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बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में अब मिलेगी मुफ्त वाई-फाई सेवा, जान लें तरीका...

बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में अब मिलेगी मुफ्त वाई-फाई सेवा, जान लें तरीका...
Jun 25, 2026, 10:59 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : नगर निगम काशी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ अब इसे डिजिटल रूप से भी सशक्त बनाने में जुटी हुई है. इस क्रम में शहर में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सर सुंदर लाल चिकित्सालय (बीएचयू) और बीएचयू ट्रामा सेंटर में नि:शुल्क वाई-फाई सेवा का विधिवत शुभारंभ किया.


नगर निगम ने इस महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल का आगाज़ सबसे पहले अस्सी घाट व दशाश्वमेध घाट से किया था. इसके बाद दूसरे चरण में पूर्वांचल के सबसे बड़े अस्पताल बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर को भी हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा से जोड़ा गया.


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ऐसे में अब शहर के कुल चार प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को मुफ्त हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा मिलने लगी है. महापौर ने कहा कि यह परियोजना वाराणसी को एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी बनाने के हमारे संकल्प का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि वर्तमान समय में इंटरनेट एक बुनियादी आवश्यकता बन चुका है. महापौर ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्होंने अनुभव किया था कि इस चिकित्सा संस्थान में इंटरनेट वाई फाई की अत्यधिक आवश्यकता है.


आम नागरिकों और युवाओं की सहूलियत के लिए निगम ने इन सभी वाई-फाई ज़ोन में विशेष बोर्ड लगाए हैं. इन बोर्ड्स पर एक क्यूआर कोड दिया गया है. अस्पताल आने वाले तीमारदार, मरीज या विश्वविद्यालय के छात्र और शोधार्थी अपने मोबाइल से इस क्यूआर कोड को स्कैन करके बेहद आसानी से मुफ्त इंटरनेट सेवा का लाभ उठा सकते हैं. वाई-फाई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएन) को सौंपी गई है.


