कि प्रशासन को मामले में की गई कार्रवाई को लेकर लिखित रूप से स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. डा. अंबुज ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे. वहीं इस मामले में आईएमएस निदेशक ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए गठित कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.यह भी पढ़ें: BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौकारिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस स्थिति के चलते मरीजों को इलाज में हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोश‍िश कर रहा है. इस हड़ताल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुनौती दी है और मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. हालांकि सीनियर डाक्‍टरों ने कामकाज संभाल रखा है.