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सरकार AI के नैतिक उपयोग के जरिए नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध

सरकार AI के नैतिक उपयोग के जरिए नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध
Apr 09, 2026, 07:34 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: आईआईटी बीएचयू और थिंक इंडिया के तत्वावधान में आयोजित एआई समिट में वक्ताओं ने वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की उपयोगिता पर चर्चा की. इसमें थिंक इंडिया, मेटा, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग सहित देश के विभिन्न संस्थानों से 350 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया. समारोह में मुख्य अतिथि, आईआईटी कानपुर के निदेशक पद्मश्री प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने कहा कि एआई का विकास क्रमिक रहा है और भारत में बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इस तकनीक को नई दिशा दे रहे हैं.


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विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑनलाइन जुड़े सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि आज भारत तकनीक के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है. सरकार एआई के नैतिक उपयोग और इसके माध्यम से नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है.


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दिनचर्या का अभिन्न अंग बनी AI तकनीक


बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को कहा कि आज हम जिस दौर में हैं, वहां तकनीक हमारी दिनचर्या का अभिन्न अंग बन चुकी है. प्रत्येक व्यक्ति, और विशेषकर विद्यार्थियों, को पहले यह विश्लेषण करना चाहिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग हमारे समाज पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव डालने वाला है या नहीं.


एक वैचारिक क्रांति


आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यदि हम अंग्रेजी में “India” शब्द को उल्टा पढ़ें, तो एआई शब्द सबसे पहले उभरकर आता है. आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरके सिंह और थिंक इंडिया के अखिल भारतीय प्रमुख सुमित पाण्डेय ने एआई पर अपने विचार साझा किए. महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतीहारी के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि एआई केवल एल्गोरिद्म का समूह नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक क्रांति है.


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एके त्यागी ने कहा- विश्वविद्यालयों की बदल रही भूमिका


काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों की भूमिका बदल रही है और एआई के समावेश से शोध और नवाचार के नए द्वार खुले हैं. कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह, थिंक इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक विज्जुल मंगट, आईआईटी बीएचयू के प्रो. संजय कुमार श्रीवास्तव, शांभवी, अभाविप प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष, राहुल राणा, अभाविप बीएचयू इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन और अनुराग तिवारी उपस्थित रहे.

