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जीडीपी को लगभग तीन गुना तक ले जाना होगा आगे : वित्त मंत्री

जीडीपी को लगभग तीन गुना तक ले जाना होगा आगे : वित्त मंत्री
Nov 17, 2025, 08:05 AM
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Posted By Anurag Sachan

वाराणसी - यूपी के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा वाराणसी जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में सर्किट हाउस सभागार में सोमवार को जनपद में गतिमान विभिन्न परियोजनाओं तथा प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में जिले के योगदान को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई. इसमें जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार द्वारा विभिन्न योजनाएं तथा वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में जिले के योगदान की जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से रखी गयी.


जिलाधिकारी ने 2023-24 के आंकडों के आधार पर जनपद वाराणसी के आंकडों को प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में जिले की जनसंख्या 36.77 लाख (2011 के सेंसस से) है जिसके 2025 तक 43.87 लाख होने का अनुमान है. जिले की वर्तमान जीडीपी 51,036 करोड़ (प्रचलित भावों पर) तथा 29,797 करोड़ (स्थायी भावों पर) है तथा वार्षिक विकास दर 13.8% है, जनपद का राज्य जीडीपी में योगदान 1.99% है तथा प्रति व्यक्ति आय 103354 रुपये है. प्राथमिक सेक्टर का जनपद जीडीपी में योगदान 8.57%, द्वितीयक सेक्टर का 25.58% तथा तृतीयक सेक्टर का 65.85% योगदान है. जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले का तृतीयक सेक्टर का वर्तमान आंकड़ा तीस हजार करोड़ का है जिसको बढ़ाकर एक लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है. पर्यटकों की संख्या में 42 प्रतिशत तथा होटल उद्योग में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.


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कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की जीडीपी में योगदान को गुणात्मक रूप से बढ़ाने पर जोर


प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में जनपद के निर्धारित लक्ष्य 159200 करोड़ के सापेक्ष वर्तमान में जीडीपी 51036 करोड़ को लगभग तीन गुना तक आगे ले जाना होगा जिसके लिये लक्ष्य को टाइम फ्रेम में बिन्दुवार ठोस योजना बनाकर प्राप्त करना होगा. कृषि के बीजों तथा सिंचाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि कृषि उपज को उच्चस्तर पर ले जाया जा सके. प्रभारी मंत्री ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की जीडीपी में योगदान को गुणात्मक रूप से बढ़ाने हेतु जोर दिया.


मत्स्य पालन की विभिन्न योजनाओं के बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार की जरूरत है ताकि कृषि से संबद्ध क्षेत्रों को नयी ऊचाईयां दी जा सकें जो हमारे जीडीपी को उचित योगदान दे. उन्होंने जनपद के वर्तमान आकड़ों में तीन गुना बढ़ोत्तरी करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कृषि, पशुधन, वानिकी, मत्स्य में विशेष प्रयास किये जाने की आवश्यकता है. उन्होंने अर्थव्यवस्था को गति देने हेतु तात्कालिक एवं दीर्घकालिक लक्ष्य तैयार करने तथा माइक्रोप्लानिंग कर कृषि एवं आनुषंगिक क्षेत्रों पर फोकस करने के निर्देश भी दिये. प्रभारी मंत्री ने पशुओं में नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान योजना को बढावा देने की जरूरत बताया जिसके लिए जिलाधिकारी को प्रति महीने लक्ष्य निर्धारण करके समीक्षा करने को निर्देशित किया. दुग्ध कलेक्शन सेंटर को बड़े स्तर पर बढ़ाने की जरूरत है जिसकी समीक्षा जिलाधिकारी प्रति महीने स्वतः करेंगे.


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प्रति महीने कम से कम 100 वृक्ष जरूर लगाएं


वन विभाग जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रति महीने कम से कम 100 वृक्ष जरूर लगाएं जिससे एग्रोफॉरेस्ट्री का विकास हो. भट्ठा की संख्या, उनका सर्वे तथा उनके द्वारा खनन की बिन्दुवार समीक्षा करके जिलाधिकारी अगले 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. प्रति हेक्टेयर या प्रति एकड़ अच्छी पैदावार वाले किसानों को वार्षिक रूप से कृषि विभाग/मंडी समिति द्वारा पुरस्कृत करने की शुरुआत करें. नहरों की उचित सिल्ट सफाई हो जिससे की टेल तक पानी पहुंचना सुनिश्चित हो अन्यथा उचित करवाई होगी.


मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट योजना का उचित प्रचार-प्रसार करके लोगों को उसका लाभ देना सुनिश्चित करें. प्रभारी मंत्री ने उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं को हुनर प्राप्त लोगों में बढावा देने को निर्देशित किया. उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ कौशल विकास के लक्ष्यों को साझा करने हेतु निर्देशित किया ताकि जरूरतमंदों का भला होना सुनिश्चित हो सके. प्रभारी मंत्री ने डिप्टी आरएमओ को निर्देशित किया धान खरीद को शासन के पॉलिसी के अनुसार किसान के पॉकेट में पैसा जाना सुनिश्चित हो, बिचौलियों को हर हाल में दूर रखा जाये, सरकार की मंशा पर कोई आंच न आये.


