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Gandiv Digital Exclusive: 488 करोड़ की ठगी में गिरफ़्तारी नहीं सिर्फ केस डायरी तैयार कर रही वाराणसी पुलिस

Gandiv Digital Exclusive: 488 करोड़ की ठगी में गिरफ़्तारी नहीं  सिर्फ केस डायरी तैयार कर रही वाराणसी पुलिस
Aug 19, 2026, 12:16 PM
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Posted By Niharika dwivedi

Gandiv Digital Exclusive : 488 करोड़ रुपये के आर्थिक अपराध में वाराणसी की साइबर क्राइम थाना पुलिस के हाथ खाली हैं. जबकि इस मामले में 40 दिन पहले अजीबो-गरीब तरीके का मुकदमा दर्ज किया था. वादी की ओर से तहरीर में आरोपितों के नाम देने के बावजूद मुकदमा अज्ञात के खिलाफ लिखा गया. किसी की गिरफ्तारी करने की बजाय पुलिस सिर्फ केस डायरी भर रही है. इस मामले में कानून के लंबे हाथ छोटे हो जाने की वजह लेन-देन होने की खूब चर्चा हो रही. इस मामले में किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पाई इस बारे में जांच अधिकारी इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह कुछ बता नहीं पा रहे हैं. गांडीव डिजिटल ने इस बारे में उनसे सवाल पूछा तो उनका कहना था कि देखकर ही बता पाएंगे.


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बनारस में मना रहे थे स्थापना दिवस


दिल्ली आधारित कंपनी मेडालिओन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड ने बीते पांच जुलाई को वाराणसी के नागरी नाटक मंडली में अपना छठवां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया था. इसमें मेयर अशोक तिवारी, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई गणमान्य लोगों को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था. कार्यक्रम शुरू ही हुआ था कि तभी कुछ निवेशक वहां पहुंचे और कंपनी के संचालकों पर फ्राड का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे. यह देखकर कंपनी के सीनियर अधिकारी मौके से भाग निकले. पुलिस ने पूरे कार्यक्रम को रुकवा दिया और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था. लखनऊ के गोमती नगर के विभव खंड निवासी निवेशक मानवेंद्र तिवारी ने साइबर क्राइम थाना में कंपनी के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. उसने पुलिस को बताया है कि सितंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक कंपनी में नेतृत्व प्रशिक्षक था.


कंपनी ने ग्राहकों को पहले सोना खरीदने पर कैशबैक दिया. बाद में बुकिंग योजना शुरू की और 10 से 20 महीने में रुपये डबल करने की बात कह कर लोगों को लालच दिया. इस लालच में आकर बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी में निवेश किया. लेकिन उनके रुपये हड़प लिए गए. कंपनी ने तीन बार अपनी वेबसाइट में बदलाव किया और निवेशकों का पूरा डाटा ही गायब कर दिया.


आगे नहीं बढ़ सकी पुलिस की जांच


मामले की जांच साइबर क्राइम थाना के इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह कर रहे हैं. एफआईआर अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस मामले में पुरस्कार चिट और धन प्रचलन योजना (प्रतिबंध) अधिनियम, 1978 की धाराएं जो सभी प्रकार की इनामी चिट और मनी सर्कुलेशन योजनाओं के संचालन, प्रचार और उनमें शामिल होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाती है व धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज किया है. डेढ़ महीने बीतने के बाद भी साइबर क्राइम थाना पुलिस कुछ कार्रवाई नहीं कर पाई है. कंपनी के संचालक भी उसकी पकड़ से बाहर हैं जबकि वह देश के बाहर जाने की योजना बना रहे हैं.


खूब हो रही लेन-देन की चर्चा


चर्चा है कि इस पूरे मामले में लीपापोती की तैयारी चल रही है. जो लोग मामले को खत्म कराने का दावा कर रहे हैं उन्होंने लाखों रुपये की मांग की थी और उनके पास रुपये पहुंच भी गए हैं. इस मामले में सेटलमेंट कराने के लिए कानून की जानकारी रखने वालों से लेकर पुलिस के लोग भी शामिल हैं. इन रुपयों के बदौलत ही ठगी के आरोपितों को पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी है लेकिन पुलिस उनके बारे में कुछ भी पता नहीं लगा पा रही है. आरोपित आपस में व्हाट्सएप चैट के जरिए बातचीत करते हैं और नेपाल में जाकर छुपने की योजना बना रहे हैं.


