वाराणसी में होली पर हर्बल रंगों की बढ़ी मांग, बच्चों में खास उत्साह

वाराणसी : के प्रसिद्ध गोला दीनानाथ मार्केट में रंगों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है. रंग विक्रेताओं का कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी हर्बल रंगों की खूब बिक्री हो रही है. लोगों में अब जागरूकता बढ़ी है और वे त्वचा व पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
क्यों बढ़ी हर्बल रंगों की मांग?
रंग विक्रेताओं के अनुसार, हर्बल रंग फूलों और प्राकृतिक तत्वों से तैयार किए जाते हैं. इनमें किसी प्रकार के हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता, जिससे त्वचा और आंखों को नुकसान नहीं पहुंचता. बाजार में इस बार गुलाब, गेंदा और अन्य सुगंधित फूलों से बने गुलाल उपलब्ध हैं, जो न सिर्फ सुरक्षित हैं बल्कि खुशबूदार भी हैं.
दुकानदारों का कहना है कि पहले जहां ग्राहक कीमत को प्राथमिकता देते थे, वहीं अब लोग गुणवत्ता और सुरक्षा को ज्यादा महत्व दे रहे हैं. बच्चों की नाजुक त्वचा को ध्यान में रखते हुए माता-पिता हर्बल रंग ही खरीदना पसंद कर रहे हैं.
बच्चों में खास उत्साह
बाजार में रंग-बिरंगे पैकेट्स और आकर्षक पैकिंग बच्चों को खासा लुभा रही है.छोटे बच्चे अपने पसंदीदा रंग चुनते नजर आ रहे हैं. कई दुकानों पर कार्टून थीम वाले पैक भी उपलब्ध हैं, जो बच्चों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं.
पर्यावरण के प्रति बढ़ी जागरूकता
हर्बल रंगों की बढ़ती मांग के पीछे पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी एक बड़ा कारण है.लोग अब ऐसी होली मनाना चाहते हैं जो सुरक्षित होने के साथ-साथ प्रकृति के अनुकूल भी हो.प्राकृतिक रंग आसानी से साफ हो जाते हैं और पानी को प्रदूषित भी नहीं करते.
ALSO READ:होलिका दहन में 'रेढ़' का महत्व और औषधीय गुण: जानिए क्यों खास है गांवों का पारंपरिक विधि-विधान
कुल मिलाकर, इस बार काशी में हर्बल गुलाल का बाजार पूरी तरह गुलजार है. सुरक्षित, सुगंधित और आकर्षक रंगों के साथ बच्चे भी उत्साह से कह रहे हैं— “होली में रंग डालेंगे!”