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दलहन, तिलहन की फसलों पर भी विशेष फोकस की आवश्यकता


उन्होंने कहा कि आँकड़ों की रिपोर्टिंग शुद्धता से करने को कहा तथा उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान देने के साथ ही टेक्नोलॉजी के प्रयोग हेतु भी निर्देशित किया. दलहन, तिलहन की फसलों पर भी विशेष फोकस की आवश्यकता है. प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी को विभिन्न उद्योगों की सिक यूनिट की स्वतः समीक्षा कर उनके रिवाईबल पर ध्यान देने को निर्देशित किया. अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की जरुरत है, सभी लोग इसमें अपना योगदान देना सुनिश्चित करें. सरकार की प्राथमिकता रोज़गार देने की है। सबसे ज्यादे फोकस इसी पर है. योजनाओं को जमीन पर उतारते हुए समुचित परिणाम देना सुनिश्चित करें.


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प्राथमिक सेक्टर को बढ़ाने हेतु राजकीय कृषि प्रक्षेत्र पर सीड पार्क की स्थापना, फसलों के बीज मिनीकिट का कृषकों के मध्य निःशुल्क वितरण, कृषि उत्पादों का निर्यात, एग्रीटेक स्टार्टअप, गोदाम, शीतगृह की स्थापना, कृत्रिम गर्भाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. द्वितीयक सेक्टर में संगठित तथा असंगठित विनिर्माण तथा पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों, विद्युत, गैस तथा जल एवं अन्य उपयोगी सेवायें से बढ़ावा दिया जा रहा है. तृतीयक सेक्टर के विकास हेतु पर्यटन उद्योग, मेडिकल टूरिज्म, होम स्टे, गंगा नदी में क्रूज तथा इलेक्ट्रिक नावों का संचालन आदि से उचित आवागमन आदि से सेवा सेक्टर को और गति दी गयी है.


बैठक में महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ सुनिल पटेल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण पूर्ण बोरा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.

