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BHU महिला महाविद्यालय में ‘सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से काशी’ विषयक सप्तदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

BHU महिला महाविद्यालय में ‘सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से काशी’ विषयक सप्तदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ
Aug 19, 2026, 11:06 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालय में मंगलवार को ‘सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से काशी’ विषयक सप्तदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, 24 अगस्त तक चलने वाली इस राष्ट्रीय कार्यशाला में काशी की बहुआयामी सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पक्षों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं विचार-विमर्श किया जाएगा. कार्यशाला में काशी के प्राचीन मंदिरों, स्थापत्य कला, चित्रकला, जैन एवं बौद्ध विरासत, जल-तीर्थों, संग्रहालयों और सांगीतिक विरासत समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी.


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत कोई स्थिर वस्तु नहीं, बल्कि निरंतरता और परिवर्तन की जीवंत प्रक्रिया है. समय के साथ इसमें नई धाराएं जुड़ती रहती हैं. और सांस्कृतिक प्रवाह की दिशा भी बदलती रहती है. उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक आयोजनों की पहुंच अधिक से अधिक विद्यार्थियों, शोधार्थियों और काशी की सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखने वाले लोगों तक होनी चाहिए. इसके लिए सोशल मीडिया और ई-मेल जैसे आधुनिक संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाना जरूरी है.


कुलपति ने कहा कि किसी अच्छे अकादमिक कार्यक्रम की सफलता इस बात से तय होती है, कि प्रतिभागी वहां से कोई नई समझ, नया विचार या नया प्रश्न लेकर लौटता है, उन्होंने शोध के महत्व पर कहा कि किसी शोध का मूल्य केवल उसके तत्काल लाभ से नहीं आंका जाना चाहिए, ईमानदारी, अकादमिक प्रतिबद्धता और नैतिक दृष्टिकोण के साथ किया गया शोध भविष्य में ज्ञान की नई संभावनाओं को जन्म देता है.


कार्यक्रम में कला इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मारुति नंदन प्रसाद तिवारी ने बीजवक्तव्य दिया, उन्होंने काशी की सांस्कृतिक विरासत को ज्ञान, भक्ति और आत्मबोध से जोड़ते हुए कहा कि काशी ऐसा स्थान है, जहां व्यक्ति को अपने भीतर के प्रकाश को पहचानने के अनेक अवसर मिलते हैं. काशी की विरासत को केवल ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों के माध्यम से नहीं, बल्कि उनके पीछे निहित ज्ञान, चिंतन और जीवन-दृष्टि के माध्यम से समझना आवश्यक है.


उन्होंने कहा कि काशी की सांस्कृतिक चेतना व्यक्ति को ‘मैं’ से ‘हम’ की ओर ले जाती है. ‘हम’ की भावना से समष्टि और सर्वकल्याण का भाव विकसित होता है, काशी के घाटों को एक माला के समान बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक घाट की अपनी विशिष्ट पहचान है, लेकिन सभी घाट मिलकर काशी की समग्र सांस्कृतिक पहचान का निर्माण करते हैं.


प्रो. तिवारी ने काशी के शिव मंदिरों में पंचदेव परंपरा, यहां की उत्सवधर्मिता, संत कबीर और तुलसीदास की परंपरा तथा काशी-नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया, उन्होंने कहा कि भक्ति की वास्तविक अनुभूति तभी होती है, जब व्यक्ति अपने आराध्य के गुणों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करे, काशी की विरासत व्यक्ति को ज्ञान, भक्ति, सेवा, समरसता और सर्वकल्याण की प्रेरणा देती है.


महिला महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीता सिंह ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि काशी केवल देखी नहीं जाती, बल्कि इसे महसूस और जिया जाता है. उन्होंने कहा कि काशी विविधता में एकता का जीवंत स्वरूप है, जहां धर्म, दर्शन, साहित्य, संगीत, कला और लोकजीवन की अनेक परंपराएं एक साथ मौजूद हैं,


कार्यशाला की संयोजिका एवं महिला महाविद्यालय के कला इतिहास विभाग की डॉ. आभा मिश्रा पाठक ने कहा कि काशी की धार्मिक, साहित्यिक, कलात्मक, स्थापत्य, सांगीतिक और लोक परंपराएं इसकी जीवंत सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं, उन्होंने कहा कि काशी की विरासत केवल स्मारकों और ऐतिहासिक स्थलों में नहीं, बल्कि यहां के लोगों के दैनिक जीवन, भाषा, खान-पान, कला, संगीत और धार्मिक परंपराओं में भी जीवित है.


कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर ‘सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से काशी’ पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया, पुस्तक के लेखक डॉ. आभा मिश्रा पाठक और डॉ. रामबाबू श्रीवास्तव हैं, पुस्तक में काशी की सांस्कृतिक विरासत तथा सांस्कृतिक पर्यटन से जुड़े विभिन्न आयामों को प्रस्तुत किया गया है.


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आयोजकों के अनुसार, सात दिवसीय कार्यशाला के दौरान काशी के प्राचीन मंदिरों, स्थापत्य कला, चित्रकला, जैन एवं बौद्ध विरासत, जल-तीर्थों, संग्रहालयों तथा काशी की सांगीतिक परंपरा सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे, कार्यशाला का उद्देश्य काशी की विरासत को व्यापक अकादमिक दृष्टि से समझने के साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ना भी है.


कार्यक्रम का संचालन डॉ. धीरज कुमार मिश्रा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. धीरेंद्र नाथ चौबे ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार राजन श्रीवास्तव समेत शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे.

पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र ने रविवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी पहुंचकर परिसर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय, लालभवन, पाणिनी भवन, शताब्दी भवन अतिथि गृह, श्रमण विद्या संकाय, श्री श्री आनंदमयी महिला छात्रावास और ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान दुर्गा शंकर मिश्र ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और जरूरत के अनुसार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजाऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र में उन्होंने संचालित ऑनलाइन डिप्लोमा कक्षाओं का भौतिक अवलोकन किया। उन्होंने तकनीकी और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए इसे और प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को देश-विदेश तक पहुंचाने की संभावनाओं पर जोर दिया।पांडुलिपियों को बताया भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य निधिदुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण कार्यों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। ‘उत्कृष्ट ज्ञान भारतम्’ द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक ट्रीटमेंट और डिजिटलीकरण की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि ये पांडुलिपियां भारतीय मनीषा की अमूल्य ज्ञान-संपदा हैं। इनका वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।संग्रहालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक एवं ज्ञानपरक सामग्री को देखा और इसके संरक्षण, संवर्धन तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया।सीएसआर से हो रहे विकास कार्यों की सराहनादुर्गा शंकर मिश्र ने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड के माध्यम से परिसर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं और विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल सहित बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दुर्गा शंकर मिश्र का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक और ज्ञानपरक विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। पांडुलिपियों का संरक्षण, संग्रहालय का संवर्धन और ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा का विस्तार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।ALSO READ: जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...निरीक्षण के दौरान कुलानुशासक, वैज्ञानिक प्रो. जितेन्द्र कुमार अधिकारी, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. विजेन्द्र आर्य, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...
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वाराणसी:T10 टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीमें 29 सितंबर को जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करने जा रहे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए *रमना ग्राम प्रधान अमित कुमार पटेल* और *BHU चौकी इंचार्ज सौरभ तिवारी* बिरला ग्राउंड पहुंचे।इस दौरान दोनों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मंच पर खेलते समय जीत हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान पर एकजुट होकर पूरी मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ खेलने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करते हैं तो उनके प्रदर्शन के साथ-साथ उनका व्यवहार और अनुशासन भी क्षेत्र की पहचान बनता है। ऐसे में सभी खिलाड़ी आपसी तालमेल बनाए रखते हुए बेहतर प्रदर्शन करें और खेल के नियमों का सम्मान करें।उत्तर प्रदेश की टीम में कप्तान कार्तिक गुप्ता के साथ विनायक जायसवाल, हर्षित विश्वकर्मा, सूरज यादव, उज्जवल, अंकित, रोहित, सिद्धार्थ, मिलित, ऋषभ, हिमांशु, रौनक और हर्ष शामिल हैं।वहीं पूर्वांचल की टीम की कमान कृष्णा जायसवाल संभालेंगे। टीम में प्रथम जायसवाल, आर्यन चौबे, बादल, आयुष चौबे, प्रीतम, सौरभ, वैभव, अनवर, सार्थक, यश सिंह, मयंक और पृथ्वी शामिल हैं।खिलाड़ियों ने भी आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता को लेकर उत्साह व्यक्त किया। खिलाड़ियों ने कहा कि वे पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ जम्मू-कटरा पहुंचेंगे तथा मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीम की गरिमा बनाए रखने तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का संकल्प लिया।ALSO READ: देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापादेह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापा29 सितंबर को दोनों टीमें जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी, जहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाली टीमों के साथ मुकाबला होगा।
देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापादेह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापा
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वाराणसीः कैंट रेलवे स्टेशन के सामने टवेरा गली स्थित एक गेस्ट हाउस में पुलिस ने देर रात छापेमारी की. पुलिस के मुताबिक, गेस्ट हाउस में भोजनालय और बस सेवा की आड़ में अनैतिक गतिविधियां चलने की सूचना मिली थी. शिकायत के बाद एसीपी चेतगंज के नेतृत्व में सिगरा पुलिस की टीम ने गेस्ट हाउस में कार्रवाई की. पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया.पुलिस के अनुसार, मौके से चार महिलाएं और तीन युवकों के साथ ही गेस्ट हाउस संचालक और अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने गेस्ट हाउस के कमरों और रिकॉर्ड की जांच की. वहां मौजूद युवक-युवतियों से भी पूछताछ की गई. पुलिस ने कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने का दावा किया है.ALSO READ: चीन से गोल्ड मेडल लेकर लौटी हाकी खिलाड़ी मधु को किया गया सम्मानित ...अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गतिविधियां कब से चल रही थीं और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं. मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है. कैंट क्षेत्र में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है. स्टेशन के आसपास महिलाएं मौजूद रहती हैं यात्रियों व अन्य लोगों के साथ गलत व्यवहार करती हैं.