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ट्रिपल मर्डर करने वाले साइको किलर का एनकाउंटर, इस बीमारी से ग्रसित था 'हत्‍यारा'

ट्रिपल मर्डर करने वाले साइको किलर का एनकाउंटर, इस बीमारी से ग्रसित था 'हत्‍यारा'
May 12, 2026, 07:18 AM
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Posted By Preeti Kumari

Encounter of the psycho killer who committed the murder, the 'killer' was suffering from this disease.


चंदौली: जिले में 24 घंटे में चलती ट्रेन सहित अस्‍पताल में तीन हत्याओं को अंजाम देने वाले साइको किलर को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया. देर रात दरियापुर में सीन रीक्रिएशन के दौरान वह पुलिस की पिस्टल छीनकर भाग रहा था. आरोपी के सीने और पेट में दो गोलियां लगी हैं. इस दौरान एसआई और जीआरपी सिपाही घायल हुए हैं. डीआईजी वाराणसी रेंज वाराणसी वैभव कृष्ण के मुताबिक, अमृतसर के रहने वाले गुरप्रीत सिंह ने पहली वारदात रविवार सुबह 6.45 पर पैसेंजर ट्रेन में अंजाम दी थी. जिसमें आरोपी ने ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में चढ़कर गाजीपुर के रहने वाले 34 साल के मंगरू की हत्या कर दी थी. इसके बाद वो 10 मई की रात 1:30 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस में सवार हुआ और बिहार के गया के दिनेश साहू पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी.


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डबल बैरल बंदूक और कारतूस बरामद


इस घटना के बाद वो पैदल घूमता रहा, सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे मुगलसराय के जीवक अस्पताल पहुंचा. वहां डॉक्टर से इलाज कराने के लिए पर्ची बनवाई और उसके बाद वार्ड में घुस गया. वहां भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी के सिर पर रिवॉल्वर रखकर गोली चला दी. बिहार प्रांत के कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के बढ़ौना गांव की लक्ष्मीना देवी पैर के फ्रैक्चर का इलाज करा रही थी. वारदात के बाद भाग रहे आरोपी को वॉर्ड बॉय और बाकी लोगों ने पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया था. उसके पास से पुलिस ने लाइसेंसी रिवॉल्वर, डबल बैरल बंदूक और कारतूस बरामद किए थे.


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सेना की नौकरी से निकाला गया


आरोपी ने तीन हत्याएं करने की बात कबूली थी. पूछताछ में सामने आया था कि गुरप्रीत सिंह ने 2021 में सेना की नौकरी छोड़ दी थी. 29 अप्रैल को नौकरी के लिए पंजाब से बिहार के आरा गया था. वहां शराब की लत के कारण उसे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से निकाल दिया था. वह 9 मई को ट्रेन से प्रयागराज गया और फिर चंदौली आ गया.


हत्या से पहले अस्पताल में कराई थी जांच


सोमवार की सुबह जीवक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचे आरोपी गुरप्रीत ने गार्ड को बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं हैं. उसे चिकित्सक को दिखाना है. काउंटर पर फीस जमा कर उसने पर्चा बनवाया. पर्चे में अपना नाम विजेंद्र निवासी अंबाला लिखवाया. वार्ड बॉय ने उसका बीपी और पल्स नापी. पर्चे पर बीपी 130/80 लिखा था, जो सामान्य बताया जाता है। पल्स रेट 109 लिखा था जो कि सामान्य से अधिक माना जाता है.


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चिकित्सक ने उसको गैस के अलावा कुछ एंटीबायोटिक और ताकत की दवाएं लिखीं. चिकित्सक को दिखाने के बाद गुरप्रीत सीढ़ियों से ऊपर जाने लगा. वहां मौजूद लोगों ने रोकने का प्रयास किया तो उसने वार्ड में भर्ती बिहार की लक्ष्मीना (56) के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी. राजकीय महिला चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि यदि बीपी सामान्य हो और पल्स रेट 100 से अधिक हो तो इसे एंग्जायटी डिसऑर्डर कहा जाता है.


तीनों को सिर में मारी थी गोली


जिले में 24 घंटे में हुई तीनों हत्याओं में एक समानता रही. आरोपी ने तीनों के सिर में ही गोली मारी थी. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सिर में गोली मारने का सिर्फ एक मकसद था कि जिसको गोली लगे, उसकी मौत हो जाए.


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सीन रीक्रिएशन के दौरान एसआई की पिस्टल छीन कर भागा था गुरप्रीत


24 घंटे में 3 लोगों की हत्या का आरोपी गुरप्रीत सिंह सोमवार की रात 11 बजे कुचमन रेलवे स्टेशन के पास हुई मुठभेड़ में मारा गया. एसआई सतीश सिंह और जीआरपी सिपाही मनोज यादव के पैर में गोली लगी, घायलों का इलाज चल रहा है. चंदौली एसपी आकाश पटेल ने बताया कि पूछताछ में गुरप्रीत ने 3 लोगों की हत्या की बात स्वीकारी. ट्रेन में हुई घटनाओं के सीन रीक्रिएशन के लिए पीडीडीयू जंक्शन ले जाया गया. जहां आरोपी द्वारा घटनाओं के संबंध में जानकारी दी गई.


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आरोपी को थाना सकलडीहा क्षेत्र में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां प्रथम घटना के मृतक का शव मिला था तथा जहां से आरोपी भागा था. रात करीब 11:00 बजे कुचमन रेलवे स्टेशन के पास गुरप्रीत ने जफरपुर चौकी इंचार्ज सतीश सिंह का पिस्तौल छीन ली. फायरिंग करते हुए भागने लगा. पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गुरप्रीत के सीने और पेट में दो गोलियां लगीं.


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तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
वाराणसी: स्थानीय तुलसी घाट पर मंगलवार को संकट मोचन फाउंडेशन और ‘मदर्स फॉर मदर’ के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस जागरूकता कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी करीब 50 महिलाओं ने भाग लिया.कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘मदर्स फॉर मदर’ की अध्यक्षा आभा मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाए तो संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी. उन्होंने महिलाओं से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक विशेष प्रश्नावली के माध्यम से अपने व्यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट का आकलन किया. विशेषज्ञों ने उन्हें ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के कम उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने जैसे उपायों की जानकारी दी. साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार कराई गई.ALSO READ:गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ‘मदर्स फॉर मदर’ संस्था तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. संस्था के प्रयासों से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बन रही हैं.इस अवसर पर अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, विकल्प दुबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता जताई.
 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.