काशी में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् का भव्य अभिनन्दन समारोह, हरिवंश पुराण कार्यशाला और महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति

वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के योगसाधना भवन में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् की ओर से हरिवंश पुराण कार्यशाला, महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति और भव्य अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सनातन धर्म, वैदिक परम्परा, शास्त्रीय ज्ञान और भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन को लेकर विद्वानों एवं संतों ने अपने विचार रखे।
दोपहर 12:15 बजे हरिवंश पुराण कार्यशाला का विशेष सत्र आयोजित हुआ, वहीं वेद विभाग की ओर से संचालित महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति भी संपन्न हुई। इसके बाद अपराह्न 2:30 बजे अभिनन्दन समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष, धर्माचार्य प्रकोष्ठ, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा एवं महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख, अखिल भारतीय सन्त समिति, श्रीमहन्त वेदाचार्य पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री का अभिनन्दन किया गया। सम्मान के बाद स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में परिषद् की ओर से मिला सम्मान उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि संत परम्परा और सनातन धर्म की सेवा में लगे लोगों का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् को शास्त्रीय एवं धर्मसम्मत पद्धति से धार्मिक आयोजनों के संचालन और व्यवस्थापन के लिए सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्कृत विश्वविद्यालय बनाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की कार्यदक्षता की सराहना की।
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परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष पं. कमलाकान्त त्रिपाठी ने स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री के अभिनन्दन-पत्र का वाचन किया। वहीं कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा का अभिनन्दन-पत्र प्रो. धर्मदत्त चतुर्वेदी ने पढ़ा। कुलपति ने कहा कि परिषद् की ओर से मिला सम्मान विश्वविद्यालय के विकास और उत्कर्ष के लिए और अधिक प्रेरणा एवं शक्ति प्रदान करेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद् के अध्यक्ष पं. छोटेलाल त्रिपाठी ने की। उन्होंने परिषद् के उद्देश्यों और भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद् सनातन धर्म, वैदिक परम्परा, शास्त्रीय ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण-संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
परिषद् की स्थापना की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास के मुख्य न्यासी डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय ने कहा कि परिषद् का उद्देश्य काशी की अन्य विद्वत् एवं धर्मपरिषदों से प्रतिस्पर्धा करना नहीं, बल्कि उनकी पूरक शक्ति के रूप में कार्य करना है। उन्होंने परिषद् के मूल ध्येय “गुरुकुल से गाँव तक, शास्त्र से समाधान तक” को रेखांकित किया।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर जैसे सीमांत क्षेत्रों में सूने पड़े मंदिरों में अर्चक प्रशिक्षण और नित्य पूजा की पुनर्स्थापना सहित धर्म एवं संस्कृति संरक्षण से जुड़े कार्यों को परिषद् के प्रमुख उद्देश्यों में बताया।
समारोह में अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा सहित काशी के अनेक विद्वानों, आचार्यों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही। इस दौरान कई विद्वानों का पूजन, अभिनन्दन और सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन परिषद् के प्रवक्ता पं. विजय शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यालय मंत्री पं. दुर्गेश पाठक ने किया।
इस अवसर पर प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. रामप्रिय पाण्डेय, डॉ. उमंग नाथ शर्मा, प्रो. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग सहित शताधिक विद्वान एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।



