बोतल बंद पानी पी रहे तो हो जाएं सचेत, पांच प्लांट के लाइसेंस निलंबित, ये बताई जा रही वजह

वाराणसी : बोतल बंद पानी पीने से पहले हो जाएं सचेत क्योंकि बोतल बंद पानी में लगातार कमी की शिकायत पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की. जिले के 33 पानी के प्लांट में से पांच के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं. पांच को नोटिस दी गई हैं और 19 नमूने लखनऊ लैब में भेजे गए हैं. निलंबित व नोटिस वाली प्लांट से 14 दिन में जवाब मांगा गया है. वहीं, 14 प्लांट पहले से ही बंद हैं. बोतलबंद पानी का चलन तेजी से बढ़ा है. लगातार प्लांट की संख्या भी बढ़ी है. मगर, कई प्लांट के मानक पूरा न करने के चलते गड़बड़ियों की शिकायत आ रही है. खाद्य विभाग लखनऊ के निर्देश पर अंतर जनपदीय टीम ने प्लांटों की जांच की.
मानक पर नहीं उतरे खरे
सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि 19 प्लांटों की जांच में पांच में ज्यादा गड़बड़ी पाई गईं. उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं. जांच के लिए लखनऊ लैब में भेजा गया है. निलंबित प्लांट में काम बंद करवाया गया है. मानक पूरा होने के बाद ही प्लांट में काम होगा. बताया कि निलंबित प्लांट मानक का पालन नहीं करती हैं तो उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे. नमूने में गड़बड़ी मिलती है तो विधिक कार्रवाई की जाएगी.
ये हैं निलंबित प्लांट : एआर एसोसिएट, भाग्यश्री इंटर प्राइजेज, अशोका वाटर, अथरवा एसोसिएट, जय मिनरल इंडस्ट्रीज, साईं नीर है. इन प्लांटों के बोतल फूड ग्रेड के मानक पर न होना, पानी की टंकी व पाइपलाइन की सफाई न होने, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की आपूर्ति के बैच का डाटा और सफाई न होने आदि की कमियां पाई गई हैं. जबकि आरडी एंड संस, मेसर्स क्लीनर सी, बीडी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, कुबेर इंडस्ट्रीज, शिव इंटरप्राइजेज को नोटिस दिया गया है.
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छह महीने जेल और 10 लाख जुर्माने का प्रावधान : निलंबित प्लांट के मानक दोबारा न पूरे होने पर लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे, नमूने जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर पांच से 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. छह महीने जेल की कार्रवाई की जाएगी.


