वाराणसी में सैकड़ों युवाओं को बनाया बंधक, नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर लाखों रुपये की उगाही...

वाराणसी : जिले के रोहनिया थाना क्षेत्र के औढे गांव में नौकरी के नाम पर युवाओं को झांसे में डालकर बंधक बनाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. एक तथाकथित नेटवर्किंग कंपनी में अच्छी नौकरी का लालच देकर बिहार और झारखंड के सुदूर इलाकों से आए करीब 225 युवक-युवतियों को एक तीन मंजिला मकान में कैद करके रखा जा रहा था. पुलिस की त्वरित कार्रवाई में मुक्त कराए गए इन पीड़ितों ने जो आपबीती सुनाई है, वह बेहद हैरान करने वाली है. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेने के साथ बंधक बनाए गए सभी को मुक्त कराया.

पुलिस द्वारा मुक्त कराए गए पीड़ित युवक-युवतियों ने बताया कि उन्हें रोहनिया के औढे स्थित एक तीन मंजिला भवन में जबरन बंधक बनाकर रखा गया था. उन्हें इस इमारत से बाहर निकलने या किसी बाहरी व्यक्ति से बात करने की कतई इजाजत नहीं थी. सभी के रहने और खाने-पीने का प्रबंध इसी बिल्डिंग के अंदर ही किया जाता था ताकि बाहरी दुनिया को इसकी भनक न लगे.
पीड़ितों के मुताबिक, उन पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखी जाती थी. उनके मोबाइल फोन और गतिविधियों पर सख्त पहरा था. घर वालों या किसी भी रिश्तेदार को कंपनी के कामकाज और सच्चाई के बारे में बताने की सख्त मनाही थी. अगर कोई भी युवक या युवती इस अमानवीय व्यवस्था का विरोध करता था, तो कंपनी के संचालक उनके साथ बेरहमी से मारपीट करते थे और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर दहशत में रखते थे.
बंधक बनाए गए युवाओं ने खुलासा किया कि उन्हें डरा-धमकाकर उनके रिश्तेदारों, परिचितों और कंपनी द्वारा मुहैया कराए गए रैंडम नंबरों पर कॉल करने के लिए मजबूर किया जाता था. उन पर हर हाल में नए लोगों को इस तथाकथित नेटवर्किंग चैन से जोड़ने का भारी मानसिक दबाव बनाया जाता था. इस जालसाजी का शिकार हुए अधिकांश पीड़ित बिहार और झारखंड के सीधे-साधे ग्रामीण इलाकों के हैं, जो रोजगार की तलाश में इस फर्जी कंपनी के चंगुल में फंस गए थे.
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इस पूरे मामले पर एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि पुलिस ने मुखबिर और गोपनीय सूचना के आधार पर इस ठिकाने पर छापेमारी की थी. मौके से युवक-युवतियों को सकुशल मुक्त करा लिया गया है. कार्रवाई के दौरान इस रैकेट से जुड़े कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है. हिरासत में लिए गए आरोपियों से पुलिस लाइंस और थाने में गहनता से पूछताछ की जा रही है. यह नेटवर्क कहां-कहां फैला है और इसका मुख्य सरगना कौन है, इसका पता लगाने के लिए कड़ियों को जोड़ा जा रहा है. जल्द ही इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि इसी तरह का एक मामला सारनाथ क्षेत्र में सामने आया था.



