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शिक्षा संकाय में भव्य जन्माष्टमी समारोह, झांकियों में दिखी कृष्ण की बाल-लीला से गीता उपदेश तक की झलक

शिक्षा संकाय में भव्य जन्माष्टमी समारोह, झांकियों में दिखी कृष्ण की बाल-लीला से गीता उपदेश तक की झलक
Sep 04, 2026, 03:31 PM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान, भजन, श्लोक-पाठ, नृत्य, संगीत और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं दर्शन पर आधारित प्रस्तुतियों ने समारोह को विशेष बना दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई विषय आधारित झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।


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समारोह का शुभारंभ शाम 4:45 बजे श्रीकृष्ण पूजन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने भजन, श्लोक-पाठ, एकल एवं सामूहिक नृत्य समेत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, व्यक्तित्व और लीलाओं को मंच पर जीवंत किया गया।


पूतना वध और गीता उपदेश ने मोहा मन

कार्यक्रम में पुतना वध की नाटकीय प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। विद्यार्थियों ने अभिनय और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से श्रीकृष्ण की बाल-लीला को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।


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वहीं गीता उपदेश और विश्वरूप दर्शन पर आधारित प्रस्तुतियों के जरिए कर्म, कर्तव्य, धर्म और आत्मबोध का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के दार्शनिक एवं आध्यात्मिक स्वरूप को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया.

शिक्षा संकाय के विभिन्न सदनों की ओर से तैयार की गई झांकियां समारोह का मुख्य आकर्षण रहीं। इनमें ‘श्रीकृष्ण लीला’, ‘कान्हा और वंशी का प्रथम मिलन’, ‘द्वारिकाधीश’, ‘उद्धव का हृदय परिवर्तन’, ‘गीता उपदेश’ और ‘विश्वरूप दर्शन’ जैसे विषय शामिल रहे।


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झांकियों का क्रमवार प्रदर्शन और मूल्यांकन किया गया। निर्णायक मंडल ने विषय-वस्तु, रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण, मंच-सज्जा, अभिनय, भावाभिव्यक्ति और कलात्मकता समेत विभिन्न मानकों के आधार पर झांकियों का मूल्यांकन किया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सदनों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम के आयोजन में शिक्षा संकाय के छात्र सलाहकार डॉ. सोमू सिंह, प्रो. नागेन्द्र कुमार, डॉ. एच.के. माने, आर.एन. शर्मा, प्रो. मीनाक्षी सिंह, डॉ. प्रतीक चौरसिया, डॉ. अजीत राय, डॉ. विनीता, प्रो. रश्मि चौधरी, डॉ. श्रुति पाण्डेय, डॉ. प्रियंका और डॉ. छाया सोनी सहित शिक्षकगण एवं स्टाफ की सक्रिय सहभागिता रही।


कार्यक्रम के संचालन, मंच-सज्जा, रिपोर्ट लेखन, प्रबंधन और फोटोग्राफी समेत विभिन्न जिम्मेदारियां विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने संभालीं।

समारोह के बाद छात्रावास के कॉमन रूम में अंतःवासियों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा और पूजा के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। समारोह ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभा को भी मंच प्रदान किया।