वाराणसी में कीनाराम अवतरण दिवस पर 55 जोड़ों का होगा सामूहिक विवाह
वाराणसी में कीनाराम अवतरण दिवस पर 55 जोड़ों का होगा सामूहिक विवाह
वाराणसी: अघोर परंपरा के प्रमुख केंद्र रविंद्रपुरी स्थित बाबा कीनाराम स्थल पर एक बार फिर सामाजिक सरोकार का बड़ा आयोजन होने जा रहा है. अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान की ओर से 1 मई को पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के अवतरण दिवस के अवसर पर 55 जरूरतमंद नवयुवक-युवतियों का सामूहिक विवाह कराया जाएगा. यह आयोजन कीनाराम स्थल के की-कुण्ड परिसर में सम्पन्न होगा, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु भी उपस्थित रहते हैं.सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसतासंस्थान द्वारा आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और सेवा भाव का प्रतीक माना जाता है. संस्था लंबे समय से चिकित्सा, शिक्षा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करती आ रही है, और इसी कड़ी में यह आयोजन जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आता है. प्रमुख व्यवस्थापक अरुण सिंह और कार्यक्रम संयोजिका रूबी सिंह ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सभी जोड़ों का विवाह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूरे विधि-विधान से कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत पूर्वाह्न 11 बजे से हल्दी की रस्म के साथ होगी, जो दोपहर 1 बजे तक चलेगी. इसके बाद रात्रि 8 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार प्रारंभ होंगे, जो मध्यरात्रि तक सम्पन्न होंगे. विवाह के उपरांत सभी नवविवाहित जोड़ों और उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है.Also Read: काशी विश्‍वनाथ मंदिर में मंगला आरती की तत्‍काल बुकिंग, वेबसाइट पर शो होगा विकल्‍पइस अवसर पर पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम का आशीर्वाद नवदंपतियों को प्राप्त होगा, जो उनके वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए विशेष महत्व रखता है. आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. संस्था के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों द्वारा व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि समाज में सहयोग, सेवा और एकजुटता का संदेश भी देगा.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में मंगला आरती की तत्‍काल बुकिंग, वेबसाइट पर शो होगा विकल्‍प
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में मंगला आरती की तत्‍काल बुकिंग, वेबसाइट पर शो होगा विकल्‍प
Like the railways, the Kashi Vishwanath Temple will now offer instant booking for Mangala Aarti; the option will be displayed on the website.वाराणसी: रलेवे की तरह अब काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की भी तत्काल टिकट बुकिंग होगी. तत्काल में मंगला आरती के 100 टिकट मिलेंगे. हर दिन सुबह 11 बजे से अगले दिन की मंगला आरती के तत्काल टिकट की बुकिंग होगी. तत्काल टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट कर दी गई है. अब वेबसाइट खोलने पर रेलवे बुकिंग की तरह ही तत्काल बुकिंग का भी विकल्प दिखेगा. भक्तों को जनरल और तत्काल दोनों टिकटों के लिए 500 रुपये का ही भुगतान करना होगा.जनरल और तत्काल मंगला आरती में बुकिंगजनरल और तत्काल मंगला आरती में इंट्री और सीटिंग का फर्क होगा. मंगला आरती के जनरल टिकट अगले 30 दिनों तक के किए जा सकेंगे. वहीं तत्काल मंगला आरती के लिए बुकिंग अगले दिन के लिए सुबह 11 बजे से शुरू होगी.Also Read: पूर्वांचल समेत वाराणसी में बदला मौसम का मिजाज, भयंकर बारिश के साथ गिरे ओलेजनरल मंगला आरती वाले भक्तों को प्रवेश गेट नंबर एक (ढुंढिराज राज गणेश) से दिया जाएगा जबकि बैठने की व्यवस्था दक्षिण एलईडी की तरफ होगी. जबकि तत्काल बुकिंग वाले श्रद्धालुओं का प्रवेश गेट नंबर 4बी से होगा और बैठने की व्यवस्था उत्तर एलईडी की तरफ की जाती है. इस पहल से श्रद्धालुओं को सुविधा होगी और भीड से भी राहत मिलेगी.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U
पूर्वांचल समेत वाराणसी में बदला मौसम का मिजाज, भयंकर बारिश के साथ गिरे ओले
पूर्वांचल समेत वाराणसी में बदला मौसम का मिजाज, भयंकर बारिश के साथ गिरे ओले
Weather changes in Purvanchal and Varanasi, heavy rain and hailstorms occurवाराणसी: पूर्वांचल स‍ह‍ित वाराणसी में मौसम का मिजाज अनुमानों के अनुसार ही बुधवार की दोपहर में बदल गया. वातावरण में गर्मी से राहत मिलने के साथ ठंडी हवाओं का असर भी घुल गया. माना जा रहा है क‍ि अब आने वाले द‍िनों में तापमान में इजाफा होने पर लोकल हीट‍िंंग की स्‍थ‍ित‍ि बादलों की सक्र‍ियता कराती रहेगी. बादलों ने बार‍िश का दौर शुरू कराया तो तेज हवाओं ने आम के टि‍कोरों पर सबसे पहले हमला क‍िया. जबक‍ि इसी के साथ ही ओलावृष्‍टि‍ का दौर भी शुरू हो गया. दोपहर में आसमान में बादल इतने घने थे क‍ि रात का अहसास भरी दोपहर में ही नजर आने लगा.वाराणसी में गर्म हवाओं का दौर वाराणसी में दोपहर दो बजे तक तो गर्म हवाओं का दौर बना रहा और द‍िन चढ़ने पर ढाई बजे के बाद बादलों की सक्र‍ियता का दौर शुरू हो गया. माना जा रहा है क‍ि आने वाले द‍िनों में भी इसी प्रकार के मौसम का रुख रह सकता है. वहीं दोपहर में बूंदाबांदी और तेज हवाओं का दौर रहा तो गरज चमक के साथ ओले भी ग‍िरे. अचानक मौसम का रुख बदला हुआ देखकर लोगों के बीच फसलों की सुरक्षा को लेकर चि‍ंता का माहौल भी बना रहा. आर्द्रता में इजाफा होने का असर बादलों की सक्र‍ियता के रूप में साफ नजर आ रहा है. आंधी इतनी तेज थी कि‍ कई जगहों पर पेड़ ग‍िरे तो कहीं ब‍िजली के तार टूट गए. कई जगह होर्डिंग गिर गई. कई बैनर और पेड उखड गए.Also Read: युवा कारोबारी हत्‍याकांड में चार आरोपी गए जेल, फरार अन्‍य पर 25-25 हजार का इनामबूंदाबांदी और तेज हवाओं का दौरमौसम व‍िभाग ने हालांक‍ि पूर्व में ही बादलों की सक्र‍ियता और बूंंदाबांदी के दौर का अनुमान जताया था. उसी अनुरूप मौसम भी बदलता हुआ नजर आ रहा था. सुबह जहां धूप और गर्मी का असर रहा तो वहीं दोपहर बाद बादलों की सक्र‍ियता के साथ ही बूंदाबांदी और तेज हवाओं का दौर लोगों को चुनौती भी देता नजर आया. आगे भी मौसम व‍िभाग ने बादलों की सक्र‍ियता और बार‍िश का अनुमान जताया है. माना जा रहा है क‍ि लोकल फैक्‍टर आगे ऐसे की काम करता रहा तो मानसून की सक्र‍ियता भी जल्‍द हो सकती है. बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 38.8°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 1.6 ड‍िग्री कम रहा. न्‍यूनतम तापमान 26.3°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 2.4 ड‍िग्री अध‍िक रहा.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U