Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

शिक्षा की अलख जगाने वाले राजर्षि की स्मृति-स्थली की उपेक्षा, प्रतिमा तक पहुंचना मुश्किल ....

शिक्षा की अलख जगाने वाले राजर्षि की स्मृति-स्थली की उपेक्षा, प्रतिमा तक पहुंचना मुश्किल ....
Sep 04, 2026, 10:54 AM
|
Posted By gagan arora

वाराणसी : काशी में शिक्षा की अलख जगाने वाले राजर्षि उदय प्रताप सिंह जू देव की कमच्छा स्थित स्मृति-स्थली इन दिनों उपेक्षा की काल कोठरी बन गई है. सेंट्रल हिंदू स्कूल के निकट भिनगा अनाथालय परिसर में स्थापित राजर्षि की प्रतिमा तक पहुंचने के लिए न तो समुचित मार्ग है और न ही परिसर का अपेक्षित रखरखाव. विशाल भू-भाग झाड़ियों और जंगल से घिरा है. कई स्थानों पर जलभराव होने से प्रतिमा तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है. राजर्षि की जयंती पर शुक्रवार को प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे उदय प्रताप कॉलेज के प्राचीन छात्रों ने स्थल की बदहाल स्थिति देखी तो चिंता जताई.


प्राचीन छात्र संगठन ने मुख्यमंत्री से मांगा ‘राजर्षि स्मृति उद्यान’


प्राचीन छात्र संगठन ने इसे राजर्षि की स्मृति और उनके योगदान के प्रति उपेक्षा बताया. संगठन के अध्यक्ष डॉ. रामसुधार सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे क्षेत्र को ‘राजर्षि स्मृति उद्यान’ के रूप में विकसित करने की मांग की है. संगठन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राजर्षि उदय प्रताप सिंह जू देव का जन्म तीन सितंबर 1850 को हुआ था. उन्होंने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया. वर्ष 1909 में उनके प्रयासों से उदय प्रताप कॉलेज की स्थापना हुई, जिसने पूर्वांचल में शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ऐसे महापुरुष की स्मृति से जुड़े स्थल की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है.


पक्का मार्ग, सौंदर्यीकरण और जलभराव से मुक्ति की मांग


प्राचीन छात्र संगठन ने स्मृति-स्थल के समग्र विकास की मांग की है. इसमें राजर्षि की प्रतिमा का सौंदर्यीकरण, प्रतिमा तक पक्का मार्ग बनाने, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, परिसर में हरित क्षेत्र विकसित करने और राजर्षि के जीवन, शिक्षा व समाजसेवा से जुड़े तथ्यों को प्रदर्शित करने के लिए सूचना-पट्ट लगाने का सुझाव दिया गया है. इसके साथ ही नई पीढ़ी को राजर्षि के योगदान से परिचित कराने के लिए छोटी स्मृति दीर्घा विकसित करने की मांग भी की गई है.


ALSO READ: सामने घाट पुल पर महिला से चेन छिनैती, कुछ घंटों में पुलिस ने दो लुटेरों को दबोचा...


‘प्रतिमा नहीं, काशी की शिक्षा-संस्कार की जीवित स्मृति’


डॉ. रामसुधार सिंह ने मुख्यमंत्री से स्थल का निरीक्षण कराकर इसके विकास की कार्ययोजना तैयार कराने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि राजर्षि की प्रतिमा महज पत्थर की प्रतिमा नहीं, बल्कि काशी की शिक्षा, सेवा और संस्कार की जीवित स्मृति है. जिस महापुरुष ने शिक्षा का दीप जलाकर हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा दी, उनकी स्मृति-स्थली को उपेक्षित नहीं छोड़ा जाना चाहिए. स्थल को विकसित कर उसे गरिमापूर्ण स्वरूप देना ही राजर्षि के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

एमएलसी चुनाव: वाराणसी में मतगणना स्‍थल जाने से रोकने पर बीजेपी कार्यकर्ता धरने पर बैठे, पुलिस से नोकझोंक
एमएलसी चुनाव: वाराणसी में मतगणना स्‍थल जाने से रोकने पर बीजेपी कार्यकर्ता धरने पर बैठे, पुलिस से नोकझोंक
वाराणसी : स्‍नातक एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान बुधवार को पहाड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल के पश्चिमी गेट पर बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई. बताया जा रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ता पुलिस को हटाकर मतगणना स्थल के अंदर जाने की मांग कर रहे थे. रास्ते में रोके जाने पर उनकी पुलिसकर्मियों से कहासुनी हुई और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए. हालांकि, मौके पर स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है. मतगणना स्थल के दोनों गेटों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.जानकारी के मुताबिक, मतगणना के दौरान पहड़िया मंडी में कथित तौर पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के एजेंटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी. इसके बाद बीजेपी एक एजेंट बाहर आया और कार्यकर्ताओं को मतगणना स्थल के अंदर की जानकारी दी. इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता उग्र होकर नारेबाजी करने लगे और अंदर जाने की मांग करने लगे. गेट के समीप पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें गेट पर रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक और धक्‍कामुक्‍की हुई. इस दौरान पुलिस के बार बार समझाने पर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे.ALSO READ : वाराणसी में स्‍नातक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्‍याशी आशुतोष स‍ि‍न्‍हा चौथे चरण में 7195 मतों से आगेघटना के बाद मतगणना स्थल के पश्चिमी गेट सहित आगे और पीछे के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है. पुलिसकर्मी मतगणना स्थल पर प्रवेश करने वालों की जांच कर रहे हैं और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है. प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है. बता दें कि स्‍नातक सीट पर सपा के प्रत्‍याशी आगे चल रहे हैं. मतगणना के दौरान दोनों प्रमुख दलों के समर्थकों की नजर परिणामों पर टिकी हुई है. बढ़त को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज है. मतगणना स्थल पर किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल सतर्क है. फिलहाल पश्चिमी गेट पर हुई नोकझोंक के बाद स्थिति सामान्य बनी हुई है और मतगणना की प्रक्रिया जारी है. गौरतलब है कि वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव निर्वाचित हो चुके हैं और अब स्नातक सीट पर मतगणना की प्रक्रिया जारी है. उम्मीद जताई जा रही है कि देर रात तक स्नातक सीट पर भी परिणाम घोषित हो सकते हैं.
वाराणसी में स्‍नातक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्‍याशी आशुतोष स‍ि‍न्‍हा चौथे चरण में 7195 मतों से आगे
वाराणसी में स्‍नातक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्‍याशी आशुतोष स‍ि‍न्‍हा चौथे चरण में 7195 मतों से आगे
वाराणसी : स्नातक एमएलसी चुनाव वाराणसी में चल रही मतगणना में सपा स्नातक एमएलसी प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के उम्‍मीवार पर बढ़त बनाई है. शि‍क्षक एमएलसी चुनाव देर रात सपा उम्‍मीदवार लाल ब‍िहारी यादव के जीतने के बाद से ही सपाइयों का जोश बढ़ा हुआ है. रात में अपने उम्‍मीदवार की जीत के बाद से ही सपाई मौके पर सक्र‍ियता के साथ जुटे हुए हैं. दोपहर में जारी र‍िपोर्ट के अनुसार स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा तीसरे चक्र की मतगणना में 4583 मतों से आगे रहे. तृतीय चक्र की काउंटिंग पूरी हुई तो आशुतोष सिन्हा को 5776 मत म‍िले, जबक‍ि कुल प्राप्त मतों की संख्या अब तक 16195 हो गई. वहीं केदार सिंह को तीसरे राउंड में 4414 मत मिले ज‍िससे कुल प्राप्त मतों की संख्या 11188 हो गई. चौथे राउंड की मतगणना पूरी होने पर सपा के आशुतोष सिन्हा को मिले 22599 मत मिले. वहीं केदार सिंह को 15404 मत प्राप्‍त हुए. आशुतोष सिन्हा 7195 मतों से आगे चल रहे हैं.ALSO READ : संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर मंथन, डिजिटल गुरुकुल और संस्कृत AI पर जोरपहड़‍िया स्‍थ‍ित मतगणना स्‍थल पर बंडल‍िंंग का काम पूरा होने के बाद काउंट‍िंंग शुरू की गई तो सपा उम्‍मीदवार आशुतोष स‍िन्‍हा ने दूसरे राउंड में अपनी बढ़त बनाते हुए करीब 2900 वोट से आशुतोष सिन्हा आगे हो गए. यह बढ़त आगे भी जारी रही. शिक्षक एमएलसी की जीत के बाद सपा खेमे में उत्साह और बढ़ गया था. पहड़िया मंडी के मुख्य द्वार के सामने सड़क के उस पर एक बाउंड्री वॉल में बनाए गए समाजवादी पार्टी के टेंट रूपी कैंप में मौजूद सपा कार्यकर्ता एक दिन पूर्व की अपेक्षा बुधवार को और उत्साहित दिखे. मानो उनका अनुमान जीत में बदल गया हो. वहीं सुबह स्नातक खण्ड के समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने बुधवार को प्रशासन पर गड़बड़ी कराने का आरोप लगाते हुए कहा क‍ि प्रशासन मतगणना में गड़बड़ी कर सकता है. दो राउंड की गिनती पूरी होने पर भी प्रशासन घोषणा नहीं कर रहा है और न ही इस संबंध में कुछ डिस्प्ले किया जा रहा है. कहा क‍ि चुनाव आयोग इस बात का तत्काल संज्ञान ले.
संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर मंथन, डिजिटल गुरुकुल और संस्कृत AI पर जोर
संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर मंथन, डिजिटल गुरुकुल और संस्कृत AI पर जोर
वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और भारतीय ज्ञान-परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने को लेकर सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत बैठक आयोजित की गई। इसमें डिजिटल गुरुकुल, संस्कृत AI, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और ज्ञानसेतु जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से संस्कृत शिक्षा को अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत विद्या विभाग के प्रो. डॉ. रविशंकर पांडेय ने की। बैठक में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस बात पर विचार किया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत साहित्य और प्राचीन ज्ञान को नई पीढ़ी तक कैसे पहुंचाया जाए। साथ ही, शिक्षा में डिजिटल संसाधनों के उपयोग और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।बैठक में प्राचीन संस्कृत पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण को महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं का कहना था कि डिजिटल माध्यमों की मदद से पुरानी ज्ञान-संपदा को सुरक्षित रखने के साथ उसे अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। वहीं, संस्कृत AI के जरिए संस्कृत भाषा के अध्ययन को आसान बनाने और विद्यार्थियों के लिए नए शैक्षिक अवसर विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और विभिन्न विषयों पर समूह बनाकर नवाचार से जुड़े विचार साझा किए। शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता के विकास को भी जरूरी बताया गया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग से नए विचारों को व्यावहारिक रूप देना तथा परंपरा और तकनीक के समन्वय से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना रहा।ALSO READ : वाराणसी में जीएम समेत शेफ तक पर एक करोड़ की धोखाधड़ी में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस जांच में जुटी...कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन शिवानन्द मिश्र ने किया। इस अवसर पर डॉ. बालेश्वर झा, डॉ. सूर्यभान कुमार, डॉ. मुकेश जी मेहता, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. विशाखानंद बंसोड़ सहित अन्य शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।