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बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि निगम की इस डिजिटल पहल से सूचनाओं का आदान-प्रदान तो सुगम होगा ही साथ में मरीजों के परिजन के लिए काफी सुविधा होगी. ट्रामा सेंटर के प्रभारी डा. सौरभ सिंह ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह से डिजिटल क्रांति का है, जो हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है. ऐसे में निगम की ओर से उपलब्ध कराई जा रही मुफ्त वाई-फाई की सुविधा आम नागरिकों को सीधे डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ने में सहायक साबित होगी. बीएसएनएल के प्रधान महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि इस नेटवर्क की स्पीड और रेंज को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अस्पताल या घाटों पर अत्यधिक भीड़ होने के दौरान भी कनेक्टिविटी में कोई रुकावट न आए और सुचारू रूप से डेटा ट्रांसफर होता रहे. कार्यक्रम का संचालन नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने किया. इस अवसर पर पार्षद रवींद्र सिंह, पार्षद अक्षैवर सिंह, पार्षद ‍सुरेश पटेल सहित नगर निगम के संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र, चिकित्सा अधीक्षक के के गुप्ता, बीएसएनएल के उप मंडल अभियंता अभिजित कुमार साहा सहित निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
वाराणसी : सावन मास के पावन अवसर पर लंका थाना अंतर्गत छित्तूपुर ग्राम सभा से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भव्य शोभायात्रा निकाली. प्रदेश सचिव, युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ केसरी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु शामिल हुए. ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु छित्तूपुर से सीर गोवर्धन होते हुए शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे.शोभायात्रा के दौरान भगवान शंकर और माता पार्वती की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही. डीजे की धुन पर शंकर-पार्वती के स्वरूप में कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया. पूरे रास्ते श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा. कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि सावन का महीना आस्था और भक्ति का पर्व है. ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश जाता है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की शुभकामनाएं दीं.रोहनिया विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा कि शूलटांकेश्वर महादेव में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है. उन्होंने आयोजन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार जताया.प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ केसरी ने कहा कि सावन के पावन अवसर पर यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना और आपसी सौहार्द को मजबूत करना है.ALSO READ : वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍ियाशोभायात्रा में महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, रोहनिया विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह पटेल, अवधेश पटेल, अभिषेक पटेल, विश्वजीत पटेल, आशीष पटेल, नितेश पटेल, महेश सिंह केशव केसरी आनंद केसरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शूलटंकेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की.
वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍िया
वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍िया
वाराणसी : सावन के अंतिम सोमवार को श्रृंगार गौरी में जलाभिषेक की मांग को लेकर शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला. इस जुलूस के गोदौलिया पहुंचते ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया. शिव सैनिक श्रीकाशी विश्वनाथ, श्रृंगार गौरी और ज्ञानवापी स्थित आदिविश्वेश्वर शिवलिंग पर जलाभिषेक की मांग कर रहे थे. शिव सेना के राज्य उप प्रमुख अजय चौबे ने कहा कि सावन भर मुस्लिम पक्ष को ज्ञानवापी में नमाज से रोकने की हिंदू पक्ष की मांग पर कोई रोक नहीं लगी, इसलिए शिव सैनिकों को भी जलाभिषेक की अनुमति दी जाए.अजय चौबे ने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानवापी हिंदू पक्ष को नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. जिद पर अड़े शिवसैनिकों को दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी डॉ अतुल अंजान त्रिपाठी ने गोदौलिया चौराहे से हिरासत में लेकर थाने भेजा. बाद में सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया. इस दौरान भवानी सेना की महिलाएं भी मौजूद रहीं.ALSO READ : मंडलीय चिकित्सालय में करोड़ो की एक्सरे मशीन बैटरी के अभाव में बंद, मरीजों को परेशानीपुलिस की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन इस मामले में सख्त है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगा. ज्ञात हो कि ज्ञानवापी मस्जिद और उसके आसपास का क्षेत्र लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है. हिंदू पक्ष का दावा है कि यह स्थल पहले एक मंदिर था, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह एक मस्जिद है. सावन के महीने में जलाभिषेक की परंपरा को लेकर शिव सैनिकों का यह आंदोलन एक बार फिर से इस विवाद को ताजा कर सकता है. अजय चौबे ने कहा कि जब तक हिंदू पक्ष को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.
मंडलीय चिकित्सालय में करोड़ो की एक्सरे मशीन बैटरी के अभाव में बंद, मरीजों को परेशानी
मंडलीय चिकित्सालय में करोड़ो की एक्सरे मशीन बैटरी के अभाव में बंद, मरीजों को परेशानी
वाराणसी: मरीजों को बेहतर और त्वरित जांच सुविधा देने के लिए मंडलीय चिकित्सालय में उपलब्ध कराई गई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की पोर्टेबल एक्सरे मशीन इन दिनों बैटरी के अभाव में बंद पड़ी है, अस्पताल में मशीन का इस्तेमाल नहीं होने से जरूरतमंद मरीजों को जांच के लिए दूसरी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है. मामला सामने आने के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं और महंगे उपकरणों के रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं, एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय कबीरचौरा वाराणसी का प्रमुख सरकारी अस्पताल है.जानकारी के अनुसार, पोर्टेबल एक्सरे मशीन को इस उद्देश्य से रखा गया था कि ऐसे मरीजों की एक्सरे जांच आसानी से की जा सके, जिन्हें एक्सरे कक्ष तक ले जाना मुश्किल होता है. विशेष रूप से गंभीर, भर्ती और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए पोर्टेबल मशीन काफी उपयोगी मानी जाती है. लेकिन बैटरी उपलब्ध न होने के कारण मशीन का संचालन प्रभावित है.अस्पताल में पहले भी एक्सरे से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आती रही हैं। हाल में डिजिटल एक्सरे मशीन का सर्वर डाउन होने से भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा था. ऐसे में अब महंगी पोर्टेबल मशीन के बंद होने से मरीजों की मुश्किल और बढ़ने की आशंका है.सबसे बड़ा सवाल यह है, कि करोड़ों रुपये के आसपास की लागत वाले चिकित्सा उपकरण की बैटरी जैसी आवश्यक वस्तु समय पर उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई, यदि मशीन लंबे समय तक बंद रहती है तो इसका उद्देश्य ही प्रभावित होता है, और सरकारी संसाधनों के उपयोग पर भी सवाल खड़े होते हैं.ALSO READ : राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वाराणसी में होगा 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम, दो स्‍थानों पर आयोजनमरीजों और तीमारदारों की मांग है, कि अस्पताल प्रशासन तत्काल बैटरी की व्यवस्था कर मशीन को चालू कराए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर एक्सरे जांच की सुविधा मिल सके। साथ ही महंगे चिकित्सा उपकरणों के नियमित रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए.