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पुरातत्व विभाग की जमीन पर बना आईएमए भवन, नक्‍शा निरस्‍त करने की मांग

पुरातत्व विभाग की जमीन पर बना आईएमए भवन, नक्‍शा निरस्‍त करने की मांग
Jul 15, 2026, 07:58 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भवन के स्वीकृत नक्शे को निरस्त करने की मांग करते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा को ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने दावा किया कि जिस भूमि पर आईएमए का भवन स्थित है, वह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षित संपत्ति है और राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में दर्ज है.


नित्यानंद राय ने कहा कि एएसआई के सारनाथ अंचल के अभिलेखों में यह स्थल संरक्षित स्मारक के रूप में दर्ज है. उनका आरोप है कि सरकारी दस्तावेज इस भूमि पर आईएमए के कब्जे को अवैध साबित करते हैं. उन्होंने कहा कि प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम के तहत किसी भी राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारक के 100 मीटर के दायरे में निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है, जबकि 100 से 200 मीटर की परिधि में किसी भी निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होती है. ऐसे में इस भवन का स्वीकृत नक्शा निरस्त किया जाना चाहिए.


नित्यानंद राय ने इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व भी बताया. उनके अनुसार, शिवाला क्षेत्र 1781 में हुए अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है. उन्होंने दावा किया कि उस समय वारेन हेस्टिंग्स को बुर्का पहनकर भागना पड़ा था और कई अंग्रेजों की मौत हुई थी, जिनके शव इसी परिसर में दफन हैं. उन्होंने कहा कि यह स्थान ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी है और इसकी विरासत को संरक्षित किया जाना चाहिए.


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आईएमए के अध्यक्ष बोले..


वहीं, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आईएमए भवन का नक्शा वीडीए ने सभी नियमानुसार स्वीकृत किया है. उन्होंने कहा कि जो लोग भवन को पुरातात्विक स्थल बताकर विवाद खड़ा कर रहे हैं, वे विकास विरोधी हैं और राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक है.

