ट्रिपल मर्डर करने वाले साइको किलर का एनकाउंटर, इस बीमारी से ग्रसित था 'हत्यारा'

Encounter of the psycho killer who committed the murder, the 'killer' was suffering from this disease.
चंदौली: जिले में 24 घंटे में चलती ट्रेन सहित अस्पताल में तीन हत्याओं को अंजाम देने वाले साइको किलर को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया. देर रात दरियापुर में सीन रीक्रिएशन के दौरान वह पुलिस की पिस्टल छीनकर भाग रहा था. आरोपी के सीने और पेट में दो गोलियां लगी हैं. इस दौरान एसआई और जीआरपी सिपाही घायल हुए हैं. डीआईजी वाराणसी रेंज वाराणसी वैभव कृष्ण के मुताबिक, अमृतसर के रहने वाले गुरप्रीत सिंह ने पहली वारदात रविवार सुबह 6.45 पर पैसेंजर ट्रेन में अंजाम दी थी. जिसमें आरोपी ने ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में चढ़कर गाजीपुर के रहने वाले 34 साल के मंगरू की हत्या कर दी थी. इसके बाद वो 10 मई की रात 1:30 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस में सवार हुआ और बिहार के गया के दिनेश साहू पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी.

डबल बैरल बंदूक और कारतूस बरामद
इस घटना के बाद वो पैदल घूमता रहा, सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे मुगलसराय के जीवक अस्पताल पहुंचा. वहां डॉक्टर से इलाज कराने के लिए पर्ची बनवाई और उसके बाद वार्ड में घुस गया. वहां भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी के सिर पर रिवॉल्वर रखकर गोली चला दी. बिहार प्रांत के कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के बढ़ौना गांव की लक्ष्मीना देवी पैर के फ्रैक्चर का इलाज करा रही थी. वारदात के बाद भाग रहे आरोपी को वॉर्ड बॉय और बाकी लोगों ने पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया था. उसके पास से पुलिस ने लाइसेंसी रिवॉल्वर, डबल बैरल बंदूक और कारतूस बरामद किए थे.

सेना की नौकरी से निकाला गया
आरोपी ने तीन हत्याएं करने की बात कबूली थी. पूछताछ में सामने आया था कि गुरप्रीत सिंह ने 2021 में सेना की नौकरी छोड़ दी थी. 29 अप्रैल को नौकरी के लिए पंजाब से बिहार के आरा गया था. वहां शराब की लत के कारण उसे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से निकाल दिया था. वह 9 मई को ट्रेन से प्रयागराज गया और फिर चंदौली आ गया.
हत्या से पहले अस्पताल में कराई थी जांच
सोमवार की सुबह जीवक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचे आरोपी गुरप्रीत ने गार्ड को बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं हैं. उसे चिकित्सक को दिखाना है. काउंटर पर फीस जमा कर उसने पर्चा बनवाया. पर्चे में अपना नाम विजेंद्र निवासी अंबाला लिखवाया. वार्ड बॉय ने उसका बीपी और पल्स नापी. पर्चे पर बीपी 130/80 लिखा था, जो सामान्य बताया जाता है। पल्स रेट 109 लिखा था जो कि सामान्य से अधिक माना जाता है.

चिकित्सक ने उसको गैस के अलावा कुछ एंटीबायोटिक और ताकत की दवाएं लिखीं. चिकित्सक को दिखाने के बाद गुरप्रीत सीढ़ियों से ऊपर जाने लगा. वहां मौजूद लोगों ने रोकने का प्रयास किया तो उसने वार्ड में भर्ती बिहार की लक्ष्मीना (56) के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी. राजकीय महिला चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि यदि बीपी सामान्य हो और पल्स रेट 100 से अधिक हो तो इसे एंग्जायटी डिसऑर्डर कहा जाता है.
तीनों को सिर में मारी थी गोली
जिले में 24 घंटे में हुई तीनों हत्याओं में एक समानता रही. आरोपी ने तीनों के सिर में ही गोली मारी थी. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सिर में गोली मारने का सिर्फ एक मकसद था कि जिसको गोली लगे, उसकी मौत हो जाए.

सीन रीक्रिएशन के दौरान एसआई की पिस्टल छीन कर भागा था गुरप्रीत
24 घंटे में 3 लोगों की हत्या का आरोपी गुरप्रीत सिंह सोमवार की रात 11 बजे कुचमन रेलवे स्टेशन के पास हुई मुठभेड़ में मारा गया. एसआई सतीश सिंह और जीआरपी सिपाही मनोज यादव के पैर में गोली लगी, घायलों का इलाज चल रहा है. चंदौली एसपी आकाश पटेल ने बताया कि पूछताछ में गुरप्रीत ने 3 लोगों की हत्या की बात स्वीकारी. ट्रेन में हुई घटनाओं के सीन रीक्रिएशन के लिए पीडीडीयू जंक्शन ले जाया गया. जहां आरोपी द्वारा घटनाओं के संबंध में जानकारी दी गई.
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आरोपी को थाना सकलडीहा क्षेत्र में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां प्रथम घटना के मृतक का शव मिला था तथा जहां से आरोपी भागा था. रात करीब 11:00 बजे कुचमन रेलवे स्टेशन के पास गुरप्रीत ने जफरपुर चौकी इंचार्ज सतीश सिंह का पिस्तौल छीन ली. फायरिंग करते हुए भागने लगा. पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गुरप्रीत के सीने और पेट में दो गोलियां लगीं.




