IIA एक्सपो: कभी लगा था पिछड़े जिले का ठप्पा, अब निवेश संग उद्योग और व्यापार को मिल रही रफ्तार

वाराणसी - पूर्वांचल का पिछड़ा जिला कहा जाने वाला वाराणसी अब निवेश, उद्योग और व्यापार का अंतरराष्ट्रीय हब बन गया है. यहां कभी उद्योगपति निवेश से कतराते थे, लेकिन आज काशी में निवेश के साथ उद्योग और व्यापार को रफ्तार मिल रही है. ये बातें राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन की ओर से नदेसर स्थित एक होटल में आयोजित इंटरनेशनल टूरिज़्म एंड हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में कही. कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने प्रदर्शनी का फीता काटकर किया. राष्ट्रीय महासचिव दीपक कुमार बजाज ने कहा कि इस एक्सपो का मुख्य उद्देश्य वैश्विक निवेश की संभावनाओं को साकार करना, नए उद्योगों को बढ़ावा देना और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है. यह एक्सपो विकसित भारत–2047 के संकल्प में मील का पत्थर साबित होगा.
इन्वेस्ट यूपी एवं स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन सत्र

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ, सेवानिवृत्त आईएएस मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आईआईए द्वारा दिए गए कई सुझावों को सरकार ने अमल में लाया है, जिससे प्रदेश के विकास को पंख लगे हैं. आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा कि काशी में अंतरराष्ट्रीय एक्सपो इसलिए लगाया गया क्योंकि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के कारण यह विश्व पटल पर पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है. वर्ष 2024 में गोवा से अधिक पर्यटक काशी पहुंचे.
वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कहा कि इस एक्सपो के माध्यम से पर्यटन और कारोबार में जबरदस्त वृद्धि होगी. खासकर होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल और क्रूज ऑपरेटर, इवेंट मैनेजर, खाद्य-पेय ब्रांड, लॉजिस्टिक्स समेत कई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. इसका उद्देश्य स्टार्ट-अप्स को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निवेशकों, टूर ऑपरेटरों और एग्रीगेटर्स से जोड़ना, संयुक्त उद्यम, फ्रेंचाइजी, गंतव्य विकास परियोजनाओं और पीपीपी अवसरों के माध्यम से निवेश को बढ़ाना है.
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निवेश और निर्यात का केंद्र बनकर उभरा उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि एक्सपो में 85 से अधिक प्रदर्शकों द्वारा भारतीय उत्पादों, कला तथा होटल इंडस्ट्री में उपयोग होने वाले उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं. उत्तर प्रदेश पूरे भारत में निवेश, निर्यात और आयात का केंद्र बनकर उभरा है. व्यापार सुगमता, निवेश संभावनाओं तथा पर्यटन एवं आतिथ्य परियोजनाओं के लिए प्रदेश को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है.
काशी पूरे देश में विकास का मॉडल: मेयर
कार्यक्रम में मेयर अशोक तिवारी ने कहा कि 2014 से पहले पूर्वांचल को मिनी चंबल कहा जाता था. आज भाजपा सरकार में उत्तर प्रदेश में तेजी से विकास हुआ है. विश्व के कई देशों से निवेशक यहां निवेश कर चुके हैं. पर्यटन के क्षेत्र में काशी पूरे देश की कनेक्टिविटी बनी हुई है. काशी पूरे देश में विकास का मॉडल बना हुआ है.
इस दौरान अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. ए.के. त्यागी, आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. चौधरी, महासचिव दीपक कुमार बजाज, कोषाध्यक्ष अवधेश अग्रवाल, एक्सपो संयोजक उमाशंकर अग्रवाल, मेयर अशोक तिवारी, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, नेशनल टूरिज्म कमेटी के अध्यक्ष राहुल मेहता मौजूद रहे। कार्यक्रम में 6 देशों से आए नीति-निर्माता, राजनयिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, प्रदर्शक तथा विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल रहे.