बीएचयू में स्वरचित हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता, 20 प्रतिभागियों ने रचनाओं से हिंदी और काशी का किया गुणगान
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वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में चल रहे हिंदी माह-2026 के तहत शनिवार को विश्वविद्यालय के गैर-शिक्षण कार्मिकों के लिए स्वरचित हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। समिति कक्ष में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी मौलिक कविताओं के माध्यम से हिंदी, भारतवर्ष, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय, काशी और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की विशेषताओं का भावपूर्ण वर्णन किया।प्रतियोगिता में कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ करते हुए हिंदी भाषा के प्रति समर्पण और गौरव की भावना व्यक्त की। कविताओं में भारत की विविधता, काशी की सांस्कृतिक विरासत और महामना के योगदान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय को महामना के अभूतपूर्व प्रयासों का परिणाम बताते हुए इसे ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान रखने वाला संस्थान बताया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. वशिष्ठ अनूप, डॉ. संजीव सराफ और प्रो. उर्वशी गहलौत शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की कविताओं, प्रस्तुति और विषयवस्तु के आधार पर मूल्यांकन किया।कार्यक्रम के दौरान हिंदी अधिकारी डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी ने निर्णायक मंडल के सदस्यों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रमेश सिंह ने किया, जबकि अंशुमान पटेल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।ALSO READ : सुब्रतो कप में यूपी का दम दिखाएगी वाराणसी की टीमकार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक कुलसचिव विकास कुमार, रामजी त्रिपाठी, कीर्ति शंकर दुबे, रागिब हुसैन और रोहित आनंद का सहयोग रहा।
सुब्रतो कप में यूपी का दम दिखाएगी वाराणसी की टीम
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वाराणसी : मैदान वही होगा, मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर का और चुनौती देश-विदेश की टीमों से. ऐसे में वाराणसी के युवा फुटबॉलरों के पास अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मौका है. 65वें सुब्रतो कप इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट में विकास इंटर कॉलेज की अंडर-17 बालक टीम उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी. नई दिल्ली के अंबेडकर स्टेडियम में 15 सितंबर से शुरू होने वाली प्रतियोगिता के लिए टीम 13 सितंबर को रवाना होगी.प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए विकास इंटर कॉलेज की टीम ने जमकर पसीना बहाया है.शुक्रवार को 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शिविर में खिलाड़ियों को कोच रशीद अनवर ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान खिलाड़ियों की तकनीक, पासिंग, गोल करने की क्षमता, फिटनेस और मैच की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया.चिप शॉट से थ्रू पास तक पर जोरप्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों को मैच की छोटी-छोटी बारीकियों से रूबरू कराया गया. विपक्षी खिलाड़ी को चकमा देकर चिप शॉट कब और किस स्थिति में लगाना है, इसका विशेष अभ्यास कराया गया. इसके अलावा साइड पास और थ्रू पास के दौरान गेंद की गति, दिशा और समय का ध्यान रखने की तकनीक भी सिखाई गई.मैच के दौरान अगर मुकाबला बराबरी पर खत्म होता है तो पेनल्टी शूटआउट भी निर्णायक हो सकता है. इसे देखते हुए खिलाड़ियों को पेनल्टी शूट लेने की तकनीक के साथ मानसिक रूप से दबाव संभालने का भी अभ्यास कराया गया. टीम प्रबंधन ने संभावित पेनल्टी शूटआउट के लिए खिलाड़ियों की भूमिका और क्रम पर भी तैयारी की है.ALSO READ : पिता की नगरी में विराजेंगे पुत्र गजानन, सोमवार को स्थापित होगी लालबाग के राजा की प्रतिमूर्तिउत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने से टीम के खिलाड़ियों में खासा उत्साह है. 15 दिन के शिविर के दौरान खिलाड़ियों ने कठिन अभ्यास के साथ टीम गेम पर भी विशेष ध्यान दिया। अब टीम दिल्ली में अपने प्रदर्शन को लेकर तैयार है.विकास एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने कहा कि टीम ने प्रतियोगिता के लिए पूरी मेहनत की है. हमारा प्रयास है कि खिलाड़ी दिल्ली में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और उत्तर प्रदेश के साथ वाराणसी का नाम भी रोशन करें.
पिता की नगरी में विराजेंगे पुत्र गजानन, सोमवार को स्थापित होगी लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति
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वाराणसी : काशी में एक बार फिर महाराष्ट्र की गणेश भक्ति की झलक देखने को मिलेगी। श्रीकाशी मराठा गणेश उत्सव समिति की ओर से 18वां श्रीगणेश उत्सव सोमवार से ठठेरी बाजार स्थित शेरवाली कोठी में शुरू होगा। पांच दिवसीय उत्सव के पहले दिन मुंबई के सुप्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति को मराठी परंपरा के अनुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद स्थापित किया जाएगा। प्रतिमूर्ति रविवार को मुंबई से वाराणसी पहुंचेगी। आयोजन स्थल को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है।सोमवार को सुबह गणेश भगवान की स्थापना और पूजा-अर्चना के साथ उत्सव की शुरुआत होगी। सुबह और रात नौ बजे महाआरती होगी। शाम छह बजे सुप्रसिद्ध भजन गायिका पूजा पांड्या भजनों की प्रस्तुति देंगी। इसके बाद शाम सात बजे जय पांडेय अपने साथियों के साथ भजन प्रस्तुत करेंगे।15 सितंबर को सुबह महाआरती के बाद शाम पांच बजे फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और छह बजे 15 वर्ष तक के बच्चों की डांस प्रतियोगिता होगी। 16 सितंबर को शाम पांच बजे चित्रकला, छह बजे मेहंदी प्रतियोगिता और रात आठ बजे कौन बनेगा करोड़पति कार्यक्रम होगा। 17 सितंबर को शाम पांच बजे हल्दी-कुमकुम, छह बजे विजय वाल्मीकि ग्रुप की झांकी और शाम 7:30 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान समारोह आयोजित होगा।ALSO READ : तिब्बती चिकित्सा ग्लोबल वेलनेस इंडस्ट्री का बनेगी हिस्सा: राष्ट्रीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने जताई उम्मीद.18 सितंबर को सुबह नौ बजे महाआरती के बाद दोपहर 12 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। शोभायात्रा में महाराष्ट्र से आया 80 सदस्यीय दल विशेष प्रस्तुति देगा। समिति के अनुसार छह फीट ऊंची प्रतिमूर्ति मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से तैयार की गई है।समारोह के संचालन के लिए समिति में वरिष्ठ संरक्षक माणिक राव पाटिल, संरक्षक संतोष पाटिल व सुहास पाटिल, अध्यक्ष आनंद राव सूर्यवंशी, महामंत्री अन्ना मोरे, कोषाध्यक्ष हनुमान शिंदे, उपाध्यक्ष रवि सेठ, कार्यक्रम संयोजक चक्रवर्ती विजय नावड़ और मीडिया प्रभारी डॉ. कैलाश सिंह विकास समेत अन्य पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। समिति ने श्रद्धालुओं से पांच दिवसीय गणेश उत्सव में शामिल होने की अपील की है।