विश्‍व पर्यटन सप्‍ताह: पर्यटकों ने फैम ट्रिप में किया धार्मिक स्थलों का भ्रमण
विश्‍व पर्यटन सप्‍ताह: पर्यटकों ने फैम ट्रिप में किया धार्मिक स्थलों का भ्रमण
वाराणसी : टूरिज्म गिल्ड का विश्व पर्यटन सप्ताह सोमवार से शुरू हुआ. पहले दिन प्रॉपर्टी विजिट फैम ट्रिप किया गया. इसके अंतर्गत सदस्यों ने स्वर्वेद मंदिर, मार्कंडेय महादेव मंदिर, गंगा डाल्फिन साइट, चंद्रावती जैन मंदिर का भ्रमण किया. संगठन के अध्यक्ष सुभाष कपूर, भारत पर्यटन के सहायक निदेशक अमित गुप्ता, उपाध्यक्ष बृजेश सिंह एवं सचिव सौरभ पांडेय ने बताया कि दूसरे दिन 22 सितंबर को होलापुर स्थित संत अतुलानंद रेजिडेंशियल एकेडमी में किस्सागोई और 23 को विश्व धरोहर सारनाथ का भ्रमण होगा्. 24 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस की आधिकारिक थीम ‘पर्यटन को नया स्वरूप देने के लिए डिजिटल एजेंडा और एआई’ विषयक संगोष्ठी नदेसर स्थित अर्बन फूड कोर्ट में होगी.25 को विरासत एवं ज्ञान भ्रमण में बीएचयू के भारत कला भवन का दौरा जबकि 26 को होटल रीजेंसी में टूरिज्म सेंसिटाइजेशन के आयोजन में पर्यटन से जुड़े विभिन्न संगठन शामिल लेंगे. 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर दो सत्रों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. प्रथम सत्र में टूरिज्म वॉक का आयोजन होटल डि पेरिस से वरुणा किनारे शास्त्री घाट तक जबकि दूसरे में वाराणसी एयरपोर्ट पर आने वाले पर्यटकों का संगीतमय स्वागत किया जाएगा.ALSO READ:मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केसयूपी में बनारस अन्य शहरों के मुकाबले पर्यटकों को सबसे ज्यादा लुभाने वाला शहर बनकर उभरा है. विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को हर दिन कुछ नया दिखाने और घूमने के नए स्थल तैयार करने के लिए पर्यटन विभाग कई प्लान तैयार कर रहा है. बनारस में 40 गलियों के कायाकल्प का प्लान है. पर्यटन विभाग ने पांच गलियों को अपने स्तर पर तैयार करने का बीड़ा उठाया है.
मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
वाराणसी : पूर्व वायुसेना अधिकारी के मृत भाई की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति धोखे से हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे. वर्ष 2017 में वह भारत लौटे और वाराणसी स्थित पैतृक निवास के अलावा एंबी वैली में रहने लगे. आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल करने के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया.तहरीर के अनुसार, दंपती ने राय विमल कुमार को शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी भी बनवा लिया. राय अजय कुमार ने आरोप लगाया कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद करीब 40 करोड़ रुपये की राशि आरोपियों ने अपने खातों में स्थानांतरित कर ली.ALSO READ:समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाएतहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट की. मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि कैलाश दाम मालखेड़े, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरूप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा और वैभव देवीदास घुगरे समेत छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए
समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए
वाराणसी : साइबर अपराध के नित-नए तरीकों और आधुनिक ठगी के तौर-तरीकों पर नकेल कसने के लिए वाराणसी कमिश्‍नरेट पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है. सोमवार की देर शाम कैम्प कार्यालय में आयोजित साइबर क्राइम समीक्षा गोष्ठी में पुलिस कमिश्‍नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि वाराणसी की पुलिसिंग में समयानुकूल बदलाव बेहद जरूरी है. साइबर ठगों के केवल प्यादों तक न सीमित रहकर, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए. प्रत्येक जोन साइबर प्रभारी को 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए. पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल तकनीकी संसाधनों और इंटेलिजेंस को मजबूत करना ही काफी नहीं है, बल्कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और समयबद्ध निस्तारण से ही जनता का विश्वास और मजबूत होगा.पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध के इकोसिस्टम को तोड़ने के लिए निर्देश दिए. म्यूल एकाउंट खुलवाने और संचालित करने वालों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए. अवैध रूप से सिम जारी करने वाली एजेंसियों व डीलरों और फर्जी कॉल सेंटरों पर शिकंजा कसा जाए. एटीएम से पैसे निकालने वाले गिरोहों की पहचान कर वित्तीय फ्रॉड की रकम को तुरंत होल्ड कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. पुलिस आयुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों की सराहना करते हुए कार्रवाई को और परिणामपरक बनाने पर जोर दिया. समीक्षा बैठक में पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू, पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पांडेय, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र समेत सभी जोनों के साइबर प्रभारी और थानों के साइबर नोडल अधिकारी रहे.एक साल में साइबर पर ताबड़तोड़ प्रहारपुलिस आयुक्त ने मोहित अग्रवाल ने बताया कि एक साल में साइबर अपराधियों पर लगातार वार किया गया. संगठित ठगी करने वाले 58 गिरोहों का भंडाफोड़ कर 277 अपराधियों को जेल भेजा गया. 'डिजिटल अरेस्ट' के 5 मामलों में 36 आरोपी गिरफ्तार किए गए. इनसे 1.20 करोड़ नकदी, वाहन और डिजिटल उपकरण बरामद हुए. फर्जी नौकरी, निवेश और विदेशी नागरिकों को ठगने वाले 15 अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश कर 175 आरोपी दबोचे गए. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की लगभग 17 हजार शिकायतों का समाधान, पीड़ितों के 25 करोड़ खाते में होल्ड कराए गए और प्रक्रिया पूरी कर 4.5 करोड़ पीड़ितों को वापस दिलवाए गए. ठगी में उपयोग 10 हजार से अधिक मोबाइल नंबर और 8262 आईएमईआई नंबरों को हमेशा के लिए ब्लॉक कराया गया.संगठित साइबर नेटवर्क चलाने वाले 21 मुख्य आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई. ठगों के झांसे व प्रलोभन में फंसे 550 नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया और 17 चार-पहिया वाहन जब्त किए गए. वहीं, स्कूल-कॉलेजों और चौराहों पर अभियान चलाकर 25 हजार से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के उपाय बताए गए.ALSO READ:मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस