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ज्ञानवापी प्रकरण: पुनरीक्षण याचिका पर बहस पूरी, 23 सितंबर को आएगा आदेश

ज्ञानवापी प्रकरण: पुनरीक्षण याचिका पर बहस पूरी, 23 सितंबर को आएगा आदेश
Sep 13, 2025, 12:11 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: ज्ञानवापी विवाद से जुड़ा 1991 का मुकदमा एक बार फिर सुर्खियों में है. इस मामले में दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर शुक्रवार को अपर जिला जज (चतुर्दश) सुधाकर राय की अदालत में सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. अब इस पर फैसला 23 सितंबर को सुनाया जाएगा.


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क्या है विवाद ?


1991 में हिंदू पक्ष ने मुकदमा दाखिल कर ज्ञानवापी परिसर में नए मंदिर के निर्माण और पूजा-पाठ की अनुमति मांगी थी. इसी मामले में लोहता निवासी मुख्तार अहमद अंसारी ने खुद को पक्षकार बनाए जाने की याचिका दाखिल की थी.


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निचली अदालत का फैसला


इस साल 2 मई को सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने मुख्तार अहमद अंसारी की याचिका को खारिज कर दिया था. इसके खिलाफ ही अब पुनरीक्षण याचिका दायर की गई है.


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अदालत में क्या हुआ ?


सुनवाई के दौरान वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की कई रूलिंग्स अदालत में पेश कीं. इससे पहले वादी पक्ष की ओर से भी अहम नज़ीर दाखिल की जा चुकी थी. बहस के बाद अदालत ने कहा कि आदेश 23 सितंबर को सुनाया जाएगा.


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क्यों है अहम यह आदेश ?


ज्ञानवापी परिसर का विवाद देशभर में संवेदनशील माना जाता है. अदालत का आने वाला फैसला मुकदमे की दिशा तय करेगा और दोनों पक्षों के लिए अहम साबित हो सकता है.

बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए
वाराणसी : जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री की सर्वोच्च विकास प्राथमिकता वाले कार्यक्रम के साथ अन्य समस्त योजनाओं की विभागवार/सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्राप्तांक एवं ग्रेडिंग के आधार पर विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई. जिसमें जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्यपूर्ति एवं विकास परियोजनाओं के भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए कहा कि अपेक्षित रैंकिंग हासिल करने के लिए सभी अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए.समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सीएम डैशबोर्ड की प्रगति रिपोर्ट में खराब श्रेणी प्रदर्शित करने वाले इंडिकेटर में रहने वाले विभाग व कार्यों से संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि कार्यों/योजनाओं में गुणात्मक प्रगति लाते हुए बेहतर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करें. उन्होंने कहा कि कार्याे के संचालन एवं क्रियान्वयन में लापरवाही के कारण सीएम डैश-बोर्ड पर खराब रैकिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी, सभी संबंधित अधिकारी इसका ध्यान रखें. जिलाधिकारी ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति में जिला समाज कल्याण अधिकारी को कॉलेज/स्कूलों के प्रधानाचार्य से समन्वय स्थापित कर मामलों के निस्तारण कराने का निर्देश दिया. उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को कम प्रगति वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों की प्रगति संतोषजनक नहीं है उनके प्रधानाचार्यों का वेतन बाधित किया जाएगा.आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारी इसकी प्रॉपर मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस/जनसुनवाई पोर्टल के शिकायतकर्ता के प्रकरणों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है. उन्‍होंने नई सड़कों का निर्माण/चौड़ीकरण एवम सुदृढ़ीकरण और सड़को का अनुरक्षण में आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति लाने के लोक निर्माण विभाग-प्रान्तीय खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए. इसके अलावा उन्होंने जननी सुरक्षा योजना, जल जीवन मिशन (ग्रामीण), फ़ैमिली आईडी, पोषण अभियान, पर ड्राप मोर क्रॉप, ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की स्थिति, सीएमआईएस आदि में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए.उन्होंने विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्माण कार्यो में प्रगति एवं गुणवत्ता की समीक्षा के साथ-साथ भौतिक प्रगति एवं वित्तीय प्रगति की आकड़ेवार समीक्षा की. पर्यटन विभाग के कार्यों की प्रगति, स्वच्छ भारत मिशन, महिला एवं बाल विकास के योजनाओं की प्रगति सहित अन्य विकास एवं निर्माण कार्याे की विस्तृत समीक्षा करते हुए सम्बंधित विभागीय अधिकारियो को निर्देशित किया.ALSO READ : अजय राय ने बोरी वाले सीवर लाइन का किया निरीक्षण, सत्‍ता पक्ष पर किए तीखे सवालजिलाधिकारी ने विभागों द्वारा संचालित लाभार्थीपरक योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय अधिकारीगण प्रत्येक दशा में योजनाओं के संचालन में समयबद्धता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें, आम जनमानस की शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया जाए. उन्होंने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस बात का विशेष ध्यान दिया जाये कि विभागीय योजनाओं के आच्छादन सहित लाभार्थीपरक योजनाओं को लक्ष्य के सापेक्ष ससमय पूर्ण कर लिया जाये, किसी भी प्रकार से लम्बित मामलों को अविलम्ब निस्तारित करा दिया जाए.
अजय राय ने बोरी वाले सीवर लाइन का किया निरीक्षण, सत्‍ता पक्ष पर किए तीखे सवाल
अजय राय ने बोरी वाले सीवर लाइन का किया निरीक्षण, सत्‍ता पक्ष पर किए तीखे सवाल
वाराणसी : शहर के वार्ड नंबर 75 (अग्रवाल रेडियो चौराहा, शिवाला) में चोक हुई सीवर लाइन की जमीनी हकीकत उजागर करने के लिए आज यानी सोमवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. उनके साथ बडी संख्‍या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.वहां पहुंचकर अजय राय ने स्वयं रंभा लेकर कार्यकर्ताओं के साथ मेनहोल का ढक्कन खुलवाया और सीवर लाइन की विस्तृत जांच की.भाजपा द्वारा सीवर से बालू भरी बोरी निकालने के दावे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब पूरे क्षेत्र में 'त्रिनेत्र कमांड सेंटर' के सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, तो प्रशासन आखिर उनकी फुटेज बाहर क्यों नहीं ला रहा है. सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक होने से यह बात तुरंत साफ हो जाएगी कि वहां बोरी किसने और कब डाली थी. अजय राय ने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा अपनी प्रशासनिक नाकामी को छुपाने के लिए किया गया एक रचा हुआ कृत्य है. काशी की जनता बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है और भाजपा सरकार झूठी कहानियां गढ़कर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का काम कर रही है, जिसका कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर विरोध करेगी.यदि सच्चाई सामने नहीं आई, तो हम प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय का घेराव करेंगे और जवाब मांगेंगे." उन्होंने कहा कि जलकल विभाग की ओर से तहरीर दिए जाने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. न तो दोषियों की पहचान हुई है और न ही इस मामले की सच्चाई जनता के सामने आई है. सवाल उठाया कि "सरकार किस बात का इंतजार कर रही है. यदि वास्तव में जीरो टॉलरेंस की नीति है, तो नौ दिन बाद भी दोषियों को क्यों नहीं पकड़ा गया." उन्होंने यह भी कहा कि घटना स्थल पर स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनकी फुटेज चेक कर यह पता लगाया जा सकता है कि बोरा कौन लेकर आया और सीवर में किसने डाला.उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह काशी की जनता को भ्रमित कर रही है. "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी काशी आते हैं, तो विकास कार्यों की घोषणाएं होती हैं, लेकिन काशी की जनता आज भी सीवर, जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं से जूझ रही है." उन्होंने कहा कि "इतने वर्षों में हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद आम काशीवासी अपनी बुनियादी समस्याओं से कब मुक्त होगा."ALSO READ : BHU के ऑर्थोपेडिक डॉक्टरों ने पोस्टग्रेजुएट क्विज में जीता सिल्वर मेडलइस दौरान सतनाम सिंह, अरुण सोनी, वकील अंसारी, चंचल शर्मा, प्रवीण प्रकाश, सुनील श्रीवास्तव, संतोष चौरसिया, मिथुन सरदार, प्रमोद वर्मा, गोपाल चौबे, सदानंद तिवारी, अफसर खान, आकाश त्रिपाठी, सैय्यद महफूज अली, श्याम विश्वकर्मा, राजेंद्र गुप्ता, इमाम रजा, प्रेमदत्त तिवारी, गुरु प्रसाद यादव, इम्तियाज अहमद और शशि सोनकर समेत अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे.