आईआईटी बीएचयू में 'हेरिटेज पार्क' का लोकार्पण, तकनीकी विरासत से रूबरू होगी नई पीढ़ी..

वाराणसी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) के मुख्य कार्यशाला परिसर में विकसित 'हेरिटेज पार्क' का मंगलवार को निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने लोकार्पण किया. इस अवसर पर कुलसचिव सुमित बिस्वास, विभिन्न संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में अतिथि उपस्थित रहे.
मुख्य कार्यशाला द्वारा विकसित इस हेरिटेज पार्क का उद्देश्य संस्थान की ऐतिहासिक मशीनों, उपकरणों और सहायक यंत्रों का संरक्षण एवं प्रदर्शन करना है. वर्षों से सुरक्षित रखी गई तकनीकी धरोहर अब विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आगंतुकों को इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण तकनीक के विकासक्रम को समझने का अवसर प्रदान करेगी.
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि तकनीकी विरासत का संरक्षण भावी पीढ़ियों को इंजीनियरिंग के इतिहास और उसके विकास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने मुख्य कार्यशाला की इस पहल की सराहना करते हुए इसे संस्थान की गौरवशाली परंपरा और ज्ञान संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया.
ALSO READ:काशी की गंगा लहरों पर गूंज रही कजरी की मिठास, पद्मश्री मालिनी अवस्थी क्रूज पर दे रहीं संगीत की अनूठी पाठशाला
इसके बाद निदेशक और अन्य अतिथियों ने हेरिटेज पार्क का अवलोकन किया. इस दौरान प्रो. एम. ज़ेड. खान और डॉ. बसुदेब राजक ने पार्क में प्रदर्शित पुरातन मशीनों एवं उपकरणों के ऐतिहासिक महत्व, उनकी कार्यप्रणाली तथा शैक्षणिक उपयोगिता की जानकारी दी. उपस्थित अतिथियों ने इसे तकनीकी विरासत के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल बताया.
प्रो. एम. ज़ेड. खान और डॉ. बसुदेब राजक ने कहा कि हेरिटेज पार्क की स्थापना महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को समर्पित श्रद्धांजलि है. उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के समन्वय का महामना का सपना इस पहल के माध्यम से आगे बढ़ेगा तथा नई पीढ़ी को नवाचार और उत्कृष्टता के लिए प्रेरणा मिलेगी.



