किशोरी का अपहरण कर बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

वाराणसीः किशोरी का अपहरण कर बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया. दंपती समेत पांच आरोपियों को गोपालपुर गांव से गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में एक मथुरा और एक बुलंदशहर का रहने वाला है. पीड़िता ने बुलंदशहर से काल करके अपने चाचा से मदद मांगी थी जिसके बाद पूरा गिरोह पकड़ा गया. इस मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्मर मोहित अग्रवाल ने चौकी प्रभारी चिरईगांव महेश मिश्रा को निलंबित कर दिया.
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि बीते पांच जुलाई को एक व्यक्ति ने चौबेपुर थाना में मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस को बताया था कि उसकी 17 वर्षीय भतीजी का अपहरण कर और उसे एक लाख रुपये में बेचकर जबरन विवाह करा दिया गया. इस बीच किशोरी ने किसी तरह बुलंदशहर से अपने चाचा को फोन कर बताया कि कमौली निवासी शिवचंदी, उसकी पत्नी मैना देवी और बिचौलिया राहुल भारद्वाज ने उसका अपहरण किया था. राहुल मैना देवी को अपनी चाची बताकर किशोरी को अपने साथ ले गया था.
इसके बाद दो दिन तक उसने किशोरी को अपने पास रखा. किशोरी को कानपुर, अलीगढ़ और मथुरा होते हुए बुलंदशहर ले जाया गया, जहां 27 जून को मोहित से उसकी शादी करा दी गई. किशोरी को यह जानकारी नहीं थी कि उसे एक लाख रुपये में बेच दिया गया है. पुलिस ने
गोपालपुर कमौली निवासी शिवचंदी, उसकी पत्नी मैना देवी, राहुल भारद्वाज के साथ बुलंदशहर के खुर्जा कोतवाली देहात क्षेत्र के धराऊ निवासी मोहित तथा मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र के बदनपुर खंड मरकटी निवासी नेम सिंह को गिरफ्तार कर लिया. जिस युवक मोहित से किशोरी की शादी हुई थी उसे छोड़ने के लिए किशोरी ने पुलिस से गुहार लगाई. उसने कहा कि उसके पति ने उसके साथ गलत व्यवहार नहीं किया है, इसलिए उन्हें छोड़ दिया जाए. हालांकि, नाबालिग से विवाह, पाक्सो अधिनियम और अपहरण समेत अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे के चलते पुलिस ने राहत नहीं दी. वहीं इस मामले में लापरवही बरतने पर पुलिस कमिश्मर मोहित अग्रवाल ने चौकी प्रभारी चिरईगांव महेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. आरोप है कि प्रार्थना-पत्र मिलने के बाद भी चौकी प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही गुमशुदा की तलाश के लिए कोई ठोस प्रयास किया। पूरे मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ विदुष सक्सेना ने की. 11 जुलाई 2026 को सौंपी गई जांच में चौकी प्रभारी को दोषी पाया गया.
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आशंका है कि ये गिरफ्तार आरोपित पहले भी किशोरियों का अपहरण कर उन्हें बेचने जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं. जांच में सामने आया है कि बुलंदशहर के मोहित ने 50 हजार रुपये राहुल के खाते में भेजे थे, जबकि 50 हजार रुपये नकद शिवचंदी और मैना देवी को मिले थे.



