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शंकराचार्य को अतीक अहमद जैसा अंजाम देने की धमकी, वॉइस मैसेज से मचा हड़कंप

शंकराचार्य को अतीक अहमद जैसा अंजाम देने की धमकी, वॉइस मैसेज से मचा हड़कंप
Apr 09, 2026, 06:52 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जान से मारने की धमकी दी गई है. उनके मीडिया प्रभारी संजय पांडेय के अनुसार ज्योतिर्मठ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट व वॉयस मैसेज भेजकर उनको धमकी दी गई है. इस मामले में विधिक कार्रवाई के लिए वकीलों से विमर्श किया जा रहा है. मीडिया प्रभारी के अनुसार, ज्योतिर्मठ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर बीते एक अप्रैल को सुबह 10:25 से 10:35 तक लगातार धमकी भरे टेक्स्ट मैसेज आए. जिस मोबाइल नंबर से मैसेज आ रहा था उसे ब्लॉक कर दिया गया तो वॉयस मेल में ऑडियो संदेश छह अप्रैल को 1:55 बजे और 1:57 बजे आया.


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अविमुक्तेश्वरानंद के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग


इस ऑडियों मैसेज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें माफिया अतीक अहमद की तरह जान से मारने की धमकी दी गई है. संजय पांडेय का कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भारत में गो रक्षा के लिए गो माता-राष्ट्रामाता अभियान चला रहे हैं. इस आंदोलन का उद्देश्य भारत में गो हत्या बंद कराना है.


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अविमुक्तेश्वरानंद को जान से मारने की धमकी


इसी सिलसिले में तीन मई से उत्तर प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में उनकी गविष्ठी यात्रा होना तय माना जा रहा है. इसी यात्रा के दौरान वह लोगों से गो रक्षा के लिए आवाज उठाने से लेकर हर विधानसभा में रामा गौ धाम के निर्माण के लिए प्रेरित भी करेंगे. इसी बात से नाराज सनातन धर्म विरोधियों में आक्रोश है, जिसके चलते उन्हें जान से मारने की लगातार धमकियां दी जा रही है.


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बता दें, गविष्ठी यात्रा संयोजक स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो संदेश के माध्यम से पूरी घटना की जानकारी दी है. संदेश में यह भी कहा गया कि उनकी यात्रा के दौरान ही उन्हें निशाना बनाया जा सकता है. “अतीक अहमद जैसा हाल” करने की बात दोहराई गई. इस तरह के अभद्र और धमकी भरे संदेश लगातार भेजे जा रहे हैं, जिससे संत समाज में चिंता का माहौल है.

इटावा के केदारेश्वर मंदिर की काशी में भव्य शोभायात्रा, विशाल शिवलिंग की झांकी ने खींचा ध्यान
इटावा के केदारेश्वर मंदिर की काशी में भव्य शोभायात्रा, विशाल शिवलिंग की झांकी ने खींचा ध्यान
वाराणसी : इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर की शोभायात्रा आज वाराणसी में निकाली गई. इस यात्रा में मंदिर के भव्य स्वरूप और विशाल शिवलिंग की प्रतिकृति झांकी के तौर पर प्रदर्शित की गई थी.शोभायात्रा में सिकरौल से चलकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची. शोभायात्रा में शामिल महिलाओं व भक्तों ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी का जलाभिषेक किया. यात्रा के प्रारम्भ में भोजूबीर टैगोर कॉलोनी के गेट पर मंदिर की भव्य आरती की गई.ALSO READ : सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेकजिसमें चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी, पूर्व प्रत्याशी शिवपुर विधानसभा आनंद मोहन गुड्डू यादव, यात्रा के संयोजक शुभम यादव जिद्दी, राज यादव, मनोज यादव गोलू, शंभू नाथ सोनकर, जैकी चौहान, विशु गौड़, अरुण चौहान,सचिन सोनकर, सुजीत पाण्डेय ने शामिल होकर भगवान शिव को पुष्प अर्पित श्रद्धापूर्वक नमन किया.
सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
वाराणसी : सावन मास के पावन अवसर पर लंका थाना अंतर्गत छित्तूपुर ग्राम सभा से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भव्य शोभायात्रा निकाली. प्रदेश सचिव, युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ केसरी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु शामिल हुए. ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु छित्तूपुर से सीर गोवर्धन होते हुए शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे.शोभायात्रा के दौरान भगवान शंकर और माता पार्वती की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही. डीजे की धुन पर शंकर-पार्वती के स्वरूप में कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया. पूरे रास्ते श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा. कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि सावन का महीना आस्था और भक्ति का पर्व है. ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश जाता है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की शुभकामनाएं दीं.रोहनिया विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा कि शूलटांकेश्वर महादेव में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है. उन्होंने आयोजन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार जताया.प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ केसरी ने कहा कि सावन के पावन अवसर पर यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना और आपसी सौहार्द को मजबूत करना है.ALSO READ : वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍ियाशोभायात्रा में महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, रोहनिया विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह पटेल, अवधेश पटेल, अभिषेक पटेल, विश्वजीत पटेल, आशीष पटेल, नितेश पटेल, महेश सिंह केशव केसरी आनंद केसरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शूलटंकेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की.
वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍िया
वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍िया
वाराणसी : सावन के अंतिम सोमवार को श्रृंगार गौरी में जलाभिषेक की मांग को लेकर शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला. इस जुलूस के गोदौलिया पहुंचते ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया. शिव सैनिक श्रीकाशी विश्वनाथ, श्रृंगार गौरी और ज्ञानवापी स्थित आदिविश्वेश्वर शिवलिंग पर जलाभिषेक की मांग कर रहे थे. शिव सेना के राज्य उप प्रमुख अजय चौबे ने कहा कि सावन भर मुस्लिम पक्ष को ज्ञानवापी में नमाज से रोकने की हिंदू पक्ष की मांग पर कोई रोक नहीं लगी, इसलिए शिव सैनिकों को भी जलाभिषेक की अनुमति दी जाए.अजय चौबे ने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानवापी हिंदू पक्ष को नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. जिद पर अड़े शिवसैनिकों को दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी डॉ अतुल अंजान त्रिपाठी ने गोदौलिया चौराहे से हिरासत में लेकर थाने भेजा. बाद में सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया. इस दौरान भवानी सेना की महिलाएं भी मौजूद रहीं.ALSO READ : मंडलीय चिकित्सालय में करोड़ो की एक्सरे मशीन बैटरी के अभाव में बंद, मरीजों को परेशानीपुलिस की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन इस मामले में सख्त है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगा. ज्ञात हो कि ज्ञानवापी मस्जिद और उसके आसपास का क्षेत्र लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है. हिंदू पक्ष का दावा है कि यह स्थल पहले एक मंदिर था, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह एक मस्जिद है. सावन के महीने में जलाभिषेक की परंपरा को लेकर शिव सैनिकों का यह आंदोलन एक बार फिर से इस विवाद को ताजा कर सकता है. अजय चौबे ने कहा कि जब तक हिंदू पक्ष को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.