नौका संचालन में नियमों की अनदेखी पडी भारी, छह नाविकों पर केस दर्ज

वाराणसी: गंगा में नियमों की अनदेखी और लापरवाही पूर्वक नौका संचालन करने वाले छह नाविकों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है. उनकी नावों को भी सीज कर दिया गया है. वृंदवन नाव हादसे से सबक लेते हुए भेलूपुर, दशाश्वमेध, कोतवाली पुलिस ने रविवार को अभियान चलाया. देर शाम तक गंगा में गश्त कर नियमों के पालन के लिए नाविकों को चेतावनी दी गई.

बिना लाइफ जैकेट पहने नावों पर सवार दिखे लोग
इस अभियान के दौरान कई नावों पर बिना लाइफ जैकेट पहने लोग सवार दिखे. कई नावों पर क्षमता से अधिक सवारी बैठी भी दिखाई दी. एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने नाव पर सवार होकर गंगा में गश्त किया. इस दौरान उन्हें तीन नावें दिखाई दीं जिनपर लोग बिना लाइफ जैकेट पहने बैठे थे. पुलिस को देखकर नाविक उनको लाइफ जैकेट पहनाने लगे लेकिन पुलिस सख्ती करते हुए नाविकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उनकी नावों को सीज कर दिया. उनके निर्देश पर गंगोत्री विहार कॉलोनी नगवां निवासी बबलू साहनी, मीरजापुर थाना क्षेत्र के अदलपुरा निवासी यश साहनी और दिनेश साहनी के खिलाफ भेलूपुर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया.

सीज हुआ कई नाव
दशाश्वमेध थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने गश्त के दौरान लापरवाही बरतने वाले मलहिया टोला, पुराना रामनगर के अजीत साहनी, मुकेश साहनी, चंदौली के बलुआ निवासी विशाल निषाद को पकड़ा. उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. मीरघाट पर पुलिस ने इनकी नावों को रोका और उन्हें सीज कर दिया. कोतवाली प्रभारी दयाशंकर सिंह ने गंगा में गश्त के दौरान सवारियों को बिना लाइफ जैकेट के ले जाने वाले सोनारपुरा के उत्तम सरकार, मानसरोवर के रवि वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए इनकी नाव को सीज कर दिया.
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गंगा घाटों पर बढ़ती भीड़ नावों की संख्या और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं. काशी के प्रमुख घाटों पर एक ओर जल यातायात को व्यवस्थित करने के लिए तीन किलोमीटर लंबा वाटर डिवाइडर बिछाने की तैयारी की जा रही है तो दूसरी ओर गंगा पार रेती क्षेत्र में पुलिस बूथ का निर्माण कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है.

प्रशासन का उद्देश्य घाटों पर बढ़ते दबाव के बीच संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है. प्रशासन द्वारा दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट जैसे प्रमुख स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. नाविकों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और इसके लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है.