होली पर करोड़ों की शराब गटक गए काशीवासी, गदगद हुआ आबकारी विभाग
होली पर करोड़ों की शराब गटक गए काशीवासी, गदगद हुआ आबकारी विभाग
वाराणसी: होली पर्व पर रिकार्ड तोड शराब बिक्री से आबकारी विभाग गदगद है. वहीं, इस साल होली पर शराब कारोबारियों की भी बांछें खिली रही. तीन दिन में शराब कारोबारियों ने करोड़ों की शराब बेची. इस दौरान भांग की बिक्री में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली. आबकारी विभाग के आंकड़ों को मानें तो करीब 27 करोड़ रुपए की अंग्रेजी और देसी शराब की बिक्री काशी में हुई. फिलहाल राजस्व में हुई बढ़ोतरी से आबकारी विभाग भी प्रफुल्लित नजर आ रहा है. शराब कीदुकानों पर होली के एक दिन पहले भारी भीड लग गई थी. इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि होली पर काशी वासी करोडों की शराब गटक गए.होली पर तीन दिनों में काशी के लोगों ने 27 करोड़ रुपए की शराब गटक ली है. जिला आबकारी अधिकारी कमल कुमार शुक्ल ने बताया कि इस दौरान अंग्रेजी और देसी शराब की बंपर बिक्री दर्ज की गई. उन्होंने बताया कि भांग का कारोबार भी अच्छा रहा और शराब के साथ लोगों ने भांग की खरीदारी भी जमकर की है.यह भी पढ़ें: प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित किए पुष्‍प, आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चापिछले साल 25 करोड़ का था कारोबारजिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में देसी शराब की ज्यादा बिक्री हुई, जबकि शहरी क्षेत्र में अंग्रेजी शराब लोगों की पसंद बनी. आंकड़ों की बात की जाए तो करीब 40% देसी शराब और 60% अंग्रेजी शराब की बिक्री हुई है. उन्होंने बताया कि हालांकि भांग से सरकार को राजस्व नहीं मिलता, लेकिन फिर भी काशी में उसकी अच्छी बिक्री हुई है. उन्होंने बताया कि पिछले साल करीब 25 करोड़ रुपए की शराब कि बिक्री हुई थी जो इस साल बढ़कर 27 करोड़ रुपए हो गई. यानी कि दो करोड की शराब अधिक बिकी.
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित किए पुष्‍प, आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित किए पुष्‍प, आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा
वाराणसी: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय होली के बाद पांच मार्च गुरुवार को ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे. इस दौरान अजय राय ने शंकराचार्य के चरणों में पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया और हाल के घटनाक्रम और आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की. मुलाकात के दौरान अजय राय ने कहा कि जब वे लखनऊ में थे तब पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. उनके अनुसार प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी और होली का हवाला देकर उन्हें रोक लिया गया. इस पूरे मामले की जानकारी शंकराचार्य को दी और प्रशासन की ओर से जारी जिला अधिकारी (डीएम) का पत्र भी उन्हें दिखाया. उन्होंने कहा कि यह पत्र बताता है कि प्रशासन किस आधार पर लोगों को रोक रहा है.शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 6 दिन अभी और बचा हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास समय है कि वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कर दें, लेकिन अभी तक उनके तरफ से कोई बयान नहीं आया है. उनकी ही पार्टी के अन्य लोग समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है. हम लखनऊ जा रहे हैं. वहां पर सभी साधु संतों के सामने हम अपने फैसले को सुनाएंगे. हम उन लोगों का चेहरा भी सामने लेंगे जो लोग हमारे इस अभियान में साथ हैं. उन्होंने कहा कि हम यहां से निकल रहे हैं. हमें जहां रोका जाएगा, हम कानून का पूरा साथ देंगे, लेकिन हमें उम्मीद है कि ये धर्म की यात्रा है, इसमें कोई बाधा नहीं आ सकती है.यह भी पढ़ें: वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारीशंकराचार्य ने कहा कि होली के बाद अजय राय हमसे मुलाकात करने के लिए आए थे. गंगा अभियान को लेकर कुछ चर्चाएं हुई. लेकिन कोई बहुत बड़ी बात नहीं की गई है. यह एक मुलाकात थी. डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जो बयान दिया है उस पर शंकराचार्य ने कहा कि जिसका जैसा संस्कार होता है, वह वैसा ही बयान देता है.11 मार्च को शंकराचार्य के साथ खड़े रहेंगे कांग्रेस कार्यकर्ताअजय राय ने कहा कि हम अपने शंकराचार्य से मुलाकात करने के लिए होली बाद पहुंचे थे. शंकराचार्य का जो भी आदेश होगा, हमारी पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी. जो लोग गौ को अपनी मां मानते हैं, वह सभी लोग साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि 11 मार्च को हम सभी लखनऊ में महाराज जी के साथ रहेंगे.बिहार मुद्दे पर अजय राय का बड़ा बयान बिहार के नीतीश मुद्दे पर अजय राय ने कहा कि यह चुनाव में ही तय हो गया था कि बीजेपी उनको साइड लाइन करेगी. वहां पर जेडीयू को इन्होंने अपने साथ विलय कर लिया है. इससे पहले नवीन पटनायक की सरकार के साथ भी इन्होंने यही किया था. उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ जो भी रहता है, उसको यह लोग पूरी तरह से साफ कर देते हैं.शंकराचार्य ने बताया लखनऊ कार्यक्रम का खाका शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने प्रस्तावित लखनऊ कार्यक्रम की रूपरेखा भी साझा की. उन्होंने कहा कि वे अपने निर्धारित मार्ग और कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे. शंकराचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपने मार्ग पर निकलेंगे और जो भी निर्णय लेना होगा, वह अपने धर्म और परंपरा के अनुसार लेंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन को जो करना है वह करे, लेकिन वे अपने तय कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेंगे.11 मार्च को लखनऊ में सभा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गाय और सनातन की रक्षा के लिए 11 मार्च को लखनऊ में सभा करेंगे. 7 मार्च को वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर काशी से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे. उन्होंने बताया कि सबसे पहले बड़े भगवान चिंता गणेश का पूजन पाठ होगा. संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ करेंगे.उसके बाद यात्रा के लिए निकल जाएंगे. विभिन्न स्थानों से होते हुए लखनऊ में 11 मार्च को शीतला अष्टमी पर काशीराम मैदान में गौ ध्वज प्रतिष्ठा किया जाएगा. इसके बाद धर्म युद्ध शुरू होगा, जो लोग भी गौ माता की रक्षा के लिए आना चाहते हैं, वह आएं.
वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारी
वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारी
वाराणसी: रंग भरी एकादशी से शुरू रंगों के पर्व को सकुशल संपन्‍न कराने के बाद कमिश्‍नरेट पुलिस के लिए गुरुवार पांच मार्च का दिन खास रहा. जिले में शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराने के उपरांत आज पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पारंपरिक रूप से पुलिस लाइन एवं पुलिस आयुक्त आवास पर हर्षोल्लास के साथ होली मनाई गई. इस अवसर पर अधिकारी व कर्मचारी रंग, अबीर एवं गुलाल में सराबोर होकर उत्सव में शामिल हुए तथा एक-दूसरे को रंग लगाकर प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश दिया."होली प्रेम और भाईचारे का पर्व"कार्यक्रम के दौरान संगीत, लोकगीत एवं नृत्य का आकर्षक संगम देखने को मिला, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने इस अवसर पर पुलिसकर्मियों के समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है, जो समाज में आपसी सद्भाव और एकता को सुदृढ़ करने का संदेश देता है.यह भी पढ़ें: वाराणसी में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए करोड़ों रुपये स्‍वीकृत, 12.49 करोड़ जारीउन्होंने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी के पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जनपद में होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं. माहौल इतना उल्लासपूर्ण रहा कि कई पुलिसकर्मी रंग से भरे टब में गोते लगाते दिखे और जमकर मस्ती की. होली के इस आयोजन में अनुशासन और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिला. जहां एक ओर वर्दीधारी जवान सालभर कानून-व्यवस्था संभालते नजर आते हैं, वहीं इस अवसर पर वे भी रंगों में सराबोर होकर खुशी साझा करते दिखाई दिए.