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काशी में गरमाई सियासत: सपा जनों ने डिवाइडर से मिटाए मंदिर और शिवालय के चित्र

काशी में गरमाई सियासत: सपा जनों ने डिवाइडर से मिटाए मंदिर और शिवालय के चित्र
Sep 13, 2025, 11:47 AM
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Posted By Gaandiv



वाराणसी: मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के हालिया काशी दौरे के बाद वाराणसी की सड़कों पर एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है. पीएम के स्वागत के लिए जिस शहर को "दुल्हन" की तरह सजाया गया था, वही सजावट अब राजनीतिक तूफान का कारण बन गई है.

दरअसल, प्रधानमंत्री के तीन दिवसीय प्रवास के दौरान लहुराबीर से मैदागिन मार्ग तक सड़क डिवाइडरों पर काशी के प्राचीन मंदिरों और शिवालयों की आकृतियां व चित्रकारी की गई थी. काशी आने वाले विदेशी मेहमानों को भारतीय संस्कृति की झलक दिखाने का यह विशेष प्रयास प्रशासन की ओर से किया गया था. वहीं पीएम के काशी से रवाना होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव किशन दीक्षित ने शनिवार को इन चित्रों को पेंट कर मिटा दिया.


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"आस्था का अपमान था, इसलिए हटाया"


किशन दीक्षित, जो शहर दक्षिणी विधानसभा से सपा के पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं, ने इस कार्रवाई को आस्था की रक्षा से जोड़ा. उनका कहना है कि "डिवाइडरों पर बने मंदिर और शिवालय के चित्र धूल-मिट्टी, वाहनों के धुएं, पान की पीक और पशुओं के मल-मूत्र से अपमानित हो रहे थे. यह सनातन धर्म की गरिमा पर चोट थी. सड़क के डिवाइडरों पर मंदिरों की चित्रकारी करना सरासर गलत है."


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भाजपा पर भी बोला सीधा हमला


"सनातन धर्म किसी पार्टी की जागीर नहीं है. यह अनादि काल से हमारी आस्था है. भाजपा खुद को धर्मरक्षक कहती है, लेकिन उसी के शासन में काशी की आस्था को सड़कों पर अपमानित किया जा रहा है. क्या भाजपा नेताओं को यह अपमान दिखाई नहीं देता, या वे सबकुछ सिर्फ 'चुनावी चश्मे' से ही देखते हैं ?


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भाजपा-सपा आमने-सामने


सपा नेता के इस कदम ने वाराणसी में राजनीति को गरमा दिया है. एक तरफ कई लोग इसे आस्था की रक्षा की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोधी इसे "नाटक" और "अनावश्यक विवाद" करार दे रहे हैं.

स्थानीय भाजपा समर्थकों का कहना है कि यह कदम महज सस्ती लोकप्रियता पाने और सुर्खियों में आने की कोशिश है. वहीं, सपा कार्यकर्ता इसे भाजपा की नाकामी उजागर करने वाला कदम मान रहे हैं.


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साथ रहे कई सपा कार्यकर्ता


इस विरोध में किशन दीक्षित के साथ सपा नेता राहुल गुप्ता, अशोक यादव, राहुल यादव, पंकज जायसवाल, रोहित यादव, शुभम सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे. उन्होंने एक सुर में कहा कि सड़कों पर बने धार्मिक चित्र आस्था का नहीं बल्कि उसका अपमान है.


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सियासत में नई बहस


इस पूरे घटनाक्रम ने काशी में सियासत की नई बहस छेड़ दी है. सवाल यह उठ रहा है कि धार्मिक आस्था का सम्मान दिखाने के नाम पर बनाई गई चित्रकारी वास्तव में आस्था की रक्षा थी या अपमान का कारण ? क्या इस तरह की सजावट सिर्फ विदेशी मेहमानों को दिखाने के लिए ही की जाती है ? मॉरीशस पीएम की यात्रा के बाद काशी की सड़कों पर जो खूबसूरती रची गई थी, वही अब सियासी संग्राम का कारण बन चुकी है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सपा और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी तय मानी जा रही है.


33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.