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पुलिस ने केस डायरी में बताया गंभीर मामला


इस मामले में जांच कर रहे अधिकारी उदयवीर ने जो केस डायरी तैयार की है उसमें पूरा मामला 488 करोड़ का बताया है. केस डायरी के मुताबिक कंपनी से 18,580 लोग जुड़े थे. इनमें से 3750 सक्रिय रहे. कंपनी के कंप्यूटर से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने कुल 488 करोड़ से अधिक की धनराशि एकत्र किया है जबकि निकासी बहुत कम हुई है. जो निवेशकों के रुपयों के गबन की ओर इशारा करता है. कई लोग ऐसे हैं जिनके साथ लाखो की ठगी की गई. पुलिस की केस डायरी के मुताबिक रामपुर के आकाश दीप के साथ सवा करोड़ की ठगी हुई. गोपालगंज के रमेश चंद्र से 30 लाख, आगरा के गोपाल शर्मा से 12 लाख, ग्वालियर के हरि सिंह राजपूत से 40 लाख रुपये, राजस्थान के हनुमान सहाय यादव से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी हुई. इसके अतिरिक्त सैकड़ों लोग ठगी के शिकार हुए.


ऐसे करते थे ठगी


पुलिस की केस डायरी के अनुसार श्री मेडालिओन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी (सीइओ सत्यजीत कुमार द्वारा आभूषण व्यवसाय की आड़ में बड़ा मल्टीलेवल मार्केटिंग, पोजी व पिरामिड स्कीम चलाजा रहा है. कंपनी द्वारा आम जनता को आकर्षित करने के लिए अनुचित-अवास्तविक लाभ, कैशबैक और विदेश यात्रा का प्रलोभन दिया जा रहा है. कंपनी दस हजार की ज्वेलरी आनलाइन बुक कराने पर 20 महीने में 55 हजार कैशबैक, एक लाख दस हजार गोल्ड फंड देने का दावा करती है. पिरामिड व बाइनरी स्ट्रक्चर योजना में दो कस्टमर बाएं और दाएं बनाने का नियम लागू किया गया था. इनको डायरेक्ट बोनस, मैचिंग बोनस, फ्लैगशिप बोनस और रिवार्ड बोनस के जरिए आय दर्शाया गया था. कंपनी के लिए कस्टमर लाने वालों को पांच लाख से 250 करोड़ रुपये के टर्न ओवर, बिजनेस ट्रिप, कार, विला और फार्म हाउस जैसे बड़े-बड़े पुरस्कार देने का वादा किया गया था.


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पुलिस ने मानी संलिप्तता लेकिन पकड़ा नहीं


साइबर क्राइम पुलिस को 488 करोड़ रुपये के आर्थिक अपराध के मामले में पुलिस को सत्यजीत कुमार, कृष्ण गौर, राहुल देव रजक, आनंद पांडेय, अजीत पांडेय की तलाश ही. हालांकि साइबर क्राइम थाना में मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज है लेकिन इनमें से एक आरोपित वाराणसी के बृजइंक्लेव कालोनी में रहने वाले आनंद पांडेय ने स्थानीय अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र भी दे दिया. साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इसका विरोध किया और इसे मामले संलिप्त बताया. अदालत ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज भी कर दिया.

दो आईपीएस की विदाई, सीपी बोले- वाराणसी में सराहनीय रहा कार्यकाल
दो आईपीएस की विदाई, सीपी बोले- वाराणसी में सराहनीय रहा कार्यकाल
वाराणसी : आईपीएस प्रमोद कुमार और आईपीएस श्रुति का गैर जनपद ट्रांसफर होने के बाद मंगलवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कमिश्नरेट सभागार में भावभीनी विदाई दी. पुलिस आयुक्त ने कहा कि दोनों अधिकारियों का कार्यकाल वाराणसी में सराहनीय रहा, कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही. समारोह में एडिशनल सीपी, सभी डीसीपी, एडीसीपी समेत कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बुके और स्मृति चिन्ह देकर दोनों को नई तैनाती के लिए शुभकामनाएं दी गईं.वहीं, पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल ने सोमवार की रात तीन डीसीपी के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया. आईपीएस ट्रांसफर सूची में हटाए गए प्रमोद कुमार को चार्ज से वरुणा जोन का चार्ज लेकर रिलीव कर दिया गया. कानपुर से ट्रांसफर होकर आए डीसीपी राजेश पाण्डेय को वरुणा जोन का नया डीसीपी बनाया गया है. राजेश पाण्डेय वाराणसी में एडीसीपी ट्रैफिक भी रह चुके हैं और वरुणा जोन से बखूबी परिचित हैं.ALSO READ:बरेका इंटर कॉलेज में हिन्दी वाक् प्रतियोगिता, वैभवी यादव ने हासिल किया प्रथम स्थान.पुलिस आयुक्‍त ने काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल के कार्यक्षेत्र में बढोत्तरी की है. काशी जोन के साथ उन्हें पुलिस लाइंस का नया डीसीपी बनाया है. पुलिस लाइंस का अतिरिक्त चार्ज पहले प्रमोद कुमार के पास था. वरुणा जोन में राजेश पाण्डेय को कई दुश्वारियों से जूझना होगा, कोर्ट और जिला मुख्यालय का क्षेत्र होने के साथ ही आए दिन होने वाले वीआईपी मूवमेंट में असल परीक्षा रहेगी. वह आज वरुणा जोन कार्यालय में चार्ज संभालेंगे.
बरेका इंटर कॉलेज में हिन्दी वाक् प्रतियोगिता, वैभवी यादव ने हासिल किया प्रथम स्थान.
बरेका इंटर कॉलेज में हिन्दी वाक् प्रतियोगिता, वैभवी यादव ने हासिल किया प्रथम स्थान.
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में राजभाषा पखवाड़ा के तहत मंगलवार को बरेका इंटर कॉलेज में हिन्दी वाक् प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक आशुतोष पंत के दिशा-निर्देशन में आयोजित प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिन्दी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने और राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के समन्वयक धर्मवीर सिंह, वरिष्ठ अनुवादक गुरुराजन और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।प्रतियोगिता के लिए ‘अनेकता में एकता की संवाहक हिन्दी’ और ‘हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है’ विषय निर्धारित किए गए थे। विद्यार्थियों ने अपने वक्तव्यों में हिन्दी भाषा की सामर्थ्य, आत्मीयता, संस्कृति और संस्कारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस दौरान तुलसीदास, कबीरदास, मुंशी प्रेमचंद और भारतेन्दु हरिश्चंद्र जैसी हिन्दी साहित्य की विभूतियों का भी स्मरण किया गया।विद्यालय के समन्वयक धर्मवीर सिंह ने हिन्दी के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने हाल ही में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के संदर्भ में विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों द्वारा हिन्दी गीतों के उल्लेख का जिक्र किया। शिक्षिका करुणा सिंह ने हिन्दी कविता प्रस्तुत की।प्रतियोगिता में भूगोल प्रवक्ता विकास कुमार पाण्डेय और हिन्दी शिक्षक उमैर अहमद अंसारी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों का मूल्यांकन प्रस्तुतीकरण, विषय-वस्तु और अभिव्यक्ति के आधार पर किया।ALSO READ: रामनगर चौक से किला रोड तक अतिक्रमण को लेकर पुलिस ने स्ट्रीट वेंडरों के साथ की बैठक..परिणाम में कक्षा 11-‘अ’ की छात्रा वैभवी यादव ने प्रथम, कक्षा 10-‘अ’ के छात्र अनमोल प्रजापति ने द्वितीय और कक्षा 9-‘ब’ के छात्र उत्कर्ष केशरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम का संचालन हिन्दी शिक्षिकाएं शालिनी उपाध्याय और वंदना शुक्ला ने किया। आयोजन को सफल बनाने में राकेश चौधरी और करुणा सिंह का विशेष योगदान रहा।
रामनगर चौक से किला रोड तक अतिक्रमण को लेकर पुलिस ने स्ट्रीट वेंडरों के साथ की बैठक..
रामनगर चौक से किला रोड तक अतिक्रमण को लेकर पुलिस ने स्ट्रीट वेंडरों के साथ की बैठक..
वाराणसी। रामनगर में सड़क और पाथवे पर दुकानें व ठेले लगाने से होने वाली यातायात संबंधी परेशानियों को लेकर पुलिस ने मंगलवार को स्ट्रीट वेंडरों के साथ बैठक की। थाना रामनगर में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा ने रामनगर चौक चौराहा से किला रोड तक सब्जी, फल, चाट, चाउमीन, फास्ट फूड, चाय-नमकीन आदि के ठेले लगाने वाले दुकानदारों और पाथवे पर दुकान लगाने वाले स्ट्रीट वेंडरों को बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक के दौरान प्रभारी निरीक्षक ने वेंडरों से कहा कि सड़क पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न किया जाए। ठेले और दुकान इस तरह लगाए जाएं, जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित न हो और पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।पुलिस ने वेंडरों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और निर्धारित स्थान पर ही दुकान लगाने की अपील की। साथ ही स्पष्ट किया कि सड़क और पाथवे पर इस तरह सामान न फैलाया जाए, जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो।पुलिस के अनुसार बैठक का उद्देश्य रामनगर चौक से किला रोड तक यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और आम लोगों के आवागमन में किसी तरह की बाधा को रोकना है।ALSO READ: जलस्तर घटने के बाद मणिकर्णिका घाट पर की गई सफाई, गंगा की तलहटी से निकाले करीब 100 किलो कपड